बंगाली सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री रुक्मिणी मल्लिक, जिन्हें दर्शक कोयल मल्लिक के नाम से अधिक जानते हैं, इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों के केंद्र में हैं। भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने के बाद उन्होंने सोमवार को राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा दाखिल किया। चुनावी मैदान में उतरते ही उनके करियर और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कई दिलचस्प पहलू चर्चा में आ गए हैं। इनमें सबसे चर्चित किस्सा उस हिंदी फिल्म का है, जिसने बॉलीवुड को कंगना रनौत जैसी अदाकारा दी, लेकिन जिसे कोयल मल्लिक ने खुद अपनी शर्तों पर करने से मना कर दिया था।
बोल्ड दृश्यों के कारण छोड़ दी थी अनुराग बसु की रोमांटिक थ्रिलर
साल 2006 में आई अनुराग बसु निर्देशित रोमांटिक थ्रिलर फिल्म गैंगस्टर से कंगना रनौत ने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था। इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस और समीक्षकों के बीच भारी हलचल मचाई थी, साथ ही कंगना रनौत को सर्वश्रेष्ठ फीमेल डेब्यू के लिए प्रतिष्ठित फिल्मफेयर पुरस्कार भी दिलाया था। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि इस किरदार के लिए कंगना निर्देशक की पहली पसंद बिल्कुल नहीं थीं। अनुराग बसु ने यह प्रमुख भूमिका सबसे पहले कोयल मल्लिक को पेश की थी।
कोयल मल्लिक ने कहानी सुनने के बाद फिल्म का हिस्सा बनने से साफ इनकार कर दिया था। उनकी इस नामंजूरी की मुख्य वजह स्क्रिप्ट में शामिल अंतरंग और बोल्ड दृश्य थे। अभिनेत्री ने स्पष्ट कर दिया था कि वह कैमरे के सामने बोल्ड सीन्स करने में कतई सहज महसूस नहीं करतीं, इसलिए उन्होंने इस बड़े बॉलीवुड प्रोजेक्ट से दूरी बनाना ही बेहतर समझा। फिल्म के रिलीज होकर बड़ी हिट साबित होने के बाद, कोयल ने मजाकिया लहजे में निर्देशक अनुराग बसु से कहा था कि अगर उन्होंने वह किरदार निभा लिया होता, तो शायद बॉलीवुड को कंगना रनौत जैसी बहुमुखी अभिनेत्री कभी नहीं मिल पाती।
राजनीतिक पारी का सफर और संक्षिप्त संसदीय कार्यकाल
दिग्गज बंगाली अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी कोयल का राजनीति से जुड़ाव पहले भी रह चुका है। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने से पहले वह तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं। उच्च सदन में उनका कार्यकाल बेहद संक्षिप्त रहा था, जो 6 अप्रैल से 16 जुलाई तक चला। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले दल की विधानसभा चुनाव में शिकस्त के बाद उन्होंने अपने सांसद पद से इस्तीफा सौंप दिया था। अब भाजपा के टिकट पर राज्यसभा नामांकन दाखिल कर उन्होंने सक्रिय राजनीति में एक नया अध्याय शुरू किया है।
टॉलीवुड का सफर, सुपरहिट फिल्में और महानायक सम्मान
28 अप्रैल 1982 को जन्मी कोयल मल्लिक को बंगाली फिल्म उद्योग में टॉली क्वीन के नाम से भी पुकारा जाता है। उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपना पहला कदम साल 2003 में आई फिल्म नातेर गुरु से रखा था। उनकी यह पहली ही पेशकश टिकट खिड़की पर जबर्दस्त कामयाब रही। इसके बाद उन्होंने शुभोदृष्टि, मोन माने ना, प्रेमर कहिनी, 100% लव, रंगबाज और पगलू जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम करके बंगाली सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाई। सिनेमाई योगदान को देखते हुए साल 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित महानायक सम्मान से नवाजा।
पारिवारिक जीवन और सात साल के रिश्ते के बाद विवाह
कामकाज की चकाचौंध के बीच कोयल मल्लिक ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर और सुरक्षित रखा है। उन्होंने 1 फरवरी 2013 को निसपाल सिंह के साथ विवाह किया। सात वर्षों के लंबे प्रेम संबंध के बाद दोनों ने शादी का फैसला किया था। साल 2020 में कोयल पहली बार मां बनीं और उन्होंने अपने बेटे का नाम कबीर रखा। इसके बाद साल 2024 में उनके परिवार में एक नन्ही बेटी का आगमन हुआ।



















