बॉलीवुड के दिग्गज और लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने अपने संगीत करियर के एक बेहद डरावने और तनावपूर्ण अनुभव को साझा किया है। उन्होंने उस दौर को याद किया जब उन्हें अपनी जान और सुरक्षा के डर के साये में एक अंडरवर्ल्ड डॉन के सामने गाना गाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। यह घटना उनके पूरे करियर का सबसे भयानक अनुभव साबित हुई थी, जिसे वह आज भी चाहकर भी भूल नहीं पाए हैं।
एक बातचीत के दौरान इस पुराने समय को याद करते हुए कुमार सानू ने बताया कि उस कालखंड में हिंदी फिल्म जगत पर कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड का भारी प्रभाव और नियंत्रण हुआ करता था। सुभजीत घोष के पॉडकास्ट पर इस वाकये को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उस दौर में ऐसे लोगों या आयोजकों के आमंत्रण या आदेश को ठुकराना अपनी जान जोखिम में डालने के बराबर था।
दुबई की उस प्राइवेट पार्टी का खौफ
कुमार सानू ने उस घटना को याद करते हुए विस्तार से बताया कि उन वर्षों में संगीत और फिल्म इंडस्ट्री का माहौल बेहद अलग और घुटन भरा था। उनके मन में उस समय भयंकर डर समाया हुआ था क्योंकि उस वक्त पूरी इंडस्ट्री एक अलग ही माफिया तंत्र के इशारे पर चल रही थी। चर्चा के दौरान जब होस्ट ने उनसे पूछा कि वह समय इतना खतरनाक क्यों था और क्या यह सच है कि म्यूजिक इंडस्ट्री की एक जानी-मानी हस्ती गुलशन कुमार को इसी माहौल के चलते मौत के घाट उतार दिया गया था, तो हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मजबूरी में माननी पड़ती थी हर बात
इस सवाल के जवाब में कुमार सानू ने स्वीकार किया कि वह इस डर और तत्कालीन परिस्थितियों को भली-भांति समझ सकते हैं क्योंकि उन्होंने खुद ऐसे कई आयोजनों में उस खौफनाक माहौल को अपनी आंखों से देखा था। यही वजह थी कि वह चाहकर भी ऐसे इवेंट्स में अपनी प्रस्तुति देने से मना नहीं कर पाते थे। उन्हें अच्छी तरह यह अहसास था कि ऐसे लोगों की मांगों को अस्वीकार करना किसी भी लिहाज से सुरक्षित नहीं था। ऐसी स्थिति में उनकी बात मानकर हां कह देना ही उस समय का सबसे व्यावहारिक और सुरक्षित विकल्प नजर आता था।
मुश्किल दौर में कैसे संभाला खुद को
जब कुमार सानू से यह सवाल किया गया कि उन्होंने खुद को उस अत्यंत कठिन और जोखिम भरे वक्त में कैसे संभाला और संभाले रखा, तो उन्होंने खुलासा किया कि उनमें से कुछ प्रभावशाली और आपराधिक तत्वों के साथ उनकी अच्छी जान-पहचान हो गई थी। उन लोगों ने उन्हें यह भरोसा भी दिलाया था कि यदि कभी कोई संकट आया तो वे उनकी सुरक्षा और सहायता करेंगे। हालांकि, इन सब के बावजूद कुमार सानू ने हमेशा ऐसे लोगों से उचित दूरी बनाकर रखी और कभी भी उनके अनावश्यक दखल या सहयोग को बढ़ावा नहीं दिया।
दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
अपने पुराने अनुभवों के अलावा कुमार सानू हाल ही में कानूनी मोर्चे पर भी चर्चा में आए हैं जब उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। अदालत में उन्होंने अपने पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की रक्षा के लिए याचिका दायर की है। इस कानूनी कदम के जरिए उन्होंने मांग की है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, उनकी अनूठी आवाज, उनकी छवि तथा उनकी पहचान का कोई भी व्यावसायिक इस्तेमाल न किया जा सके।



















