बॉलीवुड अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री तमन्ना भाटिया मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्म का कथानक बिहार की समृद्ध लोककथाओं, घने रहस्यमयी जंगलों और पारंपरिक आस्था के इर्द-गिर्द बुना गया है। इसी वजह से दर्शकों के बीच इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा था। फिल्म में बिहार के सबसे बड़े लोकपर्व छठ पूजा पर आधारित गीत ‘छठी मैया’ को भी शामिल किया गया है, जिसे श्रोताओं का भरपूर प्यार मिला। हालांकि, इस सकारात्मक माहौल के बीच इंटरनेट पर अभिनेता का एक पुराना वीडियो दोबारा सामने आ गया है, जिसने नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस पुराने वीडियो में वह भोजपुरी भाषा को लेकर एक बेहद विवादित टिप्पणी करते हुए नजर आए थे।
फिल्म में पूर्वांचल की आस्था और छठ पर्व का चित्रण
फिल्म ‘द वन’ के जरिए बड़े पर्दे पर बिहार और पूर्वांचल के महापर्व छठ की पावन परंपरा को प्रमुखता से पेश करने का प्रयास किया गया है। हाल ही में इस फिल्म का भक्ति गीत ‘छठी मैया’ दर्शकों के सामने आया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली। इस गाने के दृश्यों में तमन्ना भाटिया और सिद्धार्थ पारंपरिक परिधानों में पूरी श्रद्धा के साथ छठ का व्रत निभाते और अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
गायक विशाल मिश्रा के सुरों से सजे इस गीत ने दर्शकों के दिलों को छू लिया और लोग सिनेमा में बिहारी संस्कृति के इस गरिमामयी प्रस्तुतिकरण से काफी प्रभावित हुए। बिहार के स्थानीय लोगों के साथ-साथ भोजपुरी मनोरंजन जगत से जुड़े कलाकारों ने भी इस बात पर प्रसन्नता जताई थी कि उनके धार्मिक अनुष्ठानों और सामाजिक मान्यताओं को मुख्यधारा के सिनेमा में इतना सम्मानजनक स्थान दिया जा रहा है। इसे क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को एक राष्ट्रीय मंच पर प्रमोट करने की अच्छी पहल माना जा रहा था।
सोशल मीडिया पर अभिनेता की आलोचना और ट्रोलिंग
एक तरफ जहां अभिनेता अपनी इस नई फिल्म के जरिए बिहार की आस्था और संस्कृति को प्रस्तुत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इंटरनेट पर उनके एक पुराने बयान ने लोगों को नाराज कर दिया है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग इस समय अभिनेता पर तीखे कटाक्ष कर रहा है और उनके पिछले आचरण को लेकर सवाल उठा रहा है। लोग इस बात पर नाराजगी जता रहे हैं कि जिस भाषा और संस्कृति का कभी सार्वजनिक रूप से उपहास उड़ाया गया था, आज व्यावसायिक लाभ और फिल्म प्रचार के लिए उसी संस्कृति का सहारा लिया जा रहा है।
बिग बॉस 11 के मंच पर उपजा था विवाद
यह पूरा मामला दरअसल साल 2018 का है, जब सिद्धार्थ अपनी फिल्म ‘अय्यारी’ के प्रचार सिलसिले में टेलीविजन के रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ के सेट पर पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में उनके साथ जाने-माने अभिनेता मनोज बाजपेयी और अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह भी शामिल हुए थे, जबकि शो की मेजबानी सलमान खान कर रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान बातचीत के बीच मनोज बाजपेयी ने हल्के-फुल्के अंदाज में सिद्धार्थ से भोजपुरी में कुछ संवाद बोलने का आग्रह किया था। सिद्धार्थ ने उस समय भोजपुरी बोलने का प्रयास तो किया, लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने इस भाषा को लेकर एक अनुचित और अशोभनीय टिप्पणी कर दी। उन्होंने मजाक उड़ाते हुए कहा कि भोजपुरी भाषा का उच्चारण करने पर उन्हें ‘लैट्रिन वाली फीलिंग’ आती है। टेलीविजन के राष्ट्रीय मंच पर किसी क्षेत्रीय भाषा के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किए जाने से उस समय बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
उस दौर में अभिनेत्री नीतू चंद्रा सहित कला और साहित्य जगत के कई प्रमुख व्यक्तियों ने सिद्धार्थ के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान की कड़ी भर्त्सना की थी। विवाद के तूल पकड़ने के बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी। उन्होंने लिखा था कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था, बल्कि वह केवल एक नई भाषा बोलने की कोशिश कर रहे थे।
पुराने वीडियो के दोबारा सामने आने से उठे सवाल
अब जबकि सिद्धार्थ की नई फिल्म सीधे तौर पर बिहार के जनजीवन, लोक आस्था और परंपराओं पर आधारित है, इंटरनेट यूजर्स उनके उसी पुराने वीडियो क्लिप को एक बार फिर तेजी से साझा कर रहे हैं। कई लोगों का तर्क है कि जब तक किसी कलाकार के मन में किसी क्षेत्र और उसकी भाषा के प्रति वास्तविक सम्मान न हो, तब तक केवल फिल्म को सफल बनाने के लिए उस संस्कृति को अपनाना दोगलापन है। इसी विरोधाभास के चलते अब सोशल मीडिया पर अभिनेता को कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है।


















