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सेमीकंडक्टर से समुद्री सुरक्षा तक, नई दिल्ली में आज मोदी और ताकाइची के बीच होगी बड़ी रणनीतिक बातचीतदिल्ली
2 जुल॰ 2026, 4:54 am (45 दिन पहले)· 2

सेमीकंडक्टर से समुद्री सुरक्षा तक, नई दिल्ली में आज मोदी और ताकाइची के बीच होगी बड़ी रणनीतिक बातचीत

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की पहली भारत यात्रा के दौरान आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता होगी, जिसमें आर्थिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर निवेश और क्वाड गठबंधन जैसे मुद्दे केंद्र में रहेंगे।

नई दिल्ली में आज एक ऐसी मुलाकात होने जा रही है जिस पर बीजिंग से लेकर वॉशिंगटन तक की नजर टिकी रहेगी। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अपनी पहली तीन दिवसीय भारत यात्रा पर राजधानी पहुंची हैं और गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात से भारत-जापान शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि चीन को घेरने की एक ठोस रणनीति और भारत को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के मेगा प्लान पर मुहर लगाने वाली बैठक मानी जा रही है। आर्थिक सुरक्षा, सेमीकंडक्टर सेक्टर में साझेदारी और क्वाड गठबंधन को मजबूत करने जैसे मुद्दे इस बातचीत के केंद्र में रहेंगे, जिसका असर पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।

आर्थिक सुरक्षा बनेगी बातचीत का केंद्र बिंदु

इस ऐतिहासिक बैठक में सबसे ज्यादा तवज्जो आर्थिक सुरक्षा को मिलेगी। कोरोना महामारी के बाद और हाल के वैश्विक तनावों को देखते हुए भारत और जापान दोनों चीन पर अपनी निर्भरता घटाकर एक मजबूत और भरोसेमंद वैश्विक सप्लाई चेन खड़ी करने की कोशिश में जुटे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री ताकाइची के बीच भारत में सेमीकंडक्टर बनाने के लिए जापानी निवेश लाने और तकनीक ट्रांसफर करने को लेकर एक विस्तृत रोडमैप तैयार होने की उम्मीद है। साथ ही आने वाली तकनीकों को ध्यान में रखते हुए जरूरी खनिजों की सप्लाई पक्की करने पर भी दोनों देश साथ मिलकर काम करेंगे।

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क्वाड और हिंद-प्रशांत रणनीति पर होगी बात

भू-राजनीतिक मोर्चे पर दोनों नेता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की आक्रामक गतिविधियों के खिलाफ अपनी रणनीतिक तैयारी को और पुख्ता करेंगे। बैठक में क्वाड गठबंधन को लेकर दोनों देशों की प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई जाएगी। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने और व्यापारिक समुद्री मार्गों को खुला व स्वतंत्र रखने के मकसद से दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर खास चर्चा होगी।

100 से ज्यादा जापानी कंपनियां भी पहुंचीं

इस दौरे की एक बड़ी खासियत भारत-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम भी है, जिसमें जापान की 100 से ज्यादा बड़ी कंपनियों के कारोबारी और सीईओ हिस्सा ले रहे हैं। रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और तेल-गैस जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ाने के लिए बड़े ऐलान होने की उम्मीद है, जिससे भारत में रोजगार के नए मौके बनने और वैश्विक निवेश बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

सवाल-जवाब

आज भारत-जापान के बीच शिखर सम्मेलन क्यों हो रहा है?
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अपनी पहली तीन दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली में हैं, और गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी शिखर वार्ता शुरू हो रही है।
इस बातचीत का सबसे बड़ा एजेंडा क्या है?
सबसे बड़ा एजेंडा आर्थिक सुरक्षा है, जिसमें सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जापानी निवेश और तकनीक ट्रांसफर पर विस्तृत रोडमैप तैयार होना शामिल है।
क्वाड गठबंधन का इस बैठक से क्या संबंध है?
बैठक में दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी आक्रामकता के खिलाफ अपनी रणनीति मजबूत करते हुए क्वाड गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता फिर से दोहराएंगे।
समुद्री सुरक्षा पर क्या चर्चा होगी?
दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी ताकि समुद्री सुरक्षा मजबूत हो और व्यापारिक समुद्री मार्ग खुले व स्वतंत्र रहें।
भारत-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम में कौन शामिल हो रहा है?
इसमें जापान की 100 से अधिक शीर्ष कंपनियों के कारोबारी और सीईओ हिस्सा ले रहे हैं।
इस यात्रा से किन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने की उम्मीद है?
रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और तेल-गैस जैसे क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
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