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नवरात्रि में कन्या पूजन के बीच राजपाल यादव ने पूछा, क्या हमारी बेटियां सच में सुरक्षित हैंमनोरंजन
11 अक्तू॰ 2026, 6:26 pm (17 दिन पहले)· 3

नवरात्रि में कन्या पूजन के बीच राजपाल यादव ने पूछा, क्या हमारी बेटियां सच में सुरक्षित हैं

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव ने नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोधाभास पर सवाल उठाते हुए समाज से आत्ममंथन की अपील की है.

नवरात्रि के पावन दिनों में जहां देशभर में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर पूजा जा रहा है, वहीं बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता राजपाल यादव ने समाज के दोहरे रवैये पर गहरा सवाल खड़ा किया है. सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक भावुक संदेश के जरिए उन्होंने हर नागरिक को अपनी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी का अहसास कराया. उनका कहना है कि अष्टमी और नवमी के मौकों पर कन्याओं के पैर छूने वाले समाज में अगर महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार जारी हैं, तो हर किसी को गंभीरता से विचार करना चाहिए.

कन्या पूजन और जमीनी हकीकत का अंतर

राजपाल यादव ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि नवरात्रि के नौ दिनों में पूरे समर्पण के साथ शक्ति की पूजा की जाती है. खासतौर पर अष्टमी और नवमी की तिथियों पर लोग छोटी बच्चियों को घर बुलाकर देवी मानकर पूजते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं. हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि जब भी महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी खौफनाक घटनाएं सामने आती हैं, तो यह सोचना पड़ता है कि जिस धरती पर कन्याओं को देवी का दर्जा मिला है, क्या वहां हर बेटी सचमुच सुरक्षित महसूस कर पा रही है.

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एक पिता की चिंता और वास्तविक सम्मान

बेटियों के पिता के तौर पर अपने व्यक्तिगत दर्द को साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि यह मुद्दा उनके लिए बेहद संवेदनशील है. दुनिया का कोई भी पिता यही उम्मीद करता है कि उसकी बच्ची बिना किसी खौफ या पाबंदी के अपने अरमान पूरे कर सके, अपनी इच्छा से गरिमापूर्ण जीवन बिताए और उसे समाज में बराबरी का मान-सम्मान मिले. उन्होंने जोर देकर कहा कि देवी आराधना का सच्चा अर्थ तभी सामने आएगा, जब शक्ति का सम्मान केवल मंदिरों या घरों की चारदीवारी तक सीमित न रहे, बल्कि समाज में हर महिला की हिफाजत और आदर में दिखाई दे.

रस्मों से आगे बढ़कर संकल्प लेने का आह्वान

अपनी बात के अंत में राजपाल यादव ने समाज से आग्रह किया कि इस बार पूजा को केवल धार्मिक रस्म तक सीमित न रखा जाए. लोगों को मिलकर यह संकल्प लेना होगा कि बेटियों को केवल अकेले संघर्ष करने और हिम्मत दिखाने के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा. इसके बजाय ऐसा माहौल तैयार करने की कोशिश होनी चाहिए जहां किसी भी लड़की को अपनी बुनियादी सुरक्षा के लिए रोज-रोज जंग न लड़नी पड़े. उन्होंने याद दिलाया कि कन्या पूजन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हर बेटी के अधिकारों और उसकी हिफाजत के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारी का प्रतीक है.

सवाल-जवाब

राजपाल यादव ने नवरात्रि के दौरान क्या सवाल उठाया?
उन्होंने पूछा कि जिस देश में नवरात्रि पर कन्याओं को देवी मानकर पूजा जाता है, क्या वहां हर बेटी सचमुच सुरक्षित है.
अभिनेता ने अपनी यह चिंता किस माध्यम से साझा की?
राजपाल यादव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा करके यह बात रखी.
राजपाल यादव के अनुसार देवी पूजा कब सार्थक मानी जाएगी?
उनके मुताबिक देवी पूजा तभी सार्थक होगी जब शक्ति का आदर सिर्फ मंदिरों तक सीमित न रहकर हर स्त्री के सम्मान और सुरक्षा में दिखेगा.
उन्होंने समाज से क्या संकल्प लेने की अपील की?
उन्होंने ऐसा माहौल बनाने का संकल्प लेने को कहा जहां बेटियों को अपनी सुरक्षा के लिए हर दिन संघर्ष न करना पड़े.
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