हिंदी फिल्म जगत के जाने-माने वरिष्ठ कलाकार मुश्ताक खान अब हमारे बीच नहीं रहे। 75 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई स्थित नानावटी अस्पताल में गुरुवार शाम अंतिम सांस ली। उनके देहांत की सूचना मिलते ही पूरी फिल्म बिरादरी में गहरा शोक छा गया। इस मुश्किल घड़ी में दिवंगत अभिनेता के बेटे मोहसिन खान, जो खुद एक फिल्म निर्देशक और निर्माता हैं, सामने आए और प्रशंसकों तथा सिनेमा प्रेमियों से मिल रही संवेदनाओं पर सबका शुक्रिया अदा किया।
प्रशंसकों के स्नेह पर बेटे ने जताया आभार
पिता के जाने के बाद मोहसिन खान ने दर्शकों से मिले समर्थन को बेहद अनमोल बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक कलाकार को मंच और पहचान देने में जनता की सबसे बड़ी भूमिका होती है। मोहसिन खान ने कहा, 'मेरी श्रद्धांजलि पिता जी को आप सभी को धन्यवाद कहकर होगी।' उनका मानना है कि दर्शकों की सराहना की बदौलत ही उनके पिता अपने हुनर को परदे पर बखूबी उतार सके और सिनेप्रेमियों के दिलों में अपनी जगह बनाई।
सादगी और विवादों से दूर बीता मुश्ताक खान का सफर
मोहसिन खान ने अपने पिता के व्यक्तित्व के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता सिर्फ कैमरे के सामने ही काबिल फनकार नहीं थे, बल्कि निजी जिंदगी में भी एक नेक और मददगार इंसान थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन हर तरह के विवादों से दूर रखा और हमेशा साथी कलाकारों और सहकर्मियों की हौसलाअफजाई की। परिवार के अनुसार, दूसरों को सहयोग देना और सरल बने रहना ही उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। फिल्म जगत की ओर से मिल रहे सम्मान को देखकर परिवार को इस दुख के समय में भी संबल मिला है।
सहकलाकारों ने याद किया मुश्ताक खान का साथ
फिल्म उद्योग से जुड़े साथी अभिनेताओं ने भी मुश्ताक खान के जाने को एक अपूरणीय क्षति बताया। अभिनेता अंगद देसाई ने उनके चेहरे की मुस्कान और सकारात्मक स्वभाव को याद करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतरीन कलाकार के साथ-साथ सिनेमा ने एक सच्चा और नेक इंसान खो दिया है, जिनका हंसमुख अंदाज हर किसी को अपना बना लेता था।
चार दशकों की दोस्ती और शाम की वो मुलाकातें
अभिनेता अली खान ने मुश्ताक खान के साथ अपने चार दशक से भी लंबे रिश्ते को भावुक होकर याद किया। उन्होंने बताया कि 40 साल से अधिक समय से दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब थे। अली खान के मुताबिक, मुश्ताक खान काम के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने वाले व्यक्ति थे और जब काम खत्म होता था, तो उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने परिवार पर रहता था। वे अक्सर शाम के वक्त साथ टहलने और वक्त बिताने निकला करते थे। अली खान ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और शोकाकुल परिवार को इस भारी आघात को सहने की शक्ति प्राप्त हो।



















