आर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेवैश्विक संकट की सुगबुगाहट के बीच पश्चिमी मुल्कों और एशिया में राशन जुटाने की होड़, 1000 दिनों की समयसीमा तयटाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में हरियाणा के सोनीपत से एक और संदिग्ध पकड़ा गया, कुल गिरफ्तारियां 12 हुईंऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालतपोकर सॉफ्टवेयर में सेंधमारी कर हाई-स्टेक्स खिलाड़ियों के पत्ते देख रहा था हैकर, लाखों डॉलर का खेल उजागरमछली बाजार में असली और ताजा केकड़ा चुनने का आसान तरीकाभागलपुर के 12वीं के छात्र प्रिंस का पंचक सिलाट में अंतरराष्ट्रीय चयन, 33 देशों के मुकाबले में उतरेंगेसीबीएसई 12वीं का री-इवैल्यूएशन पोर्टल फिर पड़ा ठप, तारीख बदलने के बाद भी अटकी मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रियामहाराष्ट्र विधान परिषद नतीजों में महायुति पिछड़ी, 5 में से 3 सीटें जीतकर एमवीए का दबदबात्योहारी मांग के बीच मिलावटखोरों पर शिकंजा, राजधानी में सैकड़ों लीटर अखाद्य सामग्री जब्त
लैपटॉप और मॉनिटर पर आईग्लास क्लीनर छिड़कने से खराब हो सकती है स्क्रीन, जानें सफाई का सही तरीकाDIY
30 अक्तू॰ 2026, 1:56 am (1 घंटे पहले)· 0

लैपटॉप और मॉनिटर पर आईग्लास क्लीनर छिड़कने से खराब हो सकती है स्क्रीन, जानें सफाई का सही तरीका

आईग्लास क्लीनर या तेज केमिकल से आधुनिक लैपटॉप और मॉनिटर की एंटी-ग्लेयर कोटिंग हमेशा के लिए खराब हो सकती है। इसे सुरक्षित रखने के लिए माइक्रोफाइबर कपड़े और गुनगुने पानी या आइसोप्रोपाइल अल्कोहल के सही अनुपात का इस्तेमाल करना चाहिए।

लैपटॉप और कंप्यूटर मॉनिटर पर काम करते समय धूल, उंगलियों के निशान और तरह-तरह के धब्बे जमना बेहद आम बात है। कई लोग इन जिद्दी निशानों को हटाने के लिए तुरंत चश्मा साफ करने वाले क्लीनर स्प्रे, शीशा साफ करने वाले केमिकल या किसी भी सूखे कपड़े का सहारा ले लेते हैं। दिखने में यह तरीका बेहद आसान और असरदार लग सकता है, लेकिन यह आदत डिस्प्ले को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है। आधुनिक स्क्रीन्स पर लगी बेहद नाजुक सुरक्षात्मक परतें केमिकल के संपर्क में आते ही उखड़ने लगती हैं। डिस्प्ले को सुरक्षित रखने और उसकी उम्र बढ़ाने के लिए सही तकनीक और सुरक्षित समाधान जानना बेहद जरूरी है।

आईग्लास क्लीनर और घरेलू केमिकल क्यों हैं खतरनाक

आजकल के लैपटॉप, एलईडी और ओलेड मॉनिटर्स पर विशेष प्रकार की एंटी-ग्लेयर और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स दी जाती हैं। यह परतें रोशनी के परावर्तन को रोकती हैं और स्क्रीन को साफ दिखाती हैं। जब कोई व्यक्ति आईग्लास क्लीनर, विंडेक्स या क्लोरोक्स वाइप्स जैसे तेज केमिकल उत्पादों का इस्तेमाल करता है, तो इनमें मौजूद तत्व उस सुरक्षात्मक परत को धीरे-धीरे घोल देते हैं। इसके कारण स्क्रीन पर स्थायी दाग या धुंधलापन आ जाता है। कई बार केमिकल से हुआ यह नुकसान इतना गंभीर हो जाता है कि स्क्रीन की मरम्मत कराने की लागत नया मॉनिटर खरीदने जितनी बैठती है।

ये भी पढ़ें

स्क्रीन साफ करने का सुरक्षित और सही तरीका

सफाई की प्रक्रिया शुरू करने से पहले सबसे पहले लैपटॉप या मॉनिटर को पूरी तरह बंद कर दें और पावर प्लग निकाल दें। काली स्क्रीन पर धूल और दाग बहुत आसानी से नजर आते हैं, साथ ही डिवाइस बंद रहने से किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक खराबी का खतरा भी टल जाता है। सफाई के लिए हमेशा एक साफ माइक्रोफाइबर कपड़े का ही चयन करें।

सफाई के घोल के रूप में गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर स्क्रीन पर तेल या चिपचिपे उंगलियों के निशान हैं, तो पानी और आइसोप्रोपाइल अल्कोहल को 1:1 के अनुपात में मिलाकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है। यहां सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि किसी भी तरल पदार्थ या अल्कोहल को सीधे स्क्रीन पर कभी न छिड़कें। स्प्रे हमेशा माइक्रोफाइबर कपड़े पर हल्का सा करें ताकि कपड़ा सिर्फ नम हो, गीला नहीं। सीधे स्क्रीन पर स्प्रे करने से तरल बूंदें डिस्प्ले के निचले हिस्से या किनारों के अंदर रिस सकती हैं, जिससे आंतरिक सर्किट खराब हो सकते हैं।

पोंछने की तकनीक और कीबोर्ड की देखभाल

नम माइक्रोफाइबर कपड़े से स्क्रीन पर मौजूद उंगलियों के निशान और दागों को हमेशा गोल-गोल घुमावदार तरीके से यानी सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से पोंछना चाहिए। यदि आप कपड़े को केवल ऊपर से नीचे या बाएं से दाएं सीधी रेखा में चलाएंगे, तो सूखने के बाद स्क्रीन पर लकीरें या स्ट्रीक्स छूटने की पूरी संभावना रहती है। सर्कुलर मोशन से सफाई करने पर कोई भी लकीर नहीं बनती।

सफाई के दौरान स्क्रीन पर कभी भी तेज दबाव न डालें। यदि कोई दाग अधिक जिद्दी है, तो उस पर कपड़े को थोड़ी देर अतिरिक्त समय देकर धीरे-धीरे घुमाएं, लेकिन स्क्रीन को दबाने या खुरचने की गलती कतई न करें। इसी नम कपड़े का इस्तेमाल मॉनिटर के फ्रेम यानी बेजल और स्टैंड को चमकाने के लिए भी किया जा सकता है। लैपटॉप उपयोगकर्ता इसी कपड़े से कीबोर्ड पर जमी चिकनाई और धूल भी साफ कर सकते हैं।

किन गलतियों से हर हाल में बचें

स्क्रीन चालू रहने के दौरान सफाई करने की भूल कभी न करें, क्योंकि इससे पिक्सल डैमेज और शॉर्ट सर्किट का जोखिम बढ़ जाता है। इसके अलावा किचन पेपर टॉवल, फेशियल टिश्यू या किसी भी खुरदरे सूती कपड़े का इस्तेमाल स्क्रीन पर बिल्कुल न करें। पेपर टॉवल की बनावट में लकड़ी के रेशे होते हैं, जो डिस्प्ले की कोटिंग पर ऐसे बारीक खरोंच छोड़ देते हैं जिन्हें किसी भी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता।

सफाई का अंतराल और किनारों की धूल हटाना

धूल और तेल की परत को जमने से रोकने के लिए हर एक से दो हफ्ते में स्क्रीन की नियमित सफाई करने की सलाह दी जाती है। यदि स्क्रीन पर गलती से चाय, कॉफी या किसी तरल का छींटा पड़ जाए, तो उसे सूखने का इंतजार किए बिना तुरंत पोंछ देना चाहिए। अधिक समय तक टिके रहने वाले दाग बाद में सख्त हो जाते हैं और उन्हें हटाना जोखिम भरा हो जाता है। मॉनिटर के किनारों, पोर्ट्स या स्क्रीन के निचले बेस में जहां कपड़ा नहीं पहुंच पाता, वहां फंसी धूल को निकालने के लिए कंप्रेस्ड एयर के कैन का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सकता है।

सवाल-जवाब

क्या लैपटॉप की स्क्रीन साफ करने के लिए चश्मे का क्लीनर इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं, चश्मे वाले क्लीनर में मौजूद केमिकल आधुनिक स्क्रीन पर लगी एंटी-ग्लेयर और प्रोटेक्टिव कोटिंग को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
स्क्रीन पर लगे जिद्दी दाग हटाने के लिए क्या इस्तेमाल करना चाहिए?
गुनगुने पानी या फिर पानी और आइसोप्रोपाइल अल्कोहल के 1:1 मिश्रण से हल्का नम किया हुआ माइक्रोफाइबर कपड़ा इस्तेमाल करना चाहिए।
क्या पानी या अल्कोहल को सीधे स्क्रीन पर स्प्रे किया जा सकता है?
बिल्कुल नहीं, सीधे स्प्रे करने से तरल किनारों से अंदर रिस सकता है; हमेशा स्प्रे पहले माइक्रोफाइबर कपड़े पर ही करें।
स्क्रीन साफ करते समय गोल-गोल यानी सर्कुलर मोशन में पोंछना क्यों जरूरी है?
सर्कुलर मोशन में पोंछने से स्क्रीन सूखने के बाद लकीरें या स्ट्रीक्स नहीं बनतीं, जो सीधी रेखा में पोंछने पर छूट जाती हैं।
स्क्रीन साफ करने के लिए पेपर टॉवल या टिश्यू पेपर का उपयोग क्यों नहीं करना चाहिए?
पेपर टॉवल और टिश्यू पेपर खुरदरे होते हैं और स्क्रीन पर ऐसे स्थायी खरोंच छोड़ सकते हैं जिन्हें बाद में ठीक नहीं किया जा सकता।
मॉनिटर और लैपटॉप स्क्रीन को कितनी बार साफ करना चाहिए?
धूल और गंदगी को जमने से रोकने के लिए हर एक से दो हफ्ते में स्क्रीन को साफ करने की सलाह दी जाती है।
स्क्रीन के किनारों और बेस की धूल हटाने के लिए क्या करें?
स्क्रीन के किनारों और बेस में फंसी धूल को निकालने के लिए कंप्रेस्ड एयर का सुरक्षित उपयोग किया जा सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp