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डॉनी डार्को की 25वीं वर्षगांठ पर निर्देशक रिचर्ड केली ने 800 पन्नों के उपन्यास और सीक्वल का किया ऐलानमनोरंजन
9 सित॰ 2026, 12:22 am (2 घंटे पहले)· 2

डॉनी डार्को की 25वीं वर्षगांठ पर निर्देशक रिचर्ड केली ने 800 पन्नों के उपन्यास और सीक्वल का किया ऐलान

डॉनी डार्को के 25 साल पूरे होने पर निर्देशक रिचर्ड केली ने 4K रेस्टोरेशन, ईस्ट विलेज के मिडनाइट शो की यादों और 15 दिसंबर को आने वाले अपने 800 पन्नों के उपन्यास पर विस्तृत बातचीत की है।

वर्ष 2001 की शरदिंदु में रिलीज़ हुई अलौकिक रहस्य, किशोरावस्था के संताप और समय यात्रा के ताने-बाने से बुनी फिल्म डॉनी डार्को आधुनिक सिनेमा के इतिहास में एक अनूठी मिसाल मानी जाती है। अपनी पहली ही फीचर फिल्म से वैश्विक पहचान हासिल करने वाले 51 वर्षीय लेखक व निर्देशक रिचर्ड केली ने हाल ही में सांता मोनिका स्थित ऐतिहासिक एयरो थिएटर में इस लैंडमार्क कृति की 25वीं वर्षगांठ का जश्न मनाया। अगस्त महीने के मध्य में एक बेहद गर्म दोपहर को एयरो थिएटर के उसी प्रेक्षागृह में बैठकर, जो खुद फिल्म के एक बेहद अहम और यादगार दृश्य में नजर आता है, केली ने अपनी इस रचना के ढाई दशक लंबे सफर पर विस्तार से विचार साझा किए। अक्टूबर 2001 में 9/11 के दुखद हमलों के महज कुछ ही सप्ताह बाद बिना किसी व्यापक विपणन अभियान के बड़े पर्दे पर उतरी यह फिल्म शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती दिखी थी, क्योंकि इसकी कहानी में एक जेट इंजन के दुर्घटनाग्रस्त होकर घर पर गिरने का दृश्य शामिल था। हालांकि, शुरुआती व्यावसायिक बाधाओं के बावजूद, बाद के महीनों और वर्षों में होम वीडियो बाज़ार, वीएचएस और डीवीडी बिक्री तथा शनिवार रात के मिडनाइट शोज़ के जरिए इस फिल्म ने दुनिया भर में एक बेहद समर्पित और जुनूनी कल्ट प्रशंसक वर्ग तैयार कर लिया।

फिल्म की 25वीं सालगिरह का जश्न मनाने के लिए 2 अक्टूबर से इसे सिनेमाघरों में एक सीमित अवधि के लिए पुनः प्रदर्शित किया जा रहा है। यह तारीख फिल्म के अपने कथानक में भी एक गहरा और विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यही वह इन-यूनिवर्स कैलेंडर तिथि है जो मानसिक रूप से परेशान उपनगरीय किशोर डॉनी डार्को (जिसे जेक गिलेनहाल ने जीवंत किया था) को एक ऐसी अवास्तविक और रहस्यमयी 28 दिवसीय यात्रा पर भेजती है जो संभावित रूप से दुनिया के अंत का कारण बन सकती है। इस खास अवसर के उपलक्ष्य में केली ने नए 4K डिजिटली रेस्टोर्ड संस्करण के लिए एक विशेष वीडियो परिचय भी रिकॉर्ड किया है। साक्षात्कार के दौरान जब वे थिएटर में बैठकर बात कर रहे थे, तब उनके पीछे बड़ी स्क्रीन पर बिना आवाज के इस रेस्टोरेशन के अंश चल रहे थे। फिल्म की यादों को साझा करते हुए केली ने मुस्कुराते हुए कहा कि उनकी यादें डर से लेकर प्यार तक के पूरे मनोवैज्ञानिक स्पेक्ट्रम में फैली हुई हैं। यह फिल्म में अभिनेता पैट्रिक स्वेज़ी द्वारा अभिनीत सेल्फ-हेल्प गुरु जिम कनिंघम के बचकाने मनोविज्ञान का एक मजेदार संदर्भ था। केली ने कहा कि यह अवसर पूरी तरह से केवल प्यार और उन सभी दर्शकों के प्रति दिल से आभार व्यक्त करने के लिए है जिन्होंने पिछले 25 वर्षों से लगातार उनके काम का समर्थन किया है और इसे जीवित रखा है।

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800 पृष्ठों का विशाल उपन्यास और नए सिनेमाई सीक्वल की नींव

डॉनी डार्को के कल्ट प्रशंसकों के लिए एक और बहुत बड़ी खुशखबरी साझा करते हुए रिचर्ड केली ने बताया कि 15 दिसंबर को वे अपना पहला विशाल उपन्यास द फिलॉसफी ऑफ टाइम ट्रैवल प्रकाशित करने जा रहे हैं, जिसकी अग्रिम बुकिंग अभी से शुरू हो चुकी है। लगभग 800 पन्नों का यह विशालकाय उपन्यास ठीक उसी मोड़ से आगे बढ़ता है जहाँ 2001 की फिल्म का अंत हुआ था। केली का मुख्य उद्देश्य इस पुस्तक के माध्यम से फिल्म के आधिकारिक बड़े पर्दे वाले सीक्वल के लिए एक मजबूत धरातल और विस्तृत पटकथा ढांचा तैयार करना है। अपनी खुद की रचनात्मक शर्तों पर 25 साल पहले शुरू हुई इस कहानी को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित रखना उनके लिए बेहद प्रेरणादायक और संतोषजनक रहा है। केली का मानना है कि यद्यपि डॉनी डार्को ने उनके पूरे निर्देशक करियर को परिभाषित किया है, लेकिन साथ ही इसने उन उच्च मापदंडों को भी स्थापित कर दिया है जिनके आधार पर वे भविष्य में अपनी आने वाली फिल्मों का निर्माण करना चाहते हैं।

अपने शुरुआती संघर्षों और फिल्म की अप्रत्याशित सफलता को याद करते हुए निर्देशक ने उस पल का विशेष जिक्र किया जब उन्हें पहली बार अहसास हुआ कि यह फिल्म एक कल्ट फेनोमेनन में बदल रही है। मार्च 2002 के दौरान केली न्यूयॉर्क सिटी के ईस्ट विलेज इलाके से पैदल गुजर रहे थे। तभी उनकी नजर टू बूट्स नामक एक पिज्जा रेस्तरां की कांच वाली खिड़की पर पड़ी, जहाँ डॉनी डार्को का आधिकारिक पोस्टर टंगा हुआ था। एक पिज्जा रेस्तरां की खिड़की में अपनी फिल्म का पोस्टर देखकर वे चकित रह गए। जब वे अंदर गए और मैनेजर से पूछा कि एक रेस्तरां में फिल्म का पोस्टर क्यों लगा है, तो मैनेजर ने बताया कि इमारत के पिछले हिस्से में पायनियर नाम का एक छोटा सा थिएटर मौजूद है। वहां हर शनिवार रात बारह बजे इस फिल्म की मिडनाइट स्क्रीनिंग आयोजित की जा रही है और हर शो के सभी टिकट पूरी तरह से बिक रहे हैं।

अगले शनिवार रात लगभग 2 बजे, जब फिल्म का शो खत्म होने वाला था, केली खुद पायनियर थिएटर पहुंचे। उन्हें लगा था कि वहां शायद 10-12 लोग ही मौजूद होंगे। लेकिन जब वे भीतर पहुंचे, तो नजारा देखकर दंग रह गए। प्रेक्षागृह दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। लोग अपने हाथों में कैमकॉर्डर और लाइटें लिए खड़े थे और विलेज वॉइस के प्रसिद्ध फिल्म आलोचक माइकल मुस्टो भी दर्शकों के बीच मौजूद थे। दर्शकों के इस जुनून और फिल्म के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को देखकर केली बेहद भावुक हो गए। उसी पल उन्हें यह दृढ़ विश्वास हो गया कि इस फिल्म की यात्रा समाप्त नहीं हुई है, बल्कि इसे एक मजबूत दूसरी जिंदगी मिल चुकी है जो लंबे समय तक टिकने वाली है।

ड्रू बैरीमोर और जेसन श्वार्टज़मैन का ऐतिहासिक योगदान

हॉलीवुड के कठिन और अनिश्चित माहौल में इस पटकथा को साकार करने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। केली ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया की शुरुआत अभिनेता जेसन श्वार्टज़मैन के साथ हुई थी। जेसन सबसे पहले डॉनी डार्को की मुख्य भूमिका निभाने के लिए प्रोजेक्ट से जुड़े थे। उनके जुड़ते ही यह स्क्रिप्ट हॉलीवुड के नए निर्माता घटकों तक पहुंचने लगी। उससे पहले लगभग एक साल तक यह स्क्रिप्ट विभिन्न स्टूडियो दफ्तरों में चक्कर काट रही थी। उस समय हॉलीवुड में यह धारणा बन चुकी थी कि इसका नौसिखिया लेखक अपनी स्क्रिप्ट बेचेगा नहीं क्योंकि वह खुद इसका निर्देशन करना चाहता है। पहली फिल्म होने के कारण स्टूडियो अधिकारी इसे अत्यधिक महत्वाकांक्षी और जोखिम भरा मान रहे थे और इसे केवल एक राइटिंग सैंपल के रूप में देख रहे थे।

स्थिति तब बदली जब यह स्क्रिप्ट नैंसी जुवोनन के पास पहुंची, जो प्रसिद्ध हॉलीवुड अभिनेत्री ड्रू बैरीमोर के साथ फ्लावर फिल्म्स में निर्माण भागीदार थीं। नैंसी ने स्क्रिप्ट पढ़ी और वे इससे बेहद प्रभावित हुईं। उन्होंने तुरंत केली से मिलने की इच्छा जताई। केली उस समय फिल्म चार्लीज़ एंजल्स के सेट पर पहुंचे और ड्रू बैरीमोर की ट्रेलर वैन में उनसे मुलाकात की। बैरीमोर उस समय स्क्रिप्ट के आखिरी पन्ने पढ़ रही थीं और पहली ही बातचीत में केली और बैरीमोर के बीच अद्भुत तालमेल बन गया। जब केली ने ड्रू बैरीमोर से पूछा कि क्या वे अंग्रेजी शिक्षिका मिसेज पोमरॉय की भूमिका निभाना चाहेंगी, तो बैरीमोर ने शर्त रखी कि उनकी कंपनी फ्लावर फिल्म्स को इस फिल्म का सह-निर्माण करने दिया जाए। केली ने तुरंत इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।

उस समय ड्रू बैरीमोर के पास अगस्त 2000 में शूटिंग के लिए केवल एक सप्ताह का समय उपलब्ध था, जिसके तुरंत बाद उन्हें पेनी मार्शल के निर्देशन में बनने वाली फिल्म राइडिंग इन कार्स विथ बॉयज़ की शूटिंग शुरू करनी थी। निर्माण टीम ने उस कड़े समय सीमा का पालन किया और एक हफ्ते के भीतर ड्रू बैरीमोर के सभी दृश्यों की शूटिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली। इसी दौरान तिथियों के टकराव के कारण जेसन श्वार्टज़मैन को प्रोजेक्ट से हटना पड़ा, जिसके बाद जेक गिलेनहाल की एंट्री हुई। केली खुले तौर पर स्वीकार करते हैं कि नैंसी जुवोनन, ड्रू बैरीमोर और जेसन श्वार्टज़मैन का समर्थन न मिलता, तो शायद उनका करियर कभी शुरू ही नहीं हो पाता।

कलाकारों का अनूठा चयन और सेथ रोजन का पहला सिनेमाई अभिनय

फिल्म में डार्को परिवार के दृश्यों को यथार्थवादी और प्रामाणिक बनाने में कास्टिंग डायरेक्टर्स जोसेफ मिडलटन और मिशेल मॉरिस गेर्ट्ज़ का अमूल्य योगदान रहा। उन्होंने केली को सुझाव दिया कि मुख्य अभिनेता जेक गिलेनहाल की एक बड़ी बहन मैगी गिलेनहाल भी हैं, जो एक बेहद प्रतिभाशाली रंगमंच अभिनेत्री हैं। उस समय मैगी ने केवल जॉन वाटर्स की व्यंग्यात्मक फिल्म सेसिल बी डिमेंटेड में एक बहुत छोटी सी भूमिका निभाई थी। लेकिन रंगमंच के उनके व्यापक अनुभव के कारण उनकी अभिनय क्षमता अद्भुत थी। जैसे ही केली को मैगी को कास्ट करने की संभावना का अहसास हुआ, उन्होंने तुरंत उन्हें डॉनी की बहन एलिजाबेथ डार्को की भूमिका के लिए चुन लिया। पर्दे पर असली भाई-बहन की मौजूदगी ने पूरे डार्को परिवार के ताने-बाने को एक स्वाभाविक और मजबूत भावनात्मक धरातल प्रदान किया।

इसके अलावा डॉनी डार्को ने ही हॉलीवुड के बहुआयामी हास्य अभिनेता, लेखक और निर्माता सेथ रोजन को उनकी पहली फीचर फिल्म दी। रोजन को स्कूल के एक दबंग और प्रताड़ित करने वाले छात्र रिकी डैनफोर्थ की भूमिका में कास्ट किया गया था। उस समय केवल 19 वर्ष के सेथ रोजन (जो जेक गिलेनहाल की ही उम्र के थे) पहले ही फ्रिक्स एंड गीक्स टीवी सीरीज़ में काम कर चुके थे और लॉस एंजिल्स के कॉमेडी क्लबों में स्टैंडअप स्टैंडअप कॉमेडी कर रहे थे। केली ने बताया कि रोजन अपनी उम्र से कहीं अधिक बुद्धिमान, तीक्ष्ण अवलोकन क्षमता वाले और स्पष्टवादी युवा थे। समर 2000 के दौरान लॉस एंजिल्स में अभिनेताओं की कमर्शियल हड़ताल चल रही थी, जिसके कारण टीवी विज्ञापनों का निर्माण पूरी तरह ठप था। इस हड़ताल की बदौलत निर्माण टीम को शहर के सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली युवा अभिनेताओं तक आसानी से पहुंच मिल गई।

1988 के दौर का पुननिर्माण और द ईविल डेड का जादुई उपयोग

वर्ष 2000 में शूटिंग करते हुए 1988 के दौर यानी 12 साल पुरानी अवधि को पर्दे पर विश्वसनीयता के साथ उतारना एक अनूठी कलात्मक चुनौती थी। केली ने इसकी तुलना 2026 में बैठकर 2014 पर आधारित फिल्म बनाने से की। हालांकि आज 2014 और 2026 के दृश्य रूप में कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं दिखता, लेकिन 2000 और 1988 के बीच कारों के डिजाइन, टेलीविजन सेटों के आकार और कपड़ों के फैशन में एक बड़ा स्पष्ट अंतर मौजूद था। केली अपनी फिल्म में 80 के दशक की शैली को बहुत सूक्ष्म और स्वाभाविक रखना चाहते थे। वे नहीं चाहते थे कि पात्र अत्यधिक बड़े बालों वाली हेयरस्टाइल रखें या माइकल जैक्सन की बीट इट वाली जैकेट पहनकर घूमें, जिससे फिल्म बचकानी या हास्यास्पद लगे। ऑस्कर के लिए नामांकित हो चुकीं स्वर्गीय कॉस्ट्यूम डिजाइनर अप्रैल फेरी ने मैरी मैक्डॉनेल और बेथ ग्रैंट जैसे पात्रों के लिए 80 के दशक के उत्तरार्ध के प्रामाणिक उपनगरीय परिधानों और शोल्डर पैड्स का अत्यंत सुरुचिपूर्ण चुनाव किया।

एयरो थिएटर में फिल्माए गए सिनेमाघर वाले दृश्य को लेकर भी एक बेहद दिलचस्प घटना घटी। मूल पटकथा के अनुसार डॉनी और उसकी प्रेमिका ग्रेचेन (जेना मलोन द्वारा अभिनीत) एयरो थिएटर में 1984 की हॉरर फिल्म सी.एच.यू.डी. देखने जाने वाले थे। लेकिन फ्लावर फिल्म्स की एक्जीक्यूटिव लिंडा मैकडोना जब उस फिल्म के प्रदर्शन अधिकार हासिल करने की कोशिश कर रही थीं, तो संबंधित बड़े स्टूडियो की महिला अधिकारी ने अधिकार देने से पूरी तरह इनकार कर दिया और अत्यधिक धनराशि की मांग की। शूटिंग में केवल तीन दिन बचे थे और स्क्रीन पर दिखाने के लिए कोई फिल्म क्लिप उपलब्ध नहीं थी।

ऐसे संकट के समय लिंडा मैकडोना की व्यावसायिक सूझबूझ काम आई। उनके संबंध द ईविल डेड फिल्म के निर्माताओं और सैम रायमी के स्टूडियो से थे, जिनके पास ओरिजिनल नेगेटिव के अधिकार थे। सैम रायमी की अत्यधिक उदारता के कारण द ईविल डेड के ओरिजिनल फुटेज का उपयोग करने, लॉबी में पोस्टर लगाने और फिल्म के दृश्यों को इस्तेमाल करने की अनुमति लगभग मुफ्त में मिल गई। इसके साथ ही थिएटर के बाहर लगे बोर्ड (मार्क्यु) पर प्रसिद्ध निर्देशक मार्टिन स्कोर्सेसे की चर्चित फिल्म द लास्ट टेम्पटेशन ऑफ क्राइस्ट का नाम प्रदर्शित किया गया, जिसके लिए केवल शीर्षक दिखाने की अनुमति चाहिए थी और किसी महंगे क्लिप की आवश्यकता नहीं पड़ी।

पोस्ट-पंक संगीत संयोजन और बेथ ग्रैंट के संवाद का अमिट असर

डॉनी डार्को का संगीत इसके विषादपूर्ण और रहस्यमयी माहौल को गढ़ने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। केली ने टियर्स फॉर फियर्स के 1985 के प्रसिद्ध गीत हेड ओवर हील्स को पटकथा लिखते समय ही स्कूल बस वाले दृश्य में शामिल कर लिया था। जब डॉनी के कदम बस से नीचे सड़क पर पड़ते हैं, तो गाने का पहला पियानो नोट शुरू होता है। इसके बाद कैमरा उड़ता हुआ खिड़की के रास्ते कक्षा में प्रवेश करता है जहाँ ड्रू बैरीमोर का पात्र मिसेज पोमरॉय छात्रों को एकत्र कर रही होती है। केली ने इस पूरे दृश्य को संगीत वीडियो की ऊर्जा और लय के अनुसार संपादित किया था। इसके अतिरिक्त फिल्म के संगीत पर्यवेक्षकों मनीष रावल और टॉम वोल्फ ने जॉय डिविजन तथा इको एंड द बनीमेन जैसे दिग्गज पोस्ट-पंक और न्यू वेव बैंड्स के गीतों को शामिल करके फिल्म के संगीतमय कैनवास को एक गहरी कलात्मक पहचान दी।

बजट की कमी के कारण संगीत चयन में एक बड़ा बदलाव भी करना पड़ा था। फिल्म में स्पार्कल मोशन नामक डांस ग्रुप के नृत्य दृश्य की कोरियोग्राफी मूल रूप से पेट शॉप बॉयज़ के एक प्रसिद्ध गाने पर की गई थी। लेकिन निर्माण टीम पेट शॉप बॉयज़ के गाने के अधिकार खरीदने में असमर्थ रही। इस कारण अंतिम समय में उस गाने को डुरान डुरान के प्रसिद्ध ट्रैक नोटोरियस से बदला गया। फिल्म के संवादों का प्रभाव भी समय के साथ बढ़ता गया। विशेष रूप से अभिनेत्री बेथ ग्रैंट द्वारा बोला गया संवाद समटाइम्स आई डाउट योर कमिटमेंट टू स्पार्कल मोशन (कभी-कभी मुझे स्पार्कल मोशन के प्रति आपकी प्रतिबद्धता पर संदेह होता है) एक अमर पॉप कल्चर डायलॉग बन गया। केली ने मजाक में कहा कि यह संवाद इतना मशहूर हुआ कि उनके निधन के बाद शायद उनके शोक संदेश में भी इसी पंक्ति को याद किया जाएगा।

आधुनिक ऑनलाइन बहस, नए निर्देशक और रॉड सेर्लिंग की बायोपिक

आज के डिजिटल और सोशल मीडिया युग में फिल्मों की रिलीज़ पर विचार करते हुए केली ने स्वीकार किया कि वर्तमान समय का ऑनलाइन विमर्श बेहद भयानक और तनावपूर्ण है। उनका मानना है कि किसी भी फिल्मकार को इंटरनेट की अंतहीन चर्चाओं से खुद को दूर रखना चाहिए, क्योंकि इसमें बहुत अधिक उलझने से कलात्मक दृष्टि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही केली ने इस बात पर बेहद खुशी और उत्साह व्यक्त किया कि नई पीढ़ी के दर्शक दोबारा सिनेमाघरों का रुख कर रहे हैं और भौतिक किताबें पढ़ रहे हैं। उनका मानना है कि 800 पन्नों का उपन्यास लिखना एक ऐसा रचनात्मक इंजन है जो उन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करता है जिन्हें भारी बजट के कारण सीधे फिल्म के रूप में बनाना कठिन होता है।

वर्तमान सिनेमा और उभरते निर्देशकों के बारे में बात करते हुए केली ने लघु बजट में बनी फिल्म ऑब्सेशन की सराहना की और कहा कि सीमित संसाधनों में इसका निर्माण और अभिनय अद्भुत है। इसके अलावा वे एरियन एस्टर और जेन शोनब्रुन जैसे नए दौर के स्वतंत्र फिल्मकारों के काम से बेहद प्रभावित हैं। अपनी भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए केली ने द वॉइलाइट ज़ोन के महान निर्माता व लेखक रॉड सेर्लिंग की बायोपिक बनाने की अपनी दीर्घकालिक इच्छा व्यक्त की। यह एक बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जिसे रॉड सेर्लिंग की बेटी एनी सेर्लिंग के संस्मरण के आधार पर फंतासी और साइंस फिक्शन की भाषा का उपयोग करके बनाया जाना है। केली ने बताया कि इस बड़े बजट की बायोपिक की प्रमुख प्रेरणाओं में अल्बर्ट ब्रूक्स की फिल्म डिफेंडिंग योर लाइफ, पॉवेल एंड प्रेसबर्गर की ए मैटर ऑफ लाइफ एंड डेथ और बॉब फॉसे की प्रसिद्ध फिल्म ऑल दैट जैज़ शामिल हैं।

सवाल-जवाब

डॉनी डार्को फिल्म की 25वीं वर्षगांठ पर क्या विशेष आयोजन हो रहा है?
फिल्म के 4K डिजिटली रेस्टोर्ड संस्करण को 2 अक्टूबर से सिनेमाघरों में सीमित अवधि के लिए दोबारा प्रदर्शित किया जा रहा है।
रिचर्ड केली का नया उपन्यास कब प्रकाशित हो रहा है और इसका नाम क्या है?
रिचर्ड केली का 800 पन्नों का नया उपन्यास 'द फिलॉसफी ऑफ टाइम ट्रैवल' 15 दिसंबर को प्रकाशित होगा, जो अग्रिम बुकिंग के लिए उपलब्ध है।
क्या यह नया उपन्यास फिल्म के सीक्वल से जुड़ा हुआ है?
हां, यह 800 पन्नों का उपन्यास फिल्म की कहानी को 2001 के अंत से आगे बढ़ाता है और आने वाली सीक्वल फिल्म का आधार तैयार करता है।
वर्ष 2001 में फिल्म की शुरुआती रिलीज़ बॉक्स ऑफिस पर क्यों संघर्ष कर रही थी?
अक्टूबर 2001 में 9/11 के आतंकवादी हादसों के ठीक बाद रिलीज़ होने और कहानी में विमान दुर्घटना का दृश्य होने के कारण फिल्म का मार्केटिंग अभियान लगभग शून्य था।
फिल्म के निर्माण में ड्रू बैरीमोर और उनकी कंपनी का क्या योगदान था?
ड्रू बैरीमोर और उनकी साथी नैंसी जुवोनन की कंपनी फ्लावर फिल्म्स ने फिल्म का सह-निर्माण किया तथा बैरीमोर ने मिसेज पोमरॉय की भूमिका निभाई।
थिएटर वाले दृश्य में 'सी.एच.यू.डी.' फिल्म की जगह किस फिल्म का क्लिप इस्तेमाल किया गया?
अधिकार न मिलने पर सैम रायमी की अनुमति से 'द ईविल डेड' फिल्म के पोस्टर और क्लिप्स का उपयोग निःशुल्क किया गया।
रिचर्ड केली का ड्रीम प्रोजेक्ट कौन सा है?
रिचर्ड केली का ड्रीम प्रोजेक्ट 'द वॉइलाइट ज़ोन' के निर्माता रॉड सेर्लिंग की बायोपिक बनाना है, जो उनकी बेटी एनी सेर्लिंग के संस्मरण पर आधारित है।
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