टीवी और बॉलीवुड अभिनेत्री हिना खान इन दिनों लद्दाख की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच आध्यात्मिक शांति और सुकून की तलाश में समय बिता रही हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान वह लेह के प्रसिद्ध थिकसे मठ पहुंचीं, जहां उन्होंने सुबह की शांत वेला में बौद्ध भिक्षुओं की प्रार्थनाओं, मंत्रोच्चार और गहरे ध्यान में लीन होकर कुछ पल गुजारे। अभिनेत्री ने इस अनुभव से जुड़ी अपनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। उन्होंने बताया कि इस शांत माहौल में ध्यान लगाने से उन्हें मानसिक शांति और हीलिंग का अहसास हुआ। हालांकि, अभिनेत्री का यह आध्यात्मिक कदम कुछ कट्टरपंथी सोच रखने वाले सोशल मीडिया यूजर्स को रास नहीं आया और उन्होंने इंटरनेट पर उनके खिलाफ तीखी बयानबाजी शुरू कर दी।
भोर के समय थिकसे मठ की यात्रा और ध्यान का अनुभव
सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने वाली हिना खान अक्सर अपनी निजी जिंदगी और यात्राओं के महत्वपूर्ण पल प्रशंसकों के साथ बांटती हैं। लद्दाख के थिकसे मठ से अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उनकी यह यात्रा दिन शुरू होने से काफी पहले ही शुरू हो गई थी। वह बिल्कुल भोर के समय निकल पड़ीं ताकि सूर्योदय की पहली किरण के साथ मठ परिसर में प्रवेश कर सकें। वहां पहुंचकर उन्होंने सुबह की प्रार्थनाओं की शांति, वातावरण की पवित्रता और ध्यान की गहराई को करीब से महसूस किया।
अपनी इस अनुभूति को शब्दों में बयां करते हुए हिना खान ने लिखा कि कुछ यात्राएं सुबह उजाला होने से पहले ही आरंभ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भिक्षुओं के मंत्रोच्चार, प्रार्थना का मौन और ध्यान के माहौल ने खुद को भीतर से तलाशने के इस सफर को बेहद सरल और सहज बना दिया। अभिनेत्री ने स्पष्ट रूप से साझा किया कि मेडिटेशन उनके लिए आंतरिक घावों को भरने और हील करने का सबसे सशक्त माध्यम है।
ईश्वर से जुड़ाव और लद्दाख टूरिज्म का धन्यवाद
अपनी पोस्ट में हिना खान ने ईश्वर से जुड़ने के अपने नजरिए पर भी बात रखी। उन्होंने लिखा कि वह हमेशा परमात्मा से गहरा नाता महसूस करने के अवसर तलाशती रहती हैं, चाहे वह अपने भीतर झांकना हो या बाहरी दुनिया के शांत और आध्यात्मिक स्थलों को महसूस करना हो। इसके साथ ही अभिनेत्री ने लद्दाख टूरिज्म का विशेष आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और व्यवस्था की बदौलत उनकी यह पूरी यात्रा बेहद आरामदायक और यादगार बन सकी।
सोशल मीडिया पर भड़के कट्टरपंथी, दी धार्मिक नसीहतें
हिना खान का यह वीडियो और विचार जैसे ही इंटरनेट पर सामने आए, कई उपयोगकर्ताओं ने इसे धार्मिक सीमाओं का उल्लंघन बताते हुए उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। कमेंट सेक्शन में कई लोगों ने उनके ध्यान लगाने पर सवाल उठाए और उन्हें नसीहतों की झड़ी लगा दी। कई उपयोगकर्ताओं ने प्रतिक्रिया में अस्तगफिरुल्लाह लिखा, जिसका अर्थ अल्लाह से माफी मांगना होता है। वहीं कुछ लोगों ने टिप्पणी की कि अल्लाह के सिवा कोई दूसरा पूज्य नहीं है और संकट में केवल वही सहायता कर सकता है।
एक टिप्पणीकर्ता ने अभिनेत्री को समझाते हुए लिखा कि यदि उन्हें सच्चा मानसिक सुकून चाहिए तो तहज्जुद की नमाज पढ़नी चाहिए। उस यूजर ने आगे लिखा कि यदि वह संभव न हो तो फज्र की नमाज अदा करके पवित्र कुरान का पाठ करें और उन परिंदों की आवाज को सुनें जो अल्लाह की तिलावत करते हैं, क्योंकि नमाज के बाद मिलने वाली शांति दुनिया के किसी भी कोने में नहीं मिल सकती। इस प्रकार के धार्मिक उपदेशों के साथ कई लोगों ने उनके मठ जाने की आलोचना की।
खारदुंग ला दर्रे की ऊंचाई पर भी बिताए थे खूबसूरत पल
हिना खान का लद्दाख दौरा केवल थिकसे मठ के इस आध्यात्मिक अनुभव तक ही सीमित नहीं रहा है। इससे पहले उन्होंने समुद्र तल से लगभग 17,582 फीट की ऊंचाई पर स्थित ऐतिहासिक खारदुंग ला दर्रे की यात्रा भी की थी। यह मशहूर पहाड़ी दर्रा लेह शहर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित है। अभिनेत्री ने उस बर्फीली ऊंचाई से भी वीडियो क्लिप साझा की थीं, जहां वह ठंडी पहाड़ी हवाओं, बादलों और विशाल शिखरों के बीच प्रकृति का आनंद लेते हुए बेहद प्रसन्न और ऊर्जावान दिखाई दे रही थीं।



















