राजधानी दिल्ली में रहने वाले स्कूली बच्चों, शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी 11 सितंबर 2026 यानी शुक्रवार के दिन दिल्ली क्षेत्र के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में पूर्ण अवकाश रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार तथा केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले दफ्तरों में भी छुट्टी घोषित की गई है। शुक्रवार को अवकाश रहने और उसके तुरंत बाद शनिवार तथा रविवार की नियमित छुट्टी होने की वजह से दिल्ली के लोगों को लगातार तीन दिनों का लंबा वीकेंड मिल गया है। तीन दिनों के इस अवकाश के पश्चात सभी स्कूल और सरकारी कार्यालय 14 सितंबर यानी सोमवार को अपने पूर्व निर्धारित समय पर दोबारा खुलेंगे।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के चलते लिया गया प्रशासनिक निर्णय
राजधानी में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की भव्य तैयारियों, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था तथा प्रशासनिक प्रबंधों के मद्देनजर शिक्षण संस्थाओं को बंद करने का यह फैसला लिया गया है। इस उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन प्रगति मैदान स्थित भव्य परिसरों में से एक 'भारत मंडपम' में 12 और 13 सितंबर को होना तय हुआ है। सम्मेलन में दुनियाभर के कई प्रभावशाली देशों के शीर्ष राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ राजनयिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय अतिथियों के हवाई अड्डे से होटल और आयोजन स्थल तक सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए यह योजना बनाई गई है ताकि सड़कों पर सामान्य यातायात प्रभावित न हो और आम नागरिकों को भी भारी जाम से मुक्ति मिल सके।
वीआईपी कारकेड और एयरपोर्ट से होटल रूट पर रहेगा विशेष पहरा
हालांकि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मुख्य बैठकों का आयोजन 12 और 13 सितंबर को होना है, लेकिन दुनिया भर से आने वाले विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 11 सितंबर से ही दिल्ली की सरजमीं पर उतरना शुरू कर देंगे। इसके चलते इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट से लेकर धौला कुआं, आईटीसी मौर्य, ताज पैलेस और लुटियंस दिल्ली के आसपास के सभी प्रमुख होटलों के रास्तों पर अत्यंत कड़ी सुरक्षा और वीआईपी कारकेड का मूवमेंट रहेगा। यदि आम दिनों की भांति शुक्रवार को भी सड़कों पर हजारों स्कूल बसें, वैन और आम नागरिकों के वाहन दौड़ते, तो राजधानी के एक बड़े हिस्से में बहुत भीषण ट्रैफिक जाम लग सकता था। इसी सुरक्षा प्रोटोकॉल और लॉजिस्टिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के मकसद से 11 सितंबर को औपचारिक अवकाश घोषित किया गया है।
शिक्षा निदेशालय (DoE) का सभी स्कूलों के लिए आधिकारिक आदेश
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने 11 सितंबर की छुट्टी को लेकर एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। इस परिपत्र के माध्यम से यह साफ कर दिया गया है कि यह निर्देश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में संचालित सभी मान्यता प्राप्त अन-एडेड प्राइवेट स्कूलों, सरकारी स्कूलों और एडेड शिक्षण संस्थानों पर पूरी तरह लागू होगा। 11 सितंबर को किसी भी स्कूल परिसर में भौतिक रूप से कक्षाएं चलाने की अनुमति नहीं होगी। कई बड़े निजी स्कूलों ने इस एक दिन के अवकाश के दौरान पढ़ाई के नुकसान की भरपाई के लिए छात्रों को डिजिटल माध्यम से असाइनमेंट देने और ऑनलाइन लर्निंग सेशन आयोजित करने का फैसला किया है।
कोचिंग संस्थानों और निजी ट्यूशन सेंटरों के लिए क्या निर्देश हैं
स्कूलों में बंदी के बाद अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच कोचिंग संस्थानों को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। प्रशासनिक गाइडलाइंस के मुताबिक सेंट्रल दिल्ली, नई दिल्ली और वीआईपी रूट से लगे हुए क्षेत्रों जैसे प्रगति मैदान, आईटीओ और धौला कुआं के आसपास मौजूद कोचिंग सेंटरों को 11 सितंबर के दिन बंद रखने या अपनी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में संचालित करने का परामर्श दिया गया है। आउटर दिल्ली या दूर-दराज के इलाकों में स्थित कोचिंग संस्थानों पर स्थानीय यातायात प्रतिबंधों का प्रभाव रहेगा। हालांकि, बच्चों की सुरक्षा और सड़कों पर भीड़ कम करने की मंशा से अभिभावकों को यही सलाह दी गई है कि वे बच्चों को घर पर ही रहने दें।
35 से अधिक प्रमुख मार्गों पर पाबंदी और 22 स्थानों पर डायवर्जन
अंतरराष्ट्रीय अतिथियों के आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक व्यापक यातायात योजना तैयार की है। 11 सितंबर से लेकर 13 सितंबर के दौरान राजधानी के 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर सामान्य वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित और सीमित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर के लगभग 22 व्यस्त चौराहों और कट पॉइंट पर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। यदि आप 11 से 13 सितंबर के दौरान मध्य दिल्ली या नई दिल्ली की तरफ जाने का विचार कर रहे हैं, तो सड़कों पर अपनी निजी गाड़ी निकालने के बजाय दिल्ली मेट्रो सेवा का उपयोग करना ही सबसे सुगम रास्ता होगा।
जरूरी और आपातकालीन सेवाओं पर नहीं लगेगी कोई रोक
हालांकि 11 सितंबर को स्कूल और सरकारी कार्यालय पूरी तरह से बंद रहेंगे, लेकिन आम जनता की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन और जरूरी सेवाओं को इन पाबंदियों से पूरी तरह बाहर रखा गया है। दिल्ली में स्थित सभी अस्पताल, 24 घंटे चलने वाले मेडिकल स्टोर, दवा की दुकानें, दूध की सप्लाई और सब्जियों जैसी आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इसके अलावा मरीजों को लाने-ले जाने वाली एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए सड़कों पर विशेष ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की गई है, जिससे किसी भी नागरिक को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में किसी समस्या का सामना न करना पड़े। यदि आप इस लंबे वीकेंड में दिल्ली से बाहर किसी यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन पहुँचने के लिए extra समय हाथ में रखकर निकलना समझदारी होगी।



















