भारतीय सिनेमा जगत के सबसे प्रतिष्ठित माने जाने वाले नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के आयोजन स्थल में इस बार ऐतिहासिक बदलाव किया जा रहा है। अपने 72 साल के लंबे इतिहास में पहली बार यह प्रतिष्ठित समारोह देश की राजधानी दिल्ली से बाहर आयोजित होने जा रहा है। इस बड़े बदलाव के बाद से ही फिल्म इंडस्ट्री के भीतर और सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। फिल्म 'रईस' के निर्देशक राहुल ढोलकिया ने इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि आखिर इस आयोजन के लिए गुजरात को ही क्यों चुना गया है।
दिल्ली से बाहर पहली बार हो रहा है बड़ा आयोजन
आगामी 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स का आयोजन इस साल 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर में तय किया गया है, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था। सात दशक से भी अधिक पुरानी परंपरा में हुआ यह परिवर्तन अपने आप में एक बड़ा कदम है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपनी गुजरात यात्रा के दौरान इस भव्य समारोह में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मानित करेंगी। लेकिन राजधानी दिल्ली से इस आयोजन को शिफ्ट करने के निर्णय ने कई फिल्मकारों का ध्यान खींचा है और इस पर खुलकर चर्चा शुरू हो गई है।
राहुल ढोलकिया ने उठाए तीखे सवाल
फिल्म 'रईस' का निर्देशन कर चुके राहुल ढोलकिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी आपत्ति और सवाल सामने रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें दिल्ली में ही हमेशा यह समारोह होने से कोई विशेष लगाव नहीं है, लेकिन समारोह को अचानक गुजरात ले जाने के फैसले के पीछे का तर्क समझ से परे है। उन्होंने सवाल किया कि यदि परंपरा को तोड़कर इसे किसी अन्य राज्य में ले जाया जा रहा है, तो उस राज्य को यह सम्मान क्यों नहीं दिया गया जिसका भारतीय फिल्म उद्योग में ऐतिहासिक और बहुत बड़ा योगदान रहा है।
सिनेमा में योगदान देने वाले अन्य राज्यों का जिक्र
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी बात रखते हुए निर्देशक ने उन क्षेत्रों और राज्यों के नाम गिनाए जो सिनेमा के विकास और संस्कृति में लंबे समय से आगे रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु या फिर हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी, क्योंकि इन जगहों का भारतीय सिनेमा के साथ गहरा और पुराना रिश्ता रहा है। इस तरह के सवाल सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी अपनी राय रखनी शुरू कर दी है और कई यूजर्स का मानना है कि इस प्रकार के बड़े बदलावों के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया जाना चाहिए ताकि असमंजस की स्थिति न रहे।
इस साल के प्रमुख विजेता और पुरस्कार
इस बार के नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में कई बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट कला के लिए चुना गया है। इस साल 'आर्टिकल 370' को बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड दिया गया है। इसके अलावा इसी फिल्म में अपने सशक्त अभिनय के लिए यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस के रूप में चुना गया है। वहीं, बेस्ट एक्टर का पुरस्कार इस बार संयुक्त रूप से दो कलाकारों ममूटी और कार्तिक आर्यन को मिला है। कार्तिक आर्यन ने फिल्म 'चंदू चैंपियन' में अपनी बेहतरीन भूमिका और शानदार अभिनय के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार अपने नाम किया है, जिसकी हर तरफ जमकर सराहना हो रही है。



















