उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक वरिष्ठ चिकित्सक द्वारा पारिवारिक तनाव के चलते अपनी जीवनलीला समाप्त करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। निराला नगर के ब्लॉसम अपार्टमेंट में रहने वाले 47 वर्षीय जनरल सर्जन संदीप सिंह ने रविवार को अपने आवास पर निजी लाइसेंसी असलहे से सीने में गोली दाग दी। घटना के तुरंत बाद परिजन उन्हें उपचार के लिए रीजेंसी अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षणोपरांत उन्हें मृत लाया घोषित कर दिया। मृतक कानपुर देहात स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात थे।
पूजा स्थल के समक्ष उठाया आत्मघाती कदम
पारिवारिक सूत्रों और पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की रात दंपती के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। बहस के बाद संदीप घर के पूजा स्थल के सामने पहुंचे और वहीं बैठकर अपनी रिवॉल्वर से खुद पर फायर झोंक दिया। अचानक हुए धमाके की आवाज सुनकर उनकी पत्नी कंचन जब उस कमरे की तरफ दौड़ीं, तो उन्होंने पति को लहूलुहान अवस्था में फर्श पर गिरा पाया। चीख-पुकार मचने पर आसपास के लोग और परिजन एकत्र हुए तथा आनन-फानन में उन्हें चिकित्सालय पहुंचाया गया, परंतु तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
फोरेंसिक पड़ताल और पुलिसिया कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि वैवाहिक रिश्तों में तनाव ही इस चरम कदम के पीछे की प्रमुख वजह प्रतीत होती है। उन्होंने स्पष्ट किया, "विस्तृत जांच की जाएगी।" वहीं पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि जांच दल ने मौके से प्रयुक्त लाइसेंसी रिवॉल्वर अपने कब्जे में ले ली है। इसके साथ ही फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम प्रक्रिया के लिए भिजवाया गया है।
वैवाहिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक तनाव
मृतक के चचेरे भाई मोहित सिंह के अनुसार संदीप ने दो शादियां की थीं। वर्ष 2007 में उनका पहला विवाह कानपुर की ही एक एमबीबीएस महिला चिकित्सक के साथ हुआ था, जो लंबे मनमुटाव के उपरांत वर्ष 2018 में परस्पर रजामंदी से तलाक में बदल गया। पहली शादी से उनका एक 12 वर्षीय पुत्र भी है। इसके बाद वर्ष 2019 में संदीप ने कासगंज निवासी कंचन से दूसरा विवाह किया। वर्तमान में संदीप अपनी दूसरी पत्नी, चार वर्ष की मासूम बेटी तथा एक छोटे बेटे के साथ ब्लॉसम अपार्टमेंट में निवास कर रहे थे, जबकि उनके माता-पिता और अनुज लाल बंगला क्षेत्र के परेडवनपुरवा में अलग रहते हैं।
पिता ने बयां की उस रात की दास्तान
मृतक के पिता राज बहादुर सिंह ने बताया कि रविवार रात्रि करीब 9.30 बजे उनकी बेटे से सामान्य बातचीत हुई थी, जिसमें उन्होंने उसका कुशलक्षेम जाना था। पिता का कहना है कि दूसरी शादी के बाद से ही घर में छोटी-मोटी घरेलू बातों को लेकर मतभेद शुरू हो गए थे। दोनों के बीच अक्सर होने वाले विवादों को सुलझाने के लिए वे स्वयं कई बार मध्यस्थता करते थे। रविवार की रात भी बात बढ़ने पर आवेश में आकर संदीप ने यह घातक कदम उठा लिया। पुलिस अब सभी कोणों को ध्यान में रखकर गहन छानबीन कर रही है।




















