मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित प्रसिद्ध गेयटी गैलेक्सी थिएटर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब आध्यात्मिक संत नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' के शो को लेकर दर्शकों और कुछ संगठनों में भारी नाराजगी देखी गई। रिलीज के करीब एक महीना बीत जाने के बाद भी इस फिल्म को देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्सुकता बनी हुई है, लेकिन अचानक शो रद्द होने से मामला गरमा गया और थिएटर परिसर में हंगामा शुरू हो गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मौके पर मुंबई पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद थिएटर संचालन से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आए।
शो रद्द होने पर भड़के लोग और थिएटर में मचा हंगामा
जब गेयटी गैलेक्सी में 'हनुमान अंश' का शो अचानक बंद कर दिया गया, तो दर्शक और विभिन्न संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, फिल्म को थिएटर में नहीं दिखाए जाने से नाराज कुछ लोगों ने परिसर में नारेबाजी की और इस दौरान वहां लगे 'मिर्जापुर द मूवी' के पोस्टर भी फाड़ दिए गए। इस घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें और दावे तैरने लगे। कुछ लोगों का यह मानना था कि तकनीकी खराबी की वजह से फिल्म की स्क्रीनिंग प्रभावित हुई है, जबकि अन्य का कहना था कि भारी हंगामे और सुरक्षा के खतरों के चलते थिएटर को बंद करना पड़ा।
पुलिस की जांच में सामने आई थिएटर बंद होने की असली वजह
हंगामे की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की छानबीन शुरू की। पुलिस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही कहानियों को पूरी तरह बदल दिया। जांच में पता चला कि गेयटी गैलेक्सी का आधिकारिक परिचालन लाइसेंस वर्ष 2021-22 से रिन्यू ही नहीं कराया गया था। इसका मतलब यह था कि थिएटर को बंद किए जाने या उस पर कार्रवाई की मुख्य वजह सिर्फ 'हनुमान अंश' के शो को लेकर हुआ विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे प्रशासनिक और कानूनी अनुपालन से जुड़ी गंभीर कमियां भी थीं।
प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने तक थिएटर बंद रखने के निर्देश
पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए थिएटर पर एक नोटिस चस्पा किया और प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें। जब तक थिएटर के सभी जरूरी परमिट और लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो जाता, तब तक परिसर को बंद रखने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी और लाइसेंस का नवीन न होना इस पूरी कार्रवाई का एक बड़ा और अहम कारण रहा है।
थिएटर मैनेजमेंट का पक्ष और भविष्य की योजनाएं
इस पूरे घटनाक्रम पर थिएटर प्रबंधन की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। आपको बता दें कि मुंबई के मशहूर मराठा मंदिर और गेयटी गैलेक्सी दोनों का प्रबंधन एक ही कंपनी द्वारा संभाला जाता है। मराठा मंदिर के प्रबंधक मनोज पांडे ने मीडिया से बातचीत करते हुए सोशल मीडिया पर फैल रही उन तमाम अफवाहों को सिरे से खारिज किया, जिनमें फिल्म को लेकर हुए किसी बड़े विवाद को थिएटर बंद होने की असली वजह बताया जा रहा था।
मैनेजमेंट का कहना है कि लाइसेंस से जुड़े मामलों में कुछ आंतरिक प्रशासनिक त्रुटियां रह गई थीं, जिन्हें सुधारने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रबंधन ने दर्शकों और फिल्म प्रेमियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। थिएटर प्रशासन का यह भी भरोसा है कि सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद गेयटी गैलेक्सी को दर्शकों के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा।



















