सिनेमाघरों में बहुप्रतीक्षित सस्पेंस थ्रिलर ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ के आगमन के साथ ही विजय सलगांवकर की दास्तान अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। 2 अक्टूबर की तारीख पर बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रही इस फिल्म में मुख्य किरदार निभा रहे अजय देवगन ने कहानी में सुरों की भूमिका को बेहद अहम बताया है। अभिनेता का स्पष्ट मानना है कि इस पूरी फ्रैंचाइजी में बैकग्राउंड स्कोर और गीत महज मनोरंजन का साधन नहीं रहे, बल्कि वे कथानक के भीतर उठने वाले मनोवैज्ञानिक तूफानों को दर्शकों के दिलों तक गहराई से पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बने हैं।
कहानी को रफ्तार और गहराई देता हर एक सुर
दृश्यम श्रृंखला के सफर पर बात करते हुए अजय देवगन ने कहा कि इस कहानी में संगीत हमेशा से अपने आप में एक अलग और जिंदा किरदार की भूमिका निभाता आया है। उनका कहना है कि सस्पेंस ड्रामा के दौरान स्क्रीन पर घटित होने वाली घटनाओं में जो डर, बेचैनी और तनाव छिपा होता है, उसे संगीत ही सतह पर लाकर दर्शकों को भावनात्मक स्तर पर जोड़ता है। इस फ्रैंचाइजी की पहचान सिर्फ इसकी पेचीदा साजिशें ही नहीं, बल्कि वह अनकहा दबाव भी है जो हर फ्रेम में मौजूद रहता है, और यही वजह है कि तीसरे भाग में भी धुनों को उतनी ही संजीदगी से गढ़ा गया है।
निर्देशक अभिषेक पाठक ने भी फिल्म के साउंडट्रैक को लेकर अपनी सोच साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण दल का मुख्य उद्देश्य यही था कि एल्बम में शामिल हर रचना विजय सलगांवकर के जीवन के किसी न किसी खास पहलू या मनोदशा को उजागर करे। निर्देशक के अनुसार, इस पूरे कथानक के मूल में परिवार की रक्षा का संकल्प, कानून का लगातार बढ़ता दबाव, बदले की सुलगती आग, मन में बैठा गहरा डर और उम्मीद की आखिरी किरण जैसे कई जटिल तत्व मौजूद हैं। संगीतकारों ने इन्हीं मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखकर हर ट्रैक की संरचना की है।
दास्तान में सुनिधि चौहान की आवाज ने ताजा किया अतीत
इस पूरे म्यूजिक एल्बम की एक प्रमुख धुरी बना है गीत ‘दास्तान: द दृश्यम रिकैप’, जिसे सुनिधि चौहान ने अपनी आवाज से संवारा है। यह गीत पिछली दोनों फिल्मों यानी ‘दृश्यम’ और ‘दृश्यम 2’ की संपूर्ण घटनाओं का एक भावुक निचोड़ प्रस्तुत करता है। इस ट्रैक के माध्यम से दर्शकों को यह याद दिलाया गया है कि किस तरह विजय सलगांवकर ने अपने परिवार को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए कठिन फैसले लिए, किन विषम परिस्थितियों का सामना किया और कितने बड़े व्यक्तिगत बलिदान दिए।
सुनिधि चौहान ने इस रिकॉर्डिंग के अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि यह ट्रैक उनके लिए बेहद खास रहा क्योंकि यह किसी एक दृश्य पर आधारित होने के बजाय कई वर्षों के लंबे सफर और संघर्ष को बयां करता है। उन्होंने बताया कि गायन के समय उनका पूरा प्रयास यही था कि श्रोता जब इस गाने को सुनें तो उन्हें ऐसा महसूस हो मानो वे पुरानी स्मृतियों के गलियारों से गुजरते हुए सीधे इस नए और अंतिम अध्याय के मुहाने पर पहुंच गए हों। यह गीत दर्शकों को उस मानसिक धरातल पर ले जाता है, जहां से अंतिम टकराव की शुरुआत होती है।
विविध शैलियों का अनूठा संगम और दिग्गज कलाकारों की टोली
‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ का साउंडट्रैक संगीत के कई अलग-अलग रंगों को समेटे हुए है। इसके निर्माण के लिए रवि बसरूर, रोचक कोहली और KARMA ने साथ मिलकर काम किया है। एल्बम में रवि बसरूर द्वारा तैयार किया गया ‘विंगांसा’ शामिल है, जिसे आमिल कीयान खान ने शब्दों में ढाला है और सिद्धार्थ बसरूर ने गाया है। यह रचना विजय के सफर के उस स्याह और आक्रामक पहलू को सामने लाती है, जहां न्याय और बदले की सीमाएं धुंधली पड़ जाती हैं।
वहीं दूसरी ओर, रोचक कोहली के संगीत निर्देशन में तैयार हुआ गीत ‘मुस्कुरा दो’ एक सर्वथा भिन्न भाव प्रस्तुत करता है। मनोज मुंतशिर के लिखे इस संवेदनशील गीत को लकी अली ने अपनी पुरकशिश आवाज में गाया है। यह गाना विजय सलगांवकर के पारिवारिक पक्ष, अपनों के प्रति उसके अगाध प्रेम और उस कोमलता को दर्शाता है जिसके लिए वह हर मुसीबत से टकराने को तैयार रहता है। इसके साथ ही KARMA का ऊर्जावान ट्रैक ‘गेम ओवर’ और सुनिधि चौहान का ‘दास्तान’ इस एल्बम को पूर्णता प्रदान करते हैं।
दमदार स्टारकास्ट के साथ आखिरी इम्तिहान की तैयारी
अभिषेक पाठक के निर्देशन में तैयार हुई इस क्राइम थ्रिलर में अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के यादगार किरदार में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरने लौट रहे हैं। फिल्म में उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, इशिता दत्ता, मृणाल जाधव, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत जैसे मझे हुए कलाकारों की लंबी फेहरिस्त मौजूद है। अब देखना दिलचस्प होगा कि सलगांवकर परिवार की इस अंतिम कानूनी और मानसिक लड़ाई को सिनेमाघरों में दर्शकों का कितना प्यार मिलता है।


















