सिनेमा जगत में अपने सहज हास्य और सशक्त अभिनय से पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता मुश्ताक खान के निधन से उनके चाहने वालों और साथी कलाकारों में गहरा शोक है। 'वेलकम', 'गदर' और 'हम हैं राही प्यार के' जैसी लोकप्रिय फिल्मों में अपनी विशिष्ट अदाकारी से दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने वाले इस कलाकार को उनके अंतिम संस्कार में फिल्म उद्योग के कई जाने-माने चेहरों ने नम आंखों से विदाई दी। इस दौरान मौजूद कलाकारों ने मुश्ताक खान के साथ बिताए अपने पलों और उनके साथ हुई आखिरी मुलाकातों का जिक्र किया।
गजेंद्र चौहान ने याद की छह महीने पुरानी वह मुलाकात
अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद अभिनेता गजेंद्र चौहान ने मुश्ताक खान के साथ हुई अपनी अंतिम बातचीत को याद करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने साझा किया कि लगभग छह महीने पहले एक पुरस्कार समारोह में दोनों का आमना-सामना हुआ था। उस समय मुश्ताक खान ने उन्हें बेहद आत्मीयता से गले लगाया था और एक ऐसी बात कही थी जिसकी गहराई का अंदाजा उस वक्त किसी को नहीं था।
गजेंद्र चौहान के अनुसार, मुश्ताक खान ने उन्हें कसकर गले लगाते हुए कहा था कि एक बार जोर से गले मिल लो, क्या पता फिर दोबारा कब मिलना हो। चौहान ने बताया कि उस क्षण वे इस बात का असल अर्थ नहीं समझ सके थे। जब उनके निधन का समाचार सामने आया, तब समझ आया कि शायद मुश्ताक अपनी गिरती सेहत और बीमारी की गंभीरता से पूरी तरह वाकिफ थे और उन्हें आभास हो चुका था कि इस मुश्किल स्थिति से उबरना उनके लिए बहुत कठिन होगा।
सुनील पाल ने बताया मिमिक्री का शौक और जिंदादिली
हास्य कलाकार सुनील पाल ने भी मुश्ताक खान के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों पर चर्चा की और बताया कि जीवन में निरंतर संघर्षों का सामना करने के बावजूद उनके चेहरे की मुस्कुराहट कभी कम नहीं हुई। सुनील पाल ने बताया कि मुश्ताक खान जब भी उनसे मिलते थे, तो उनसे खास तौर पर अमिताभ बच्चन, राजेंद्र कुमार और अन्ना हजारे की मिमिक्री करने का आग्रह करते थे। ये तीनों आवाजें उन्हें बेहद प्रिय थीं और वे इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लेते थे।
सुनील पाल ने यह भी साझा किया कि मुश्ताक खान ने उनकी होम प्रोडक्शन फिल्म में भी अभिनय किया था। वे केवल एक शानदार सहकर्मी ही नहीं, बल्कि बेहद सहृदय और प्रेमभाव रखने वाले इंसान थे। मुश्किल से मुश्किल परिस्थितियों में भी वे अपने सकारात्मक रवैये और मुस्कान को बरकरार रखते थे, जो उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी थी।
अंतिम सांस से दो घंटे पहले राजपाल यादव से हुई थी भेंट
अभिनेता राजपाल यादव ने मुश्ताक खान के पांच दशकों लंबे फिल्मी सफर को नमन किया। राजपाल यादव ने बताया कि मुश्ताक खान ने फिल्म उद्योग को लगभग पचास वर्ष दिए और इस दौरान उन्होंने अपनी विविधतापूर्ण भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीता। दोनों कलाकारों ने एक साथ अनेक फिल्मों में स्क्रीन साझा की थी, जिसके चलते उनके बीच एक आत्मीय और गहरा रिश्ता बन गया था।
राजपाल यादव ने उनके अंतिम समय की भावुक घटना साझा करते हुए बताया कि मुश्ताक खान के देहांत से महज दो घंटे पहले ही वे अस्पताल में उनसे मिलने पहुंचे थे। उस मुलाकात में मुश्ताक खान ने उनका हाथ थामा और गर्मजोशी से हाथ मिलाया। उस समय ऐसा प्रतीत हुआ कि शायद उनका स्वास्थ्य सुधर रहा है और वे जल्द बेहतर हो जाएंगे। हालांकि, उस मुलाकात के कुछ ही समय बाद उनके प्राण त्यागने की सूचना आई, जिससे हर कोई स्तब्ध रह गया।

















