बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा के परिवार में लंबे अरसे से चल रहा आपसी तनाव अब पूरी तरह सुलझता हुआ नजर आ रहा है। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर गोविंदा की जीवनसंगिनी सुनीता आहूजा अपने बेटे यशवर्धन के साथ भांजे कृष्णा अभिषेक के घर बप्पा की पूजा-अर्चना में शामिल होने पहुंचीं। कई सालों तक खिंची रही पारिवारिक कड़वाहट के बाद यह पहला अवसर रहा जब वह कृष्णा के निजी आवास पर आयोजित इस धार्मिक उत्सव में शरीक हुईं।
जुड़वां पोतों ने किया आत्मीय स्वागत
जैसे ही सुनीता आहूजा ने कृष्णा अभिषेक और उनकी पत्नी कश्मीरा शाह के घर में कदम रखा, वहां मौजूद हर शख्स इस भावुक पल का गवाह बन गया। कृष्णा और कश्मीरा के दोनों जुड़वां बेटों, रयान और कृषांग ने आगे बढ़कर अपनी दादी का बेहद आदर के साथ इस्तकबाल किया। भारतीय संस्कारों का परिचय देते हुए दोनों नन्हे बच्चों ने सुनीता के चरण स्पर्श किए और उनका स्नेहिल आशीष प्राप्त किया। इस पर सुनीता ने भी दोनों बच्चों को दुलारते हुए तुरंत बांहों में समेट लिया, जिसने त्योहार के उल्लास को कई गुना बढ़ा दिया।
पारंपरिक परिधानों में सजी महफिल
बच्चों से लाड़ लड़ाने के उपरांत सुनीता ने कृष्णा और कश्मीरा से भी गर्मजोशी से मुलाकात की। कई वर्षों के अंतराल के पश्चात हुए इस पारिवारिक मिलन से कृष्णा के चेहरे पर संतोष और आनंद साफ झलक रहा था, जिसे उन्होंने कैमरों के समक्ष भी बेबाकी से साझा किया। इस उत्सव में सभी का पारंपरिक पहनावा भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। सुनीता लाल बॉर्डर से सजी पीले रंग की प्रिंटेड साड़ी और पारंपिक जेवरों में नजर आईं। वहीं कश्मीरा शाह ने नीले रंग के खूबसूरत लहंगे का चयन किया था, जबकि कृष्णा सफेद रंग के कुर्ते में दिखाई दिए।
शो के मंच से शुरू हुआ था सुलह का सफर
इस रिश्ते में बर्फ पिघलने की असल शुरुआत टेलीविजन रियलिटी शो लाफ्टर शेफ्स अनलिमिटेड एंटरटेनमेंट सीजन 3 के मंच पर हुई थी। उस कार्यक्रम के दौरान सुनीता ने अचानक पहुंचकर सभी को चौंका दिया था और बीते 14 सालों के मतभेदों को भुलाकर कृष्णा और कश्मीरा को क्षमा करने की पहल की थी। सुनीता ने साझा किया था कि अतीत के विवादों को दरकिनार कर अपने पोतों से भेंट करना उनके जीवन का बेहद जज्बाती क्षण था। अब बाप्पा के उत्सव के बीच पूरे कुनबे को एक साथ प्रसन्नचित्त देखकर उनके प्रशंसकों में भी भारी उत्साह है।



















