सिलबट्टे पर ताजे हरे धनिए की चटपटी चटनी तैयार करने का पारंपरिक तरीकामद्रास उच्च न्यायालय ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग आलोचना झेलने की आदत डालें, पार्षद सुधा को मिली अग्रिम राहतआत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान से जीवन जीने की सीख देती हैं सुष्मिता सेनहरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में जाम खत्म करने को दी 136.41 करोड़ रुपये की तीन बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरीगोंडा के छात्र राजा निषाद ने दो बीघे में शुरू की बैंगन की खेती, 20 हजार की लागत से लाखों कमाने का लक्ष्यपलामू में त्योहार की रौनक, विदेशी सजावटी सामानों से घरों को संवारने का नया ट्रेंडदलाल स्ट्रीट पर लगातार दूसरे दिन रौनक, शुरुआती सौदों में सेंसेक्स 76328 पर पहुंचासूरत में दो नाबालिगों की चाकू घोंपकर हत्या, झगड़े के पीछे गेमिंग विवाद का आरोपमिर्जापुर में अर्नब तूफान से तबाह फसलों पर राहत, बिना बीमा वाले किसानों को भी ऐसे मिलेगा मुआवजाअमेरिकी मध्यावधि चुनाव पर टिकी दुनिया की निगाहें, टेक शेयरों में बिकवाली के बीच डाउ जोन्स संभला
पुलिस मुख्यालय पर धरने के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, गृह मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाईदिल्ली
3 नव॰ 2026, 9:40 am (57 मिनट पहले)· 0

पुलिस मुख्यालय पर धरने के बाद एसीपी मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, गृह मंत्रालय के निर्देश पर कार्रवाई

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर साथी पुलिसकर्मियों के साथ प्रदर्शन करने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर अपने साथी कर्मियों के साथ धरने पर बैठने वाले एसीपी मनस्वी वशिष्ठ के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाया गया है। गृह मंत्रालय के सीधे निर्देश मिलने के बाद पुलिस विभाग ने मनस्वी वशिष्ठ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई राजधानी में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए टकराव के बाद उपजे प्रशासनिक तनाव के बीच हुई है।

ट्रांसफर के फैसले से भड़का था विवाद

शाहदरा इलाके में वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद विभाग ने एसीपी और एसएचओ के ट्रांसफर के आदेश जारी किए थे। इस प्रशासनिक तबादले से पुलिसकर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई। जवानों और अधिकारियों का मानना था कि उन पर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। ट्रांसफर आदेशों के विरोध में पुलिसकर्मी लामबंद होने लगे और उन्होंने अपने असंतोष को सार्वजनिक रूप से जाहिर करने का फैसला किया।

ये भी पढ़ें

मुख्यालय के बाहर हुआ था जोरदार प्रदर्शन

सोमवार को एसीपी मनस्वी वशिष्ठ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। मुख्यालय के बाहर हुए इस अभूतपूर्व प्रदर्शन का वीडियो भी व्यापक रूप से सामने आया, जिससे सुरक्षा तंत्र में हलचल मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और सभी जिला डीसीपी को अपने स्टाफ को समझाने और स्थिति संभालने के निर्देश जारी किए गए थे।

मामला सुलझाने के लिए कमेटी का गठन

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस कमिश्नर ने वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जारी तनातनी को शांत करने के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने की घोषणा की। हालांकि, अनुशासनात्मक संहिता के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया और प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले एसीपी को सीधे निलंबित करने का आदेश दे दिया।

सवाल-जवाब

एसीपी मनस्वी वशिष्ठ को क्यों सस्पेंड किया गया?
तबादले के विरोध में पुलिस मुख्यालय के बाहर साथी कर्मियों के साथ धरना देने के कारण गृह मंत्रालय के निर्देश पर उन्हें सस्पेंड किया गया।
यह विवाद किस घटना से शुरू हुआ था?
शाहदरा इलाके में वकीलों और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद एसीपी और एसएचओ का ट्रांसफर किया गया था, जिससे असंतोष पैदा हुआ।
पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन के बाद विभाग ने क्या कदम उठाए?
मुख्यालय ने सभी डीसीपी को अपने स्टाफ को संभालने के आदेश दिए और मामले को सुलझाने के लिए एक कमेटी गठित करने का फैसला लिया।
निलंबन का आदेश किसने जारी किया?
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश मिलने के बाद दिल्ली पुलिस प्रशासन ने यह निलंबन कार्रवाई की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·अभी

पिछले साल जब मेरे एक करीबी दोस्त का बिना किसी ठोस वजह के अचानक ट्रांसफर हुआ था, तब हम दोनों ने भी दफ्तर के बाहर काफी विरोध जताया था। जब अपनों पर ही एकतरफा गाज गिरती है, तो नियमों की परवाह किए बिना गुस्सा बाहर आ ही जाता है। मनस्वी जी के साथ भी ठीक वही हुआ।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 मिनट पहले

वर्दी वाले खुद सड़क पर उतरकर धरना दें, तो अनुशासन का क्या होगा? लेकिन क्या सिर्फ ट्रांसफर से गुस्सा इतना भड़क गया या इसके पीछे कोई और बात थी?

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·19 मिनट पहले

अर्जुन, आपकी बात ठीक है पर मुझे लगता है मामला सिर्फ ट्रांसफर का नहीं था, बल्कि अफसरों और जवानों के बीच संवाद की कमी का भी है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·43 मिनट पहले

वर्दी वाले ही मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठेंगे तो आम जनता को क्या संदेश जाएगा। अनुशासनहीनता पर गाज गिरनी ही थी।

Rohan Verma@rohan-verma·42 मिनट पहले

करण भाई, बात तो सही है आपकी। वर्दी खुद सड़क पर उतर आएगी तो बाकी महकमे का क्या होगा?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp