सशस्त्र बलों में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नागरिक जीवन में लौटने वाले अग्निवीरों के रोजगार को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया जा रहा है। सैन्य सेवा पूरी करने के बाद युवाओं के सामने स्थायी रोजगार और आजीविका की जो अनिश्चितता रहती है, उसे दूर करने के लिए विशेष भर्ती प्रावधान तैयार किए जा रहे हैं। नई योजना के तहत दिल्ली सरकार के गृह विभाग के अधीन आने वाले महत्वपूर्ण विभागों में पूर्व अग्निवीरों के लिए नियमित सरकारी नौकरी के द्वार खोलने की तैयारी चल रही है। इसमें पुलिस, फायर सर्विस और होमगार्ड जैसे विभाग शामिल हैं, जहाँ इन प्रशिक्षित युवाओं के सैन्य अनुभव का सीधा उपयोग किया जा सकेगा।
लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट का प्रस्ताव
इस प्रस्तावित व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भर्ती नियमों को बेहद आसान बनाना है। योजना के अनुसार, सशस्त्र बलों में अपनी चार साल की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों को इन नौकरियों के लिए पारंपरिक लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा देने से पूरी तरह छूट दी जा सकती है। सामान्य तौर पर पुलिस या फायर सर्विस की भर्तियों में युवाओं को कठिन लिखित परीक्षा और कड़े शारीरिक मानकों से गुजरना पड़ता है। लेकिन अग्निवीर पहले से ही भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के कठोर प्रशिक्षण और सेवा से गुजर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें सीधे सेवा में शामिल करने का अवसर दिया जा सकता है।
20 प्रतिशत आरक्षण और मौजूदा वर्गों में समायोजन
प्रस्तावित नियमों के तहत दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और होमगार्ड की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए इन विभागों में अलग से रिक्तियां निर्धारित की जाएंगी। हालांकि, यह आरक्षण पूरी तरह से पहले से लागू सामाजिक आरक्षण व्यवस्था के दायरे में ही काम करेगा। इसका अर्थ यह है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सामान्य वर्ग के आरक्षण ढांचे के भीतर ही पूर्व अग्निवीरों का चयन समायोजित किया जाएगा। इससे हर वर्ग के पात्र पूर्व अग्निवीर को अपनी संबंधित श्रेणी के तहत निष्पक्ष अवसर मिल सकेगा।
आयु सीमा में 8 वर्ष तक की बड़ी राहत
नौकरी के लिए आवेदन करते समय उम्र की पाबंदी आड़े न आए, इसके लिए उम्र सीमा के नियमों में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से पहले से प्रस्तावित पाँच वर्ष की आयु छूट के अलावा दिल्ली सरकार तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट देने पर विचार कर रही है। यदि इस दोहरी व्यवस्था को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो योग्य पूर्व अग्निवीर संबंधित पद के लिए तय अधिकतम उम्र सीमा से आठ वर्ष अधिक आयु होने पर भी आवेदन करने के पात्र होंगे। इससे उन युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा जो अपनी सैन्य सेवा पूरी करने के बाद नई नौकरी की तलाश में होंगे।
दिसंबर 2026 में पूरा होगा पहले बैच का कार्यकाल
अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किए गए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इस योजना के प्रावधानों के तहत चार साल की अवधि समाप्त होने के बाद केवल एक सीमित संख्या में ही जवानों को सेना में नियमित सेवा के लिए बरकरार रखा जाता है, जबकि शेष कर्मियों को सेवामुक्त होकर नागरिक क्षेत्र में नए अवसर तलाशने होते हैं। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप भर्ती नियमों में संशोधन की प्रक्रिया को समय रहते पूरा करने की कोशिश की जा रही है। संबंधित प्राधिकारी की औपचारिक मंजूरी मिलते ही सरकार इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी, ताकि पहले बैच के बाहर आने से पहले ही सभी नियम लागू हो सकें।



















