राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में महिलाओं और मासूमों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। शहर के दो अलग-अलग इलाकों से यौन उत्पीड़न और सामूहिक दुष्कर्म के बेहद खौफनाक मामले सामने आए हैं। पहले मामले में करोल बाग क्षेत्र के अंतर्गत छह साल की मासूम बच्ची को निशाना बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में कालकाजी इलाके के एक प्रसिद्ध पार्क में युवती के साथ दरिंदगी की गई। इन दोनों ही गंभीर घटनाओं के सामने आते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है और कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है।
करोल बाग में छह वर्षीय बच्ची के साथ हैवानियत
मध्य दिल्ली के करोल बाग स्थित देशबंधु गुप्ता रोड थाना क्षेत्र में छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली वारदात हुई। घटना के सामने आते ही आसपास के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा और तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को फौरन अपनी हिरासत में लेकर सघन पूछताछ शुरू कर दी है।
सोमवार की शाम लगभग 6:30 बजे बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पीड़ित मासूम बच्ची और उसके परिजनों को लेकर शिदीपुरा पुलिस चौकी पहुंचे। आक्रोशित भीड़ आरोपी को भी पकड़कर साथ लाई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए आरोपी की पहचान 34 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है, जो दिल्ली के किशनगंज इलाके का निवासी है। अंकित पीड़ित परिवार से पहले से अच्छी तरह परिचित था और उसका उनके घर आना-जाना था।
मासूम बच्ची के पिता ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि उन्हें शाम सात बजे फोन पर इस खौफनाक घटना की सूचना मिली थी। जब तक वह अपने काम से घर पहुंचे, तब तक मोहल्ले के सजग पड़ोसियों ने आरोपी को काबू में कर लिया था और उसे पुलिस को सौंपने की तैयारी कर चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के मुताबिक आरोपी को किशनगंज इलाके में बच्ची के साथ घिनौना कृत्य करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था, जिसके बाद लोग उसे सीधे नजदीकी पुलिस चौकी ले गए। घटना के विरोध में आक्रोशित नागरिकों ने पुलिस चौकी के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। पुलिस ने तत्काल पीड़ित मासूम का चिकित्सीय परीक्षण कराया और आरोपी के खिलाफ पोक्सो कानून तथा भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। इससे पूर्व दिल्ली के सदर बाजार इलाके में भी एक दुकान के भीतर नाबालिग को बंधक बनाकर यौन उत्पीड़न की घटना दर्ज की गई थी।
कालकाजी स्थित आस्था कुंज पार्क में सामूहिक दुष्कर्म
दूसरी दिल दहला देने वाली वारदात दक्षिण दिल्ली में कालकाजी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के समीप स्थित आस्था कुंज पार्क में घटी। पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, वह अपने एक परिचित दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने गई थी। मंदिर में दर्शन करने के पश्चात शाम करीब 7:30 बजे दोनों टहलते हुए आस्था कुंज पार्क के भीतर चले गए।
पार्क में मौजूदगी के दौरान अचानक 25 से 30 वर्ष की आयु के तीन अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे। इन युवकों ने खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मी बताकर रौब झाड़ना शुरू किया और दोनों को डराया-धमकाया। इसके बाद आरोपियों में से एक युवक ने पीड़िता के दोस्त को जबरन पकड़कर काबू में कर लिया, जबकि तीनों ने मिलकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।
मुठभेड़ के बाद एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
कालकाजी पार्क में युवती के साथ हुई इस बर्बर घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने विशेष टीमों का गठन कर सघन धरपकड़ अभियान शुरू किया। मंगलवार को पुलिस को इस मामले में उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब मुठभेड़ के बाद एक मुख्य आरोपी को दबोच लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान आसिफ के रूप में हुई है। पुलिस टीम घायल आरोपी से बाकी साथियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वारदात में शामिल अन्य दो फरार आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार करने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।



















