बॉलीवुड के जाने-माने गीतकार मनोज मुंतशिर 5 अक्टूबर को अपनी शादी की सालगिरह मना रहे हैं। इस खास अवसर पर उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पत्नी नीलम मुंतशिर के साथ रोमांटिक तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक बेहद भावुक नोट भी लिखा, जिसमें उन्होंने नीलम को अपना सबसे बेहतरीन दोस्त बताया। प्रशंसकों के बीच यह पोस्ट तेजी से चर्चा का विषय बन गई है और लोग इस जोड़ी पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं।
सालगिरह और जन्मदिन पर जाहिर किए दिली जज्बात
इंस्टाग्राम पर पत्नी के साथ हंसते-मुस्कुराते पलों की तस्वीरें साझा करते हुए मनोज मुंतशिर ने अपने रिश्ते के सफर को शब्दों में पिरोया। उन्होंने अपने नोट में कहा कि दोस्ती का पहले प्यार में बदलना और फिर उस रिश्ते का विवाह तक पहुंचना एक सुखद बात है, लेकिन शादी के कई वर्षों बाद भी वह शुरुआती दोस्ती कायम रहना एक दुर्लभ चमत्कार जैसा होता है। मनोज ने खुद को बेहद भाग्यशाली बताते हुए लिखा कि 30 साल पहले नीलम पहले उनकी दोस्त बनीं, इसके बाद दोनों में प्यार हुआ और आखिरकार वे जीवनसाथी बनीं। अपनी पत्नी को एक साथ जन्मदिन और शादी की सालगिरह की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने जीवन भर बिना किसी शर्त के प्यार और साथ निभाने के लिए आभार भी प्रकट किया।
लेखन जगत में नीलम की अपनी अलग पहचान
मनोज मुंतशिर और नीलम का विवाह 5 अक्टूबर 1999 को संपन्न हुआ था। नीलम सिर्फ एक गीतकार की जीवनसंगिनी ही नहीं हैं, बल्कि लेखन की दुनिया में उनका अपना एक मजबूत मुकाम है। वह एक स्थापित लेखिका हैं और कई प्रतिष्ठित रचनात्मक परियोजनाओं में अपनी कलम का जादू दिखा चुकी हैं। साल 2023 में रिलीज हुए चर्चित गीत वंदे भारतम के लेखन कार्य में भी नीलम का अहम योगदान रहा है। सिनेमा और संगीत के क्षेत्र में उन्होंने अपने सशक्त लेखन से एक विशिष्ट पहचान गढ़ी है।
जब करियर की खातिर टूट गई थी पहली तय शादी
मनोज मुंतशिर ने अपने शुरुआती जीवन से जुड़ा एक बेहद रोचक वाकया एक शो के दौरान साझा किया था। नीलम से मुलाकात और शादी से पहले उनकी शादी किसी अन्य युवती से तय हो चुकी थी। शादी की तैयारियां इस कदर आगे बढ़ चुकी थीं कि निमंत्रण पत्र तक छप चुके थे। इसी दौरान लड़की के भाई ने मनोज से उनके भविष्य के काम और आजीविका के साधन के बारे में सवाल किया। मनोज ने स्पष्ट तौर पर जवाब दिया कि वह सिर्फ गाने और कविताएं लिखना चाहते हैं। लड़की के परिजन इस करियर विकल्प से बिल्कुल सहमत नहीं हुए और नतीजा यह रहा कि रिश्ता टूट गया। उस दौर में मनोज ने विवाह के पारिवारिक दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने लेखन के जुनून को प्राथमिकता दी।
अमेठी से मुंबई तक का प्रेरणादायी सफर
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से ताल्लुक रखने वाले मनोज मुंतशिर ने अपनी उच्च शिक्षा इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के उपरांत वह अपने सपनों को साकार करने और किस्मत आजमाने के लिए मायानगरी मुंबई पहुंचे। मुंबई के संघर्षपूर्ण माहौल में उन्होंने अपनी अटूट मेहनत और लगन के दम पर हिंदी सिनेमा में शीर्ष मुकाम हासिल किया। उन्होंने बाहुबली, कबीर सिंह, केसरी और एम एस धोनी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए लोकप्रिय गीत और यादगार संवाद लिखकर दर्शकों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।



















