बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल एक बार फिर अपनी सादगी और खूबसूरत तालमेल को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। शादी के बाद से ही अपनी सहज जीवनशैली और मजेदार केमिस्ट्री से प्रशंसकों का दिल जीतने वाला यह जोड़ा इस बार गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचा। दोनों अर्पिता खान के घर आयोजित गणेश उत्सव का हिस्सा बने, जहां उन्होंने पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव से भगवान श्रीगणेश की पूजा-अर्चना की। त्योहार के इन यादगार पलों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया गया है, जिसमें दोनों गणपति बप्पा की आरती करते और फिर विसर्जन के समय उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए नजर आ रहे हैं।
अर्पिता खान के घर उत्सव का माहौल और पारंपरिक अंदाज
इस पारिवारिक उत्सव के दौरान दोनों का पारंपरिक और सहज अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा था। सामने आए वीडियो में सोनाक्षी सिन्हा ने खूबसूरत नीले रंग का पारंपरिक परिधान पहना हुआ था, जिसमें उनका लुक बेहद शालीन लग रहा था। वहीं दूसरी तरफ जहीर इकबाल काफी सादे और सहज लुक में नजर आए। उन्होंने सफेद टी-शर्ट के साथ काले रंग का ट्राउजर पहन रखा था। दोनों विसर्जन यात्रा शुरू होने से ठीक पहले गणपति की आरती उतारते हुए पूरी तरह भक्ति में लीन दिखाई दिए। हालांकि इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर साझा करते समय सोनाक्षी ने कमेंट सेक्शन को बंद रखने का फैसला किया। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ केवल संक्षेप में लिखा, 'गणपति बप्पा मोरया।'
चोट के बावजूद पहुंचे जहीर और सोनाक्षी का हाजिरजवाब अंदाज
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान जहीर इकबाल के पैर में चोट साफ नजर आ रही थी और वे सहारे के लिए हाथ में छड़ी लेकर चलते दिखाई दिए। जब वहां मौजूद पैपराजी और फोटोग्राफरों ने जहीर से उनकी चोट और घायल पैर के बारे में सवाल किया, तो माहौल में तनाव की जगह दोनों की हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिली। जहीर कुछ बोल पाते, उससे पहले ही सोनाक्षी सिन्हा ने तुरंत अपने हाजिरजवाबी अंदाज में माहौल को खुशनुमा बना दिया। उन्होंने हंसते हुए मजाक में कहा, 'मैंने नहीं किया है ये।' सोनाक्षी का यह सहज और मजाकिया जवाब सुनकर वहां मौजूद जहीर समेत आसपास के सभी लोग जोर से हंस पड़े।
आपसी विश्वास और एक-दूसरे के रीति-रिवाजों का सम्मान
अलग-अलग धर्मों की पृष्ठभूमि से आने के कारण सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की शादी सार्वजनिक विमर्श और सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय रही है। इसके बावजूद दोनों हमेशा एक-दूसरे के रीति-रिवाजों और आस्था का सम्मान करते दिखे हैं। सोनाक्षी ने पहले भी एक साक्षात्कार में इस बात को स्पष्ट किया था कि उनके रिश्ते की सबसे मजबूत नींव आपसी आदर है। उन्होंने साझा किया था कि दोनों एक-दूसरे की मान्यताओं की कद्र करते हैं। जहीर उनके घर पर आयोजित दिवाली पूजा में शामिल होते हैं, जबकि वे जहीर के घर नियाज में पूरी निष्ठा के साथ बैठती हैं। उनका मानना है कि एक रिश्ते में दोनों संस्कृतियों का ऐसा संतुलन होना बेहद स्वाभाविक और जरूरी है।
स्पेशल मैरिज एक्ट के जरिए शादी का फैसला
अपनी शादी के कानूनी पहलू और सामाजिक सवालों पर खुलकर बात करते हुए सोनाक्षी सिन्हा ने बताया था कि उन्होंने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह करने का रास्ता चुना था। उन्होंने कहा कि यह शादी करने का सबसे पारदर्शी और सम्मानजनक जरिया था, जिसमें किसी को भी अपना धर्म बदलने की बाध्यता नहीं थी। एक हिंदू महिला के रूप में सोनाक्षी अपनी पहचान के साथ रह सकती थीं और जहीर एक मुस्लिम पुरुष के तौर पर अपने धर्म में बने रह सकते थे। सोनाक्षी के मुताबिक, जब दो लोग एक-दूसरे से सच्चा प्रेम करते हैं, तो वहां किसी के धर्म परिवर्तन का सवाल ही नहीं उठता। दोनों के बीच कभी ऐसा कोई मुद्दा नहीं आया क्योंकि उनका मकसद केवल एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना था।


















