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त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली की आबोहवा हुई जहरीली, औसत वायु गुणवत्ता 331 दर्ज होने के बाद ग्रैप-2 लागूभारत
3 नव॰ 2026, 7:39 am (43 मिनट पहले)· 0

त्योहारी सीजन से पहले दिल्ली की आबोहवा हुई जहरीली, औसत वायु गुणवत्ता 331 दर्ज होने के बाद ग्रैप-2 लागू

राजधानी दिल्ली में दीवाली से पहले ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। मंगलवार को शहर के आठ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 पार दर्ज होने के बाद स्थिति को संभालने के लिए ग्रैप-2 के तहत कड़े प्रतिबंध लागू किए गए हैं।

त्योहारी सीजन की शुरुआत से पहले ही देश की राजधानी में वायु गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। आतिशबाजी शुरू होने से पहले ही शहर के कई हिस्सों में वातावरण में प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ चुका है। इस दमघोंटू स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि कई लोग मौसमी बीमारियों और श्वसन संबंधी तकलीफों की चपेट में आने लगे हैं। मंगलवार के आंकड़ों के अनुसार, कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 400 के गंभीर आंकड़े को पार कर खतरनाक श्रेणी में दर्ज किया गया है।

आठ प्रमुख निगरानी केंद्रों पर हालात गंभीर

राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में लगाए गए प्रदूषण मापक तंत्रों के ताजा आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि मंगलवार को शहर के आठ मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ यानी सीवियर श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर, समूची दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 331 रिकॉर्ड किया गया, जो मानकों के आधार पर ‘बेहद खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आता है। हवा में फैले इस गाढ़े धुंधलेपन ने सामान्य दिनचर्या के साथ-साथ सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालना शुरू कर दिया है।

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प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रैप-2 के उपाय सक्रिय

प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन के तहत सोमवार से दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान का दूसरा चरण यानी ग्रैप-2 आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इसके तहत धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर सख्ती और अन्य तात्कालिक उपायों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में प्रदूषण को और विकराल रूप लेने से रोका जा सके।

सवाल-जवाब

दिल्ली में ग्रैप-2 कब लागू किया गया?
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली में सोमवार से ग्रैप-2 लागू किया गया है।
मंगलवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक कितना दर्ज हुआ?
मंगलवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 331 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है।
दिल्ली के कितने मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा गंभीर श्रेणी में पाई गई?
राजधानी के 8 अलग-अलग मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई 400 पार होकर गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।
क्या यह प्रदूषण पटाखों की वजह से बढ़ा है?
नहीं, आंकड़ों के अनुसार दीवाली से पहले बिना पटाखे जले ही हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·5 मिनट पहले

अभी तो दीवाली आई भी नहीं और हाल ये हो गया है। सांस लेना दूभर होने लगा है, हर साल यही ड्रामा देखना पड़ता है और प्रशासन बस कागजी पाबंदियां लगाकर सो जाता है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·5 मिनट पहले

अर्जुन, आपकी बात सही है, पर आठ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई का 400 पार जाना सच में डराने वाला है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 मिनट पहले

अभी तो दिवाली आई भी नहीं और आठ जगहों पर एक्यूआई सीधे चार सौ पार पहुँच गया। सोचिए, त्योहार आते-आते क्या हाल होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·28 मिनट पहले

करण, आपकी बात बिल्कुल सही है। पर क्या इस बार ग्रैप-2 के आने से सच में ज़मीन पर कोई फर्क पड़ेगा या सब कागज़ों तक ही सीमित रहेगा?

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