ओटीटी की दुनिया में अपार लोकप्रियता हासिल करने वाली ग्रामीण पृष्ठभूमि की सीरीज पंचायत को लेकर इन दिनों दर्शकों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है। मिर्ज़ापुर द मूवी के ऐलान और उसकी चर्चा के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या फुलेरा गांव के किस्से भी बड़े पर्दे पर दिखाए जा सकते हैं। इस शो में ग्राम प्रधान बृजभूषण दुबे का किरदार निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता रघुबीर यादव ने इस पूरे विषय पर अपना दृष्टिकोण साझा किया है। उनका मानना है कि इस तरह का फैसला केवल पर्दे के ट्रेंड को देखकर नहीं, बल्कि पटकथा की मूल जरूरत के आधार पर होना चाहिए।
कहानी का फैसला हमेशा रचनाकारों के हाथ
रघुबीर यादव के अनुसार किसी वेब शो को सिनेमाघर तक ले जाना पूरी तरह लेखकों और निर्माताओं का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने साफ किया कि एक कलाकार के रूप में उन्होंने कभी इस संभावना पर व्यक्तिगत रूप से विचार नहीं किया। अभिनेता ने कहा,
यह सब राइटर पर निर्भर करता है।उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि टीम कभी ऐसी फिल्म बनाने का फैसला लेती है, तो वह एक अभिनेता के तौर पर इसका हिस्सा बनने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे, मगर इसमें उनका कोई निजी दखल नहीं होगा।
सीमित अवधि में किरदारों के साथ न्याय की चुनौती
अभिनय के लंबे सफर में ग्रामीण परिवेश को गहराई से महसूस करने वाले रघुबीर यादव का मानना है कि पंचायत के ताने-बाने को सिनेमा के चंद घंटों में समेटना जोखिम भरा कदम साबित हो सकता है। शो के रचनाकारों के पास कई भविष्य के सीजन की रूपरेखा हो सकती है। ऐसे में कहानी के विस्तार को अचानक एक फीचर फिल्म में समेट देने से शो के आगे के सीजन का प्रवाह प्रभावित हो सकता है। अभिनेता का तर्क है कि फुलेरा गांव के छोटे-बड़े हर पात्र की अपनी एक अनूठी यात्रा है, जिसे दर्शक बेहद पसंद करते हैं।
गांव का यथार्थ और फुलेरा के अनूठे पात्र
रघुबीर यादव ने अपने जमीनी अनुभवों का हवाला देते हुए बताया कि देहाती जीवन की बारीकियों को दो से तीन घंटे के भीतर पूरी तरह पेश करना आसान काम नहीं है। उनके मुताबिक,
उसे तीन-चार घंटे की फिल्म में समेटना बेहद मुश्किल है।चाहे पंचायत सचिव का संघर्ष हो, मंजू देवी का अंदाज हो या फिर बनराकस का तीखा स्वभाव, हर किरदार को अपनी बात कहने के लिए पर्याप्त समय चाहिए। सीमित समय सीमा में इन सभी किरदारों के प्रभाव को बनाए रखना बेहद पेचीदा काम होगा।
पांचवें सीजन में सचिव जी की नई मुश्किलें
दर्शकों को अब सीरीज के पांचवें सीजन का बेसब्री से इंतजार है, जिसकी पृष्ठभूमि चौथे सीजन के नाटकीय अंत से जुड़ी है। चौथे भाग के समापन पर प्रधानी के चुनावी मुकाबले में क्रांति देवी ने मंजू देवी को पराजित कर दिया था। सत्ता के इस बदलाव और नई राजनीतिक खींचतान के बीच फुलेरा के पंचायत सचिव, जिनका किरदार जितेंद्र कुमार ने निभाया है, कई अनपेक्षित उलझनों में घिरने वाले हैं। यह आगामी सीजन इसी वर्ष अक्टूबर से नवंबर के दौरान अमेज़न प्राइम वीडियो के मंच पर पेश किए जाने की संभावना है।



















