दुर्गा पूजा उत्सव के समापन पर आयोजित होने वाले प्रतिमा विसर्जन के दौरान राजस्थान के कोटा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार की देर रात कोटड़ी तालाब में देवी दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने पहुंचे लोगों की एक छोटी नाव पानी के बीच अचानक असंतुलित होकर पलट गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद उत्सव का माहौल चीख-पुकार और मातम में बदल गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया और पानी में डूबे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
अनधिकृत विसर्जन स्थल और असुरक्षित नाव बनी हादसे का कारण
शुरुआती पड़ताल के अनुसार यह पूरी घटना कनाल रोड के समीप स्थित कोटड़ी तालाब क्षेत्र में हुई। यह स्थान प्रशासन द्वारा प्रतिमा विसर्जन के लिए बिल्कुल भी चिन्हित अथवा अधिकृत नहीं किया गया था। वहां मौजूद सात लोग पूजा सामग्री और प्रतिमा को लेकर एक साधारण और पुरानी लकड़ी की नाव में सवार होकर गहरे पानी की तरफ चले गए। पानी के बीच पहुंचते ही भार का संतुलन बिगड़ा और नाव पूरी तरह उलट गई। नाव में सवार सात लोगों में से तीन युवकों को तैरना आता था, इसलिए वे सूझबूझ दिखाते हुए तैरकर किनारे आ गए और अपनी जान बचा ली। दूसरी ओर, बाकी चार लोगों को तैरना नहीं आता था, जिस वजह से वे संभल नहीं पाए और गहरे पानी में डूबकर लापता हो गए।
प्रशासनिक अमला मौके पर डटा, रातभर जारी रहा सघन तलाशी अभियान
नाव पलटने की जानकारी मिलते ही गोताखोरों और आपदा राहत दस्तों को तत्काल तालाब पर भेजा गया। अंधेरा होने के बावजूद सर्च लाइटों की मदद से पानी के भीतर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। घटनास्थल पर कोटा के जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम समेत तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी देर रात तक मौजूद रहे। अधिकारियों ने तालाब के किनारों पर घेराबंदी कर बचाव दलों को पानी के हर हिस्से की बारीकी से जांच करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि लापता लोगों का जल्द से जल्द सुराग मिल सके।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया स्थिति का जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार देर रात सीधे कोटड़ी तालाब पहुंचे। उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों से बचाव कार्य की प्रगति का व्यक्तिगत ब्योरा लिया और राहत कार्यों को बिना रुके जारी रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने वहां मौजूद पीड़ित परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और संकट की इस घड़ी में हर मुमकिन प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने का पक्का भरोसा दिलाया।



















