राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके में शुक्रवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठान में अचानक भीषण आग भड़क उठी। मॉडल टाउन पार्ट 2 स्थित प्रसिद्ध हल्दीराम आउटलेट की दूसरी मंजिल से दोपहर करीब 2 बजे अचानक आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग तेजी से फैली, जिससे पूरे बाजार क्षेत्र और आसपास की दुकानों में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। अंदर मौजूद ग्राहकों और कर्मचारियों की जान पर भारी संकट मंडराने लगा था, लेकिन मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की तत्परता और दमकल विभाग की मुस्तैदी से 30 जिंदगियों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गश्त कर रहे हेड कांस्टेबल की सतर्कता से तुरंत शुरू हुआ बचाव कार्य
हादसे के समय क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे बीट ऑफिसर हेड कांस्टेबल पवन ने इमारत से धुआं और लपटें उठती देखीं। उन्होंने एक पल भी गंवाए बिना सीधे मॉडल टाउन थाना प्रभारी (एसएचओ) इंस्पेक्टर अशोक गिरी को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके फौरन बाद पुलिस कंट्रोल रूम (पीसीआर) और फायर कंट्रोल रूम को आपातकालीन वायरलेस संदेश प्रसारित किया गया। इंस्पेक्टर अशोक गिरी के नेतृत्व में पुलिस बल ने तुरंत घटनास्थल का रुख किया और स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सीधे बचाव अभियान शुरू कर दिया।
इमारत के भीतर फंसे लोगों को निकालने के साथ-साथ पुलिस टीम ने एहतियाती कदम उठाते हुए हल्दीराम आउटलेट से सटी आसपास की दूसरी इमारतों और दुकानों को भी फौरन खाली करा दिया, ताकि लपटें अन्य ढांचों तक न पहुंच सकें। घने धुएं और तेजी से फैलती आग के बीच पुलिसकर्मियों ने इमारत में फंसे कुल 30 लोगों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला। इस सूझबूझ भरी कार्रवाई से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया।
दमकल की 23 गाड़ियों ने पाया लपटों पर काबू
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को आउटलेट में आग लगने की पहली सूचना अपराह्न 2:23 बजे प्राप्त हुई थी। कॉल मिलते ही विभाग ने शुरुआत में चार फायर टेंडर मौके के लिए रवाना किए। हालांकि, जब शुरुआती टीम मौके पर पहुंची तो आग की लपटें काफी विकराल हो चुकी थीं। इसके चलते दोपहर 3:30 बजे फील्ड पर मौजूद अधिकारियों ने अतिरिक्त संसाधनों की मांग की, जिसके बाद विभाग ने 19 अन्य दमकल गाड़ियां तुरंत रवाना कीं।
कुल 23 दमकल वाहनों और दर्जनों दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 3:55 बजे तक आग की लपटों को पूरी तरह घेरकर उस पर नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद शाम ठीक 4 बजे तक आग को पूर्ण रूप से शांत कर दिया गया। अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार घटना स्थल पर कूलिंग प्रक्रिया चलाई गई ताकि अंदर बची चिंगारियां दोबारा न सुलगें। राहत की बात यह रही कि इस पूरे अग्निकांड में किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है।
























