अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में कैनेडियन डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले स्थिरता बनाए रखने में कामयाब रहा है, जबकि व्यापक स्तर पर अमेरिकी मुद्रा में आई मजबूती के बावजूद उसने जी10 समूह की अधिकतर प्रतिस्पर्धी मुद्राओं से बेहतर प्रदर्शन किया है। मुद्रा विनिमय बाजार में यूएसडी/सीएडी जोड़ी 1.4227 के आसपास कारोबार करती देखी गई। कैनेडियन डॉलर ने मंगलवार को दर्ज की गई 0.4 प्रतिशत की अपनी बढ़त का बड़ा हिस्सा बरकरार रखा है। इस मजबूती के पीछे अगस्त महीने के व्यापार संतुलन से जुड़े उत्साहजनक आंकड़ों की अहम भूमिका रही, जिसने बाजार की उम्मीदों से बेहतर परिणाम देकर निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिया।
हालांकि, आर्थिक आंकड़ों की इस मजबूती के बीच घरेलू राजनीति से जुड़े घटनाक्रम मुद्रा पर लगातार दबाव बना रहे हैं। 19 अक्टूबर को होने वाले अल्बर्टा जनमत संग्रह के मद्देनजर घरेलू राजनीतिक जोखिम बढ़ गया है, जिससे निवेशकों की धारणा में अस्थिरता का खतरा बना हुआ है। विश्लेषकों के आकलन के अनुसार यूएसडी/सीएडी का उचित मूल्य 1.4169 के करीब आंका गया है। साथ ही कई महत्वपूर्ण तकनीकी स्तर मुद्रा की संभावित तेजी पर अंकुश लगाए हुए हैं।
व्यापार संतुलन का संबल और राजनीतिक अनिश्चितता का साया
आर्थिक मोर्चे पर अगस्त महीने के व्यापार संतुलन से सामने आए चौंकाने वाले मजबूत आंकड़ों ने यह दर्शाया है कि अमेरिका और कनाडा के आपसी संबंधों में आई कड़वाहट और शुरुआती व्यापार नीतिगत अनिश्चितताओं से व्यापार संतुलन पर कोई बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा है। इसके बावजूद, अल्बर्टा में 19 अक्टूबर को होने वाले जनमत संग्रह को लेकर जो राजनीतिक अनिश्चितता छाई हुई है, वह कैनेडियन डॉलर को किसी भी नकारात्मक रुख के प्रति संवेदनशील बना रही है। जब तक यह मतदान संपन्न नहीं हो जाता, तब तक घरेलू राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ी खबरें विनिमय दर में उतार-चढ़ाव ला सकती हैं।
शॉन ऑस्बोर्न और एरिक थियोरेट ने इस पूरे परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया है कि कैनेडियन डॉलर व्यापक अमेरिकी मजबूती के बीच भी अपनी स्थिति बनाए रखने में सक्षम रहा है। ऑस्बोर्न और थियोरेट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की व्यापक मजबूती के माहौल में भी कैनेडियन डॉलर स्थिर बना हुआ है और जी10 मुद्राओं को पछाड़ते हुए क्रॉस करेंसीज में बढ़त बना रहा है।
तकनीकी संकेत: मंदी के पैटर्न और अहम समर्थन स्तर
चार्ट विश्लेषण के लिहाज से यूएसडी/सीएडी जोड़ी का रुख तेजी और तटस्थता के मिले-जुले दायरे में देखा जा रहा है। मंगलवार को चार्ट पर एक बड़ी मंदी की कैंडल बनी, जो इससे पहले बनी 'शूटिंग स्टार' कैंडल श्रृंखला के बाद आई थी। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक इस तरह के पैटर्न आमतौर पर मंदी के रिवर्सल का संकेत देते हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई अभी भी ओवरबॉट क्षेत्र में बना हुआ है, लेकिन अब यह वापस 70 के स्तर पर आ गया है, जिससे मौजूदा तेजी के रुझान में बदलाव का जोखिम गहरा गया है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक ऊपर की तरफ 1.4250 से 1.4280 के दायरे में कड़ा प्रतिरोध मौजूद है, जो किसी भी बड़े उछाल को रोक सकता है। नीचे की ओर 1.4100 के करीब मामूली समर्थन दिख रहा है, जबकि 1.4000 का मनोवैज्ञानिक स्तर एक बेहद मजबूत और ठोस समर्थन क्षेत्र के रूप में स्थापित है।
वैश्विक फॉरेक्स बाजार: बॉन्ड यील्ड में उछाल से अन्य प्रमुख मुद्राओं पर असर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नई तेजी और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अमेरिकी डॉलर को हर गिरावट पर खरीदारों का साथ मिल रहा है। इस माहौल का असर अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ियों पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (एयूडी/यूएसडी) अपनी पिछली रिकवरी को आगे बढ़ाने में संघर्ष करता नजर आया और 0.7000 के स्तर से नीचे नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर रहा था। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सख्त नीतिगत उम्मीदों के बावजूद बॉन्ड यील्ड में तेजी के कारण यह जोड़ी दबाव में बनी रही, जबकि अब बाजार की नजरें एफओएमसी की बैठक के कार्यवृत्त पर टिकी हैं।
उधर यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी एशियाई सत्र में 158.50 के करीब डेढ़ सप्ताह के उच्च स्तर के आसपास टिकी रही। बैंक ऑफ जापान की ओर से आए नरम बयानों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल ने डॉलर की मांग को हवा दी। अब तेजी के खरीदार एफओएमसी मिनट्स से पहले 200-दिवसीय साधारण मूविंग एवरेज (एसएमए) की बाधा को पार करने के इंतजार में हैं।
सोना, क्रिप्टोकरेंसी और केंद्रीय बैंकों का असमंजस
कमोडिटी बाजार में सोने ने मंगलवार की शानदार बढ़त गंवा दी और बुधवार को यह फिसलकर प्रति ट्रॉय औंस 4,000 डॉलर के अहम स्तर के ठीक ऊपर आ गया। सोने में यह तेज गिरावट अमेरिकी डॉलर की जोरदार मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में आए तेज उछाल के साथ दर्ज की गई।
क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी मुनाफावसूली का दौर देखा गया। बिटकॉइन 87,200 डॉलर के स्तर पर बिकवाली के दबाव का सामना करने के बाद करेक्शन के दौर में आ गया। अन्य डिजिटल संपत्तियों में भी गिरावट का रुख रहा, जहां एथेरियम फिसलकर अपने 2,600 डॉलर के अगले प्रमुख समर्थन स्तर की ओर बढ़ रहा था और रिपल 1.45 डॉलर के डिमांड क्षेत्र के करीब अपनी गिरावट को बढ़ा रहा था।
इस बीच केंद्रीय बैंकों के सामने भी पेचीदा हालात हैं। यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के लिए महंगाई लक्ष्य से लगभग दोगुनी होने पर ब्याज दरें बढ़ाना एक सामान्य उपाय होता। मगर मौजूदा परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं। इस बार बॉन्ड बाजार पहले ही ईसीबी के हिस्से की सख्ती कर रहा है, जिससे यूरोपीय केंद्रीय बैंक के सामने नीतिगत स्तर पर एक गंभीर असमंजस खड़ा हो गया है।

















