सिनेमा जगत में आज जब किसी मुख्य अभिनेता की फीस 100 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर जाती है, तो लोग इसे सामान्य मानने लगे हैं। हालांकि भारतीय फिल्म उद्योग में नब्बे का दशक वह समय था जब किसी कलाकार का पारिश्रमिक एक करोड़ रुपये तक पहुंचना एक अकल्पनीय उपलब्धि माना जाता था। उस जमाने में हिंदी सिनेमा के शीर्ष पायदान पर अमिताभ बच्चन का दबदबा कायम था। उसी ऐतिहासिक दौर में दक्षिण भारतीय सिनेमा के एक सितारे ने अपनी कमाई से ऐसा अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया, जिसने पूरे देश के फिल्म समीक्षकों को हैरान कर दिया और एक राष्ट्रीय अंग्रेजी पत्रिका ने उन्हें कवर पेज पर बच्चन से भी बड़ा करार दे दिया। यह कलाकार कोई और नहीं बल्कि तेलुगु फिल्मों के मेगास्टार चिरंजीवी हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा।
साधारण पृष्ठभूमि और सिनेमा में शुरुआती संघर्ष
चिरंजीवी का जन्म किसी रसूखदार फिल्मी घराने में नहीं हुआ था। उनका वास्तविक नाम कोनिडेला शिव शंकर वर प्रसाद है और वह एक बेहद सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता वेंकट्रायुडु आबकारी विभाग में एक साधारण कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। परिवार में दूर-दूर तक किसी का फिल्मों से नाता नहीं था, इसलिए जब उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा, तो उनके पास कोई मार्गदर्शक या गॉडफादर नहीं था। उन्होंने अपने बलबूते पर 1978 में अभिनय के सफर की शुरुआत की। पांच वर्षों के कड़े संघर्ष और छोटे-बड़े किरदारों के बाद 1983 में रिलीज हुई फिल्म 'कैदी' उनके करियर के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुई। इस फिल्म की अपार सफलता ने उन्हें तेलुगु सिनेमा के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया।
1.25 करोड़ रुपये की फीस और बना नया कीर्तिमान
साल 1992 में भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा वित्तीय बदलाव आया जिसने सबको चौंका दिया। प्रसिद्ध निर्देशक के. विश्वनाथ के निर्देशन में तैयार हुई फिल्म 'आपदबंधावुडु' के लिए चिरंजीवी को 1.25 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक दिया गया। उस समय बॉलीवुड में सबसे ज्यादा फीस लेने वाले अमिताभ बच्चन को एक फिल्म के लिए लगभग 85 लाख रुपये से लेकर 90 लाख रुपये के बीच मिलते थे। चिरंजीवी ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ते हुए भारत में एक करोड़ रुपये या उससे अधिक की फीस हासिल करने वाले पहले अभिनेता बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक पारिश्रमिक ने दक्षिण भारतीय सिनेमा की व्यावसायिक शक्ति को पूरे देश के सामने मजबूती से स्थापित किया।
मैगजीन का चर्चित कवर और देशव्यापी पहचान
इस अभूतपूर्व वित्तीय उपलब्धि की गूंज केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिल्ली और मुंबई के फिल्म उद्योग में भी इसका व्यापक असर देखा गया। सितंबर 1992 में प्रसिद्ध अंग्रेजी पत्रिका 'द वीक' ने चिरंजीवी को अपने मुख्य पृष्ठ पर स्थान दिया। इस अंक के कवर पर बड़े अक्षरों में 'बिगर दैन बच्चन' यानी 'बच्चन से भी बड़े' शीर्षक छापा गया। इस शीर्षक ने देश भर के पाठकों और फिल्म जानकारों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी भी कलाकार की लोकप्रियता और उसकी बॉक्स ऑफिस क्षमता अब सिर्फ हिंदी सिनेमा की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गई थी।
हिट फिल्मों की कतार और अभिनय शैली
'कैदी' के बाद चिरंजीवी ने लगातार कई व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में काम किया। इनमें 'जगदेका वीरुडु अतिलोका सुंदरी', 'गैंग लीडर' और 'घराना मोगुडु' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल थीं। उनकी खास पहचान उनके सहज अभिनय, जबरदस्त एक्शन दृश्यों और असाधारण डांस शैली से बनी। उन्होंने बड़े पर्दे पर जो ऊर्जा पेश की, उसने लाखों दर्शकों को उनका मुरीद बना दिया। लगातार मिलती व्यावसायिक सफलताओं ने उन्हें पूरे देश में एक शक्तिशाली ब्रांड के रूप में स्थापित कर दिया और उनकी लोकप्रियता हर भाषा के दर्शकों के बीच फैल गई।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम
अभिनय के साथ-साथ चिरंजीवी के नृत्य कौशल ने भी एक अनोखा वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया। 20 सितंबर 2024 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने चिरंजीवी को भारतीय फिल्म उद्योग के सबसे ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता-डांसर के रूप में आधिकारिक मान्यता दी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने कुल 143 फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें 537 डांस गानों का प्रदर्शन शामिल है। चार दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने जिस निरंतरता और समर्पण के साथ नृत्य और अभिनय किया, वह किसी भी कलाकार के लिए प्रेरणादायक है।
आगामी परियोजनाओं में सक्रियता
चार दशक से दर्शकों का मनोरंजन करने के बाद भी चिरंजीवी की सक्रियता में कोई कमी नहीं आई है। वह वर्तमान समय में अपनी आगामी फिल्म 'विश्वंभर' की तैयारियों और शूटिंग में व्यस्त हैं। इसके अतिरिक्त वह निर्देशक बॉबी के साथ आने वाली फिल्म 'काका' पर भी काम कर रहे हैं। इन नई फिल्मों पर लगातार काम करना यह दर्शाता है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका सिनेमाई आकर्षण और दर्शकों के बीच उनका क्रेज पूरी तरह बरकरार है।



















