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दिल्ली के मधुबन चौक पर बन रहा नया स्काईवॉक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी जानकारीदिल्ली
24 अग॰ 2026, 2:15 pm (1 घंटे पहले)· 1

दिल्ली के मधुबन चौक पर बन रहा नया स्काईवॉक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी जानकारी

दिल्ली के व्यस्त मधुबन चौक पर 9.62 करोड़ रुपये की लागत से डबल डेकर स्काईवॉक और फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। 30 नवंबर 2026 तक पूरा होने वाले इस प्रोजेक्ट से पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।

देश की राजधानी में यातायात को सुरक्षित बनाने और सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। आउटर रिंग रोड पर स्थित मधुबन चौक पर इन दिनों एक आधुनिक डबल डेकर स्काईवॉक और फुटओवर ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके पूरा होने से रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले आम नागरिकों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।

9.62 करोड़ रुपये की लागत और तय समयसीमा

इस पूरे बुनियादी ढांचे को तैयार करने में कुल 9.62 करोड़ रुपये की लागत आएगी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस परियोजना का लगभग 60 प्रतिशत कार्य अब तक पूरा किया जा चुका है और इसे निर्धारित समय के भीतर यानी 30 नवंबर 2026 तक पूरी तरह से जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस निर्माण का मुख्य उद्देश्य तेज रफ्तार वाहनों के बीच पैदल सड़क पार करने वाले लोगों की सुरक्षा को पुख्ता करना है।

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किन प्रमुख जगहों को जोड़ेगा यह स्काईवॉक

यह नया स्काईवॉक और एफओबी पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला न्यायालय के बीच आवाजाही करने वालों के लिए बेहद मददगार साबित होगा। इस रास्ते के शुरू हो जाने से वकीलों, अदालत के कर्मचारियों, मुवक्किलों, मेट्रो यात्रियों और आसपास के स्थानीय निवासियों को सड़क पर आए बिना एक जगह से दूसरी जगह जाने का सुरक्षित विकल्प मिल जाएगा।

सड़क हादसों और ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

इस प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने के बाद पैदल चलने वाले लोगों को अत्यधिक व्यस्त आउटर रिंग रोड को जमीन पर चलकर पार करने की आवश्यकता नहीं बचेगी। इससे यात्रियों और सड़क पर दौड़ने वाले वाहनों के बीच होने वाली आमने-सामने की टक्करों में भारी कमी आएगी। इसके अलावा मधुबन चौक पर पैदल यात्रियों के लिए एक अलग मार्ग उपलब्ध होने से चौराहे पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।

सार्वजनिक परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

इस आधुनिक सुविधा के जरिए मेट्रो स्टेशनों और आसपास के प्रमुख व्यावसायिक तथा न्यायिक परिसरों के बीच का संपर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा। सुरक्षित और सुगम पैदल मार्ग उपलब्ध होने से अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो का उपयोग करने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

सवाल-जवाब

मधुबन चौक पर बनने वाले स्काईवॉक की कुल लागत कितनी है?
इस डबल डेकर स्काईवॉक और फुटओवर ब्रिज के निर्माण पर 9.62 करोड़ रुपये की लागत आ रही है।
इस परियोजना को पूरा करने की समयसीमा क्या है?
इस प्रोजेक्ट का 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह स्काईवॉक किन मुख्य स्थानों को आपस में जोड़ेगा?
यह स्काईवॉक पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला न्यायालय के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगा।
इस परियोजना का निर्माण किसके द्वारा किया जा रहा है?
इस स्काईवॉक का निर्माण लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·58 मिनट पहले

अपराध और दुर्घटनाओं के दृष्टिकोण से देखें तो मधुबन चौक जैसे व्यस्त चौराहे पर रोहिणी जिला न्यायालय और दो मेट्रो स्टेशनों की मौजूदगी के कारण पैदल यात्रियों की भीड़ हमेशा बनी रहती है। इस स्काईवॉक के निर्माण से सड़क पार करने के दौरान होने वाले हादसों में कमी आएगी और पुलिस व न्याय व्यवस्था पर भी भीड़ नियंत्रण का दबाव कम होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·58 मिनट पहले

यह परियोजना केवल यातायात सुगम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के अत्यधिक व्यस्त चौराहों पर बढ़ती पैदल यात्री भीड़ और सार्वजनिक सुरक्षा की चुनौतियों के बीच बुनियादी ढांचे के जरिए समाधान तलाशने का एक अहम मॉडल पेश करती है। यदि निर्धारित तिथि यानी नवंबर 2026 तक यह काम पूरा होता है, तो पीतमपुरा और रोहिणी क्षेत्र के इस प्रमुख जंक्शन पर सुरक्षा प्रबंधन में एक स्थायी सुधार देखने को मिलेगा।

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