देश की राजधानी के किशनगंज इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ छह वर्ष की एक मासूम बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। नागरिकों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए 34 साल के आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा और सीधे कानून के हवाले कर दिया। इस शर्मनाक कृत्य के प्रकाश में आने के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और माहौल बेहद संवेदनशील हो गया।
शिदीपुरा पुलिस चौकी पर स्थानीय लोगों का उग्र प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित स्थानीय लोग बड़ी तादाद में एकत्र होकर शिदीपुरा पुलिस चौकी पहुँच गए। गुस्साए नागरिकों ने चौकी परिसर का घेराव कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि मासूम बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे दरिंदों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। जमा हुई भीड़ ने आरोपी के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उसे जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की पुरजोर मांग उठाई।
सोमवार शाम परिजनों संग चौकी पहुंचे थे लोग
सोमवार यानी 21 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे कुछ स्थानीय नागरिक पीड़ित बच्ची और उसके परिवार के सदस्यों को लेकर शिदीपुरा पुलिस चौकी पहुंचे थे। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। नागरिकों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने किशनगंज क्षेत्र में एक व्यक्ति को छह साल की बच्ची के साथ आपत्तिजनक व यौन शोषण करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है, जो खुद भी किशनगंज इलाके का ही रहने वाला है। लोगों द्वारा सौंपे जाने के बाद पुलिस ने आरोपी को फौरन अपनी हिरासत में ले लिया।
मेडिकल जांच और घटनास्थल का गहन मुआयना
मासूम के साथ हुई इस दरिंदगी की सूचना दर्ज होते ही पुलिस तंत्र पूरी तरह सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने बिना किसी देरी के पीड़ित बच्ची को चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया ताकि आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा सकें। इसके साथ ही पुलिस की एक विशेष टीम उस स्थान पर पहुँची, जहाँ इस घिनौने अपराध को अंजाम देने का आरोप लगा है। फॉरेंसिक व कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण शुरू कर दिया है ताकि घटना से जुड़े सभी सबूतों को सुरक्षित किया जा सके।
पॉक्सो और बीएनएस के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी
पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, बयानों और परिस्थितियों की गहराई से छानबीन कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की वैधानिक प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। जांच अधिकारी यह भी समझने का प्रयास कर रहे हैं कि आरोपी ने किन परिस्थितियों में इस वारदात को अंजाम दिया। फिलहाल 34 वर्षीय अंकित पुलिस अभिरक्षा में है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और तफ्तीश में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।





















