फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को दिल्ली की एक अदालत से कानूनी मोर्चे पर बड़ी सहूलियत मिली है। 200 करोड़ रुपये के बहुचर्चित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुकदमों का सामना कर रहीं अभिनेत्री को भारत में अपना वर्क वीजा रिन्यू कराने के लिए अदालत ने अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी जारी करने का आदेश दिया है। इस फैसले से उनके भारत में रहकर काम करने और मुकदमे की सुनवाई में व्यक्तिगत तौर पर शामिल रहने का रास्ता साफ हो गया है।
वीजा नवीनीकरण के लिए अदालत ने क्यों दी मंजूरी
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गगनदीप सिंह की अदालत ने 6 अक्टूबर के अपने आदेश में उल्लेख किया कि अभिनेत्री मूल रूप से श्रीलंका की नागरिक हैं और वर्ष 2009 से लगातार रोजगार वीजा पर भारत में निवास कर रही हैं। उनके मौजूदा वीजा की तय अवधि समाप्त हो चुकी थी, जिसके चलते उन्हें नए सिरे से आवेदन करना था। सुनवाई के दौरान अभिनेत्री के कानूनी दल ने अदालत को सूचित किया कि फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस अदालत से आधिकारिक एनओसी मिले बिना वीजा विस्तार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा रहा है।
अदालत ने सभी परिस्थितियों का आकलन करने के बाद पाया कि जैकलीन भारतीय मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और देश के भीतर उनके कई पेशेवर प्रोजेक्ट पहले से तय हैं। इसके अतिरिक्त, इस मामले में अदालत के भीतर चल रहे ट्रायल में उनकी निरंतर उपस्थिति और भागीदारी कानूनी प्रक्रिया के लिए बेहद आवश्यक है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि 20 फरवरी 2025 को श्रीलंकाई दूतावास से उनका पासपोर्ट दोबारा जारी कराने के उद्देश्य से उसे पहले ही रिलीज किया जा चुका था। इन सभी तथ्यों को आधार बनाकर अदालत ने कानूनी प्रावधानों के तहत वीजा आवेदन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया।
200 करोड़ के मामले में जांच और आरोप
जैकलीन फर्नांडिस कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर और अन्य लोगों से जुड़े 200 करोड़ रुपये के वित्तीय अपराध मामले में लंबे समय से जांच के दायरे में हैं। इससे पूर्व जून महीने में अदालत ने इसी मामले में सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस और 15 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के सिलसिले में 9 दिसंबर 2021 को उनसे लगभग 10 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने औपचारिक जांच के बाद 17 अगस्त 2022 को उन्हें मामले में आरोपी बनाया था।
करियर और पेशेवर गतिविधियों पर असर
इस हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद की वजह से अभिनेत्री के पेशेवर सफर पर भी गंभीर प्रभाव देखने को मिला है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते उन्हें अभिनेता नागार्जुन की चर्चित फिल्म 'द घोस्ट' से भी बाहर का रास्ता देखना पड़ा था। इसके बावजूद, भारत में उनके कई काम अभी बाकी हैं, जिसके कारण उनके देश में कानूनी रूप से बने रहने के लिए इस वर्क वीजा विस्तार की अनुमति को बेहद अहम माना जा रहा है।
















