दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर अपने साथी कर्मियों के साथ धरने पर बैठने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय के सीधे निर्देश मिलने के बाद पुलिस विभाग ने मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई राजधानी में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए टकराव के बाद उपजे प्रशासनिक तनाव के बीच हुई है।
ट्रांसफर के फैसले से भड़का था विवाद
शाहदरा इलाके में वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद विभाग ने एसीपी और एसएचओ के ट्रांसफर के आदेश जारी किए थे। इस प्रशासनिक तबादले से पुलिसकर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई। जवानों और अधिकारियों का मानना था कि उन पर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। ट्रांसफर आदेशों के विरोध में पुलिसकर्मी लामबंद होने लगे और उन्होंने अपने असंतोष को सार्वजनिक रूप से जाहिर करने का फैसला किया।
मुख्यालय के बाहर हुआ था जोरदार प्रदर्शन
सोमवार को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मुख्यालय के बाहर हुए इस अभूतपूर्व प्रदर्शन का वीडियो भी व्यापक रूप से सामने आया, जिससे सुरक्षा तंत्र में हलचल मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और सभी जिला डीसीपी को अपने स्टाफ को समझाने और स्थिति संभालने के निर्देश जारी किए गए थे।
मामला सुलझाने के लिए कमेटी का गठन
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस कमिश्नर ने वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जारी तनातनी को शांत करने के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने की घोषणा की। हालांकि, अनुशासनात्मक संहिता के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया और प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले एसीपी को सीधे निलंबित करने का आदेश दे दिया।
























