नितेश तिवारी के निर्देशन में तैयार हो रही बहुचर्चित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भव्य फिल्म की रिलीज का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, रवि दुबे और अरुण गोविल जैसे मंजे हुए कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माता नमित मल्होत्रा हैं और यह फिल्म दिवाली के खास मौके पर 5 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। अपनी इसी फिल्म के प्रचार और प्रसार के सिलसिले में फिल्म की स्टारकास्ट दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जाने वाले लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के सेट पर पहुंची थी।
शो के दौरान रणबीर कपूर, साई पल्लवी और रवि दुबे ने शो की मशहूर हॉट सीट पर बैठकर गेम खेला और अमिताभ बच्चन के साथ अपने फिल्मी सफर और आगामी प्रोजेक्ट्स पर खुलकर चर्चा की। बातचीत के सिलसिले में जब बात ‘रामायण’ तक पहुंची, तो रणबीर कपूर ने हॉट सीट से एक दिलचस्प और चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब निर्देशक नितेश तिवारी ने उन्हें इस फिल्म का प्रस्ताव दिया था, तो वह अंदर से काफी डर गए थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह पर्दे पर भगवान राम जैसी महान और पवित्र भूमिका को कैसे न्याय दे पाएंगे।
‘राम’ का किरदार मिलने पर क्यों घबरा गए थे रणबीर कपूर
रणबीर कपूर ने शो के दौरान भगवान राम का किरदार निभाने से जुड़े अपने शुरुआती अनुभवों और मानसिक स्थिति के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि जब यह फिल्म उनके पास आई थी, तो उनके हाथ-पांव फूल गए थे और मन में एक अजीब सा डर बैठ गया था। हालांकि, यह घबराहट और डर कुछ समय बाद गहरी कृतज्ञता और आभार की भावना में तब्दील हो गया। अभिनेता ने महसूस किया कि यह फिल्म केवल अभिनय के लिए एक सामान्य किरदार नहीं है, बल्कि अपने साथ बहुत बड़ी नैतिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी लेकर आती है।
लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा है यह किरदार
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रणबीर कपूर ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात का पूरा अहसास था कि श्रीराम का किरदार निभाना किसी भी अभिनेता के लिए बच्चों का खेल नहीं है। भगवान राम के साथ देश और दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों की गहरी आस्था और भावनाएं जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि यह भूमिका अपने साथ भारी जवाबदेही लेकर आती है। लेकिन जब उन्होंने इस सुनहरे अवसर को डर की बजाय आभार की दृष्टि से देखना शुरू किया, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह किरदार उन्हें जीवन में एक बेहतर इंसान बनने का एक अनूठा अवसर दे रहा है।
बेटी राहा के जन्म से जुड़ा है इस किरदार का खास कनेक्शन
फिल्म और अपनी निजी जिंदगी के तालमेल पर बात करते हुए रणबीर कपूर ने एक बेहद खास बात साझा की। उन्होंने बताया कि ठीक उसी समय जब उन्हें ‘रामायण’ का यह ऑफर मिला था, उनके घर में उनकी बेटी राहा का जन्म हुआ था। अभिनेता का मानना है कि राहा के इस दुनिया में आने के बाद उन्हें अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने और एक बेहतर इंसान बनने का बेहतरीन मौका मिला। वह अपनी बेटी के आने के बाद लगातार खुद को बेहतर बना रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर उनके अभिनय पर भी पड़ रहा है। रणबीर का कहना है कि इस व्यक्तिगत बदलाव और परिपक्वता के कारण वह फिल्म में भगवान राम के किरदार को और अधिक गहराई और सच्चाई के साथ परदे पर उतार पा रहे हैं, जिससे उन्हें एक कलाकार और इंसान दोनों के रूप में निखरने का मौका मिला है।



















