राष्ट्रीय राजधानी स्थित कमानी ऑडिटोरियम में वरिष्ठ नागरिकों के उल्लास, सांस्कृतिक रंगों और पारिवारिक आदर का एक अनूठा संगम देखने को मिला। ‘हमारी संस्कृति हमारा अंदाज’ शीर्षक से आयोजित इस भव्य समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ऑडिटोरियम में जीवन के सातवें, आठवें और नौवें दशक का सफर तय कर चुके बुजुर्गों के चेहरे पर खिली मुस्कुराहट देखकर मुख्यमंत्री ने दिली खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आम तौर पर सामाजिक गतिविधियों के दौरान इतने सारे उम्रदराज चेहरों को एक साथ खिलखिलाते, नाचते और जीवन का आनंद लेते देखना बेहद दुर्लभ होता है।
वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब की दो दशक से अधिक की सेवा यात्रा
इस पूरे आयोजन की धुरी वरिष्ठ नागरिक केसरी क्लब रहा, जिसकी शुरुआत 1 अक्टूबर 2004 को पंजाब केसरी ग्रुप की डायरेक्टर किरण चोपड़ा ने की थी। यह संस्था पिछले लगभग 22 वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में बुजुर्गों के स्वाभिमान, देखभाल और सम्मानजनक जीवन के लिए निरंतर सक्रिय है। मंच से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किरण चोपड़ा के सामाजिक योगदान की भरपूर सराहना की। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को प्रसन्न रखना और उन्हें अकेलापन महसूस न होने देना एक पुनीत कार्य है, और इस नेक काम के लिए सभी वरिष्ठ जनों का आशीर्वाद उनके साथ है। कार्यक्रम में संस्था की 22 साल की इस मानवीय यात्रा और बुजुर्गों के सामाजिक जुड़ाव पर प्रकाश डाला गया।
आयुष्मान वय वंदना और वयो आनंद से संवर रही बुजुर्गों की जिंदगी
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार द्वारा बुजुर्गों के हित में संचालित की जा रही प्रमुख योजनाओं का विस्तृत ब्योरा पेश किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना लागू की है। इस स्वास्थ्य योजना के दायरे में आने वाले पात्र बुजुर्गों को गंभीर बीमारियों के समय 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है, जिससे उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘वयो आनंद’ योजना का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना के अंतर्गत बुजुर्गों के कल्याण में जुटे संगठनों को उनकी गतिविधियों के संचालन हेतु प्रति माह 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जा रही है, ताकि वरिष्ठ नागरिक समूह नियमित रूप से अपनी गतिविधियां संचालित कर सकें।
केयरगिविंग स्किल कोर्स और ओल्ड एज होम के संचालन पर बड़ा बयान
बुजुर्गों की देखभाल की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार के भावी कदमों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने एक नई घोषणा की। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार अपने स्किल सेंटर के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की सेवा और देखभाल से जुड़ा एक विशेष प्रशिक्षण कोर्स आरंभ करने जा रही है। इस कोर्स के माध्यम से युवाओं को बुजुर्गों की पेशेवर और भावनात्मक देखभाल के तौर-तरीके सिखाए जाएंगे, जिसका सीधा लाभ घरों में रहने वाले वृद्धजनों को मिलेगा।
ओल्ड एज होम की आवश्यकता पर बात करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि जरूरत महसूस होने पर दिल्ली सरकार नए वृद्धाश्रमों का निर्माण भी करा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अथवा सामाजिक संस्था बुजुर्गों के आश्रम के प्रबंधन का दायित्व संभालने के लिए आगे आती है, तो सरकार इस दिशा में मिलकर काम करने को तत्पर है। इसी संदर्भ में उन्होंने किरण चोपड़ा की प्रशासनिक व सेवा भावना का उल्लेख करते हुए टिप्पणी की कि उनसे बेहतर वृद्धाश्रम का संचालन और कौन संभाल सकता है।
80-90 साल के बुजुर्गों के मनमोहक नृत्य ने बांधा समां
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ पारंपरिक गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके तुरंत बाद मंच पर जो दृश्य उभरा, उसने सभागार में मौजूद हर शख्स को भावविभोर कर दिया। 80 और 90 वर्ष के बुजुर्ग जोड़ों ने पूरे तालमेल और उमंग के साथ मंच पर युगल नृत्य प्रस्तुत किया। ढलती उम्र की सीमाओं को दरकिनार करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के इस उत्साह ने समूचे ऑडिटोरियम को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया।
आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण 80 वर्षीय प्रतिभागी रहीं, जिन्हें दर्शकों ने ‘डांसिंग दादी’ का खिताब दिया। उन्होंने सदाबहार हिंदी गीत ‘पीया तोसे नैना लागे रे’ की मधुर धुनों पर थिरकते हुए अपनी जीवंत कला का प्रदर्शन किया। उनकी ऊर्जा और भाव-भंगिमा देखकर दर्शक सीटों से उठकर झूमने लगे। इसके बाद विभिन्न बुजुर्ग जोड़ों की सुंदर प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को भावुक और आनंदित कर दिया।
परिवार में बुजुर्गों की सेवा का सम्मान: बांटे गए विशिष्ट पुरस्कार
‘हमारी संस्कृति हमारा अंदाज’ कार्यक्रम का मकसद केवल वरिष्ठ जनों को मंच प्रदान करना ही नहीं था, बल्कि परिवार में बुजुर्गों की निस्वार्थ सेवा करने वाले परिजनों को सार्वजनिक रूप से मान देना भी रहा। मंच से विभिन्न अनूठी श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए, जिनमें बेस्ट सन, बेस्ट ब्रांच, बेस्ट फादर-इन-लॉ और बेस्ट दादी जैसे सम्मान शामिल थे। यह पहल समाज को यह संदेश देने के लिए रखी गई कि बुजुर्गों की सेवा करना केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि पारिवारिक गर्व का विषय है।
इस जलसे में राजनीति और समाज के कई जाने-माने चेहरे शामिल हुए। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ संगीता जेटली, बांसुरी स्वराज, आशीष सूद और सोनल मान सिंह ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। संगीता जेटली ने मंच से परिवार के समर्पित पुत्रों को बेस्ट सन का पुरस्कार प्रदान किया। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने हाथों से बेस्ट ब्रांच और बेस्ट दादी के सम्मान बांटे। इस अवसर पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना की धर्मपत्नी राज खुराना को भी बेस्ट दादी के सम्मान से नवाजा गया।



















