पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले दैनिक यात्रियों को आने वाले हफ्तों में भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ सकता है। लोक निर्माण विभाग ने पश्चिमी दिल्ली में स्थित करमपुरा-मोती नगर फ्लाईओवर की मरम्मत का काम हाथ में लिया है, जिसके चलते इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर अगले 40 दिनों तक आवागमन बाधित रहेगा। इस काम के कारण करमपुरा शिवदास पुरी रोड से कीर्ति नगर रोड और पटेल रोड होते हुए शादीपुर की ओर जाने वाली गाड़ियों की गति धीमी पड़ सकती है। यातायात संचालन को संभालने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं और लोगों को इन रास्तों के बजाय दूसरे वैकल्पिक मार्गों से निकलने को कहा है।
दो अलग-अलग चरणों में बंद रहेगा करमपुरा-मोती नगर फ्लाईओवर
पीडब्ल्यूडी के मरम्मत अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए करमपुरा-मोती नगर फ्लाईओवर को दो चरणों में बंद रखने की योजना तैयार की गई है। व्यवस्था के पहले हिस्से के तहत 9 अक्टूबर तक करमपुरा से कीर्ति नगर जाने वाले कैरिजवे को वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रखा जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में 10 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक विपरीत दिशा यानी कीर्ति नगर से करमपुरा की तरफ आने वाला कैरिजवे बंद किया जाएगा। इस दौरान राहत की बात यह है कि नीचे मौजूद सर्विस रोड वाहनों के सामान्य आवागमन के लिए चालू रहेगी। पुलिस प्रशासन ने सलाह दी है कि दफ्तर या अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोग अतिरिक्त समय अपने साथ रखकर चलें और रास्ते में लगाए गए डायवर्जन संकेतों का सख्ती से पालन करें ताकि जाम में फंसने से बचा जा सके। आधिकारिक विवरण दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने X पर साझा किया है।
शाहीन बाग में सिग्नल हटाकर बनेगा नया यू-टर्न
ट्रैफिक की रुकावटें दूर करने के लिए केवल फ्लाईओवर मरम्मत ही नहीं, बल्कि अन्य हिस्सों में भी बदलाव किए जा रहे हैं। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग क्षेत्र में रोड नंबर 13-ए पर लगने वाले लंबे जाम से निजात दिलाने के लिए एक नई योजना पर अमल शुरू हुआ है। यहाँ सिग्नल के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लगती हैं, जिसे खत्म करने के लिए सिग्नल हटाकर यू-टर्न तैयार किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना पर पीडब्ल्यूडी लगभग 22 लाख रुपये का खर्च करेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सिफारिश पर तैयार की गई इस योजना को आगामी दो महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यू-टर्न बनने के बाद इस हिस्से में वाहन बिना किसी लाल बत्ती के निर्बाध तरीके से आगे बढ़ सकेंगे।
आउटर रिंग रोड पर कालकाजी और मोदी फ्लाईओवर के काम से धीमी पड़ी रफ्तार
दूसरी तरफ दक्षिणी दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर सफर करने वाले चालकों के लिए परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कालकाजी फ्लाईओवर को चौड़ा कर डबल करने और उसे सीधे मोदी मिल फ्लाईओवर से जोड़ने का बुनियादी ढांचा कार्य जारी है। इस बड़े निर्माण के चलते कालकाजी पुल को बंद रखा गया है, जिसका सीधा असर आसपास के पूरे इलाके पर दिख रहा है। सुबह और शाम के व्यस्त घंटों में चालकों को 30 मिनट से लेकर पूरे 1 घंटे तक रेंगती हुई गाड़ियों के बीच फंसे रहना पड़ रहा है। ओखला एनआईसी बस स्टॉप के नजदीक काम चलने के कारण सड़क का दायरा काफी संकरा हो गया है और दोनों दिशाओं की दो-दो लेन सीधे तौर पर बाधित हो गई हैं।
नए कट के बाद भी ईस्ट ऑफ कैलाश और लाजपत नगर के रास्ते पर राहत नहीं
जाम के भारी दबाव को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए मोदी मिल फ्लाईओवर से उतरते ही कैप्टन गौड़ मार्ग की तरफ जाने वाला एक कट खोला गया था। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लाजपत नगर, गढ़ी गांव और ईस्ट ऑफ कैलाश की ओर रुख करने वाले वाहनों को सुगम रास्ता देना था। हालांकि, जमीनी स्तर पर यह नया प्रबंध भी वाहनों के भारी दबाव को नियंत्रित करने में नाकाफी साबित हुआ है और इलाके में जाम की स्थिति पूर्ववत बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने अपील की है कि एजेंसी निर्माण कार्य के दौरान सड़क का न्यूनतम हिस्सा घेरे ताकि सड़क पर चलने के लिए पर्याप्त जगह बची रहे।





















