धार्मिक नगरी चित्रकूट के प्रमुख मठों, मंदिरों और पावन स्थलों को पूरी तरह स्वच्छ तथा गुटखा-तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब इन धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों और गुटखे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मंदिर परिसरों और उनके आसपास के इलाकों में साफ-सफाई की व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके तहत मंदिरों के समीप संचालित होने वाली दुकानों तथा वाहन पार्किंग स्थलों से एक निश्चित शुल्क वसूला जाएगा और प्राप्त होने वाली इसी आय से सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी ताकि स्वच्छता व्यवस्था लगातार सुचारू बनी रहे।
प्रशासन की इस सक्रियता के पीछे मुख्य वजह मड़फा मंदिर की सीढ़ियों और मुख्य परिसर में लगातार सामने आ रही गंदगी की शिकायतें थीं। यहां आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या के चलते मंदिर परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा था। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए वन विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह मंदिर के आसपास स्थित दुकानों और वहां वाहन खड़ा करने वाले लोगों से तय शुल्क की वसूली करे। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र में गुटखे के सेवन और उसके प्रबंध पर रोक लगाने के पुख्ता निर्देश भी दिए गए हैं। पार्किंग और दुकानों से एकत्र किए जाने वाले इस शुल्क का उपयोग विशेष रूप से सफाई कर्मियों की तैनाती के लिए किया जाएगा जिससे हर समय पवित्र वातावरण कायम रखा जा सके।
इस पूरे विषय पर विस्तार से बताते हुए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने स्पष्ट किया कि अमूमन देखा जाता है कि मंदिरों में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु गुटखा खाकर उसके पाउच और पन्नी इधर-उधर फेंक देते हैं। इस आदत के कारण न केवल इन ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की सुंदरता धूमिल होती है बल्कि भारी गंदगी भी फैलती है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अब एक चरणबद्ध अभियान की शुरुआत करने जा रहा है जिसकी शुरुआत सबसे पहले मड़फा मंदिर, सोमनाथ मंदिर और भरत मंदिर से की जा रही है। इन चुनिंदा मंदिरों के आसपास अब गुटखा और तंबाकू बेचने वाली किसी भी दुकान को संचालित नहीं होने दिया जाएगा और यदि निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई दुकान पाई जाती है तो दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन की इस व्यापक योजना के तहत केवल मड़फा ही नहीं बल्कि सोमनाथ मंदिर के आसपास भी दुकानदारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान भंडारा लगाने वाले लोगों से एक सामान्य शुल्क लेकर सफाई व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इन सभी स्थलों पर विशेष सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएंगे जो नियमित रूप से मंदिर के रास्तों और परिसरों की अच्छी तरह सफाई करेंगे ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन के दौरान एक स्वच्छ और सुखद वातावरण मिल सके। प्रशासन की मंशा यह है कि यह स्वच्छता अभियान केवल कुछ गिने-चुने मंदिरों तक सीमित न रहे बल्कि धीरे-धीरे चित्रकूट के सभी प्रमुख मठ-मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों को इस नई व्यवस्था के दायरे में लाया जाए। इसके साथ ही तमाम धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द गुटखा और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक सुनिश्चित की जाएगी ताकि चित्रकूट की पवित्रता और स्वच्छता हमेशा बरकरार रहे।





















