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दूरदर्शन का वह ऐतिहासिक धारावाहिक, जिसके नाम पर रखा गया रेलवे स्टेशन, 35 साल की उम्र में हो गई थी निर्देशक की मौतमनोरंजन
9 सित॰ 2026, 12:58 am (2 घंटे पहले)· 2

दूरदर्शन का वह ऐतिहासिक धारावाहिक, जिसके नाम पर रखा गया रेलवे स्टेशन, 35 साल की उम्र में हो गई थी निर्देशक की मौत

दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक मालगुडी डेज से जुड़ी खास बातें, जिसके नाम पर कर्नाटक का एक रेलवे स्टेशन भी है और इसके निर्देशक का निधन बेहद कम उम्र में हो गया था।

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक ऐसा दौर भी था जब दूरदर्शन का एकछत्र प्रभाव हुआ करता था। उस स्वर्णिम काल में रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक धारावाहिकों को दर्शकों का अपार स्नेह मिला, तो दूसरी तरफ श्रीमान श्रीमती, वाग्ले की दुनिया, कृषि दर्शन, चित्रहार, रंगोली और मिले सुर मेरा तुम्हारा जैसे कार्यक्रमों ने भी घर-घर में अपनी खास जगह बनाई। इसी कड़ी में अस्सी के दशक के मध्य में एक ऐसा अनूठा शो टेलीकास्ट हुआ, जिसकी लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि आज भी देश के एक रेलवे स्टेशन की पहचान उसी धारावाहिक के नाम पर जुड़ी हुई है। इस क्लासिक प्रोग्राम का संगीत भी लोगों के दिलों में आज तक बसा हुआ है।

आर.के. नारायण की कहानियों और शंकर नाग का जादू

हम बात कर रहे हैं सदाबहार धारावाहिक मालगुडी डेज की, जो साल 1986 में पहली बार छोटे पर्दे पर प्रसारित किया गया था और जिसमें दर्शकों को हर एपिसोड में अलग-अलग अनोखी कहानियां देखने को मिलती थीं। यह शो प्रख्यात लेखक आर.के. नारायण की साल 1943 में प्रकाशित लघु कथाओं के प्रसिद्ध संग्रह पर पूरी तरह आधारित था। इसका बेहतरीन निर्देशन जाने-माने कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग ने किया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों का अभूतपूर्व प्यार हासिल हुआ था। इस धारावाहिक की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज भी इसे इंटरनेट मूवी डेटाबेस यानी आईएमडीबी पर 9.4 की शानदार रेटिंग मिली हुई है।

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दिग्गज कलाकारों का सहयोग और निर्माण टीम

इस प्रतिष्ठित धारावाहिक के निर्माण में कई नामचीन हस्तियों ने अपना योगदान दिया था। मालगुडी डेज के लिए मशहूर कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण ने भी काम किया था, जबकि इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी टी.एस. नरसिम्हा ने संभाली थी और इसका मनमोहक संगीत एल. वैद्यनाथ ने तैयार किया था। इस शो की अपार सफलता को देखते हुए साल 2006 में पंद्रह एपिसोड की एक नई सीरीज दोबारा लाई गई थी, जिसका निर्देशन कविता लंकेश ने किया था। साल 1986 से लेकर साल 2006 के बीच इसके कुल चार सीजन प्रसारित किए गए। अगर इसकी मुख्य स्टार कास्ट की बात करें तो इसमें मास्टर मंजूनाथ, गिरीश कर्नाड, वैशाली कासरवल्ली, देवेन भोजानी और बी. जयश्री जैसे मंजे हुए कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आए थे।

रेलवे स्टेशन का नाम पड़ा धारावाहिक के नाम पर

भारतीय रेलवे ने भी इस लोकप्रिय धारावाहिक के सांस्कृतिक महत्व को सम्मान देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया था। रेलवे प्रशासन ने कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले में स्थित अरासालु रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर आधिकारिक तौर पर मालगुडी रेलवे स्टेशन करने का बड़ा फैसला किया। भारतीय रेलवे द्वारा यह अनूठी पहल इस क्लासिक टीवी सीरियल की याद को चिरस्थाई बनाने के लिए की गई थी, क्योंकि इस मशहूर धारावाहिक के कई महत्वपूर्ण दृश्यों की शूटिंग इसी रेलवे स्टेशन परिसर के आसपास फिल्माई गई थी।

मालगुडी डेज का अमर टाइटल ट्रैक

इस धारावाहिक की कहानियां जितनी दिलचस्प और दिल को छू लेने वाली थीं, उतना ही ज्यादा इसका टाइटल ट्रैक भी ब्लॉकबस्टर साबित हुआ था। मालगुडी डेज का प्रसिद्ध टाइटल ट्रैक ताना ना ना दर्शकों के जेहन में हमेशा के लिए बस गया और हर उम्र के लोगों की जुबान पर चढ़ गया। इस बेहतरीन गीत को एल. वैद्यनाथन ने संगीतबद्ध किया था और उनके साथ प्रसिद्ध गायिका वाणी जयराम ने अपनी जादुई आवाज से इसे अमर बना दिया था।

निर्देशक शंकर नाग का असमय निधन

इतने शानदार और ऐतिहासिक धारावाहिक को अपनी बेहतरीन कला से जीवंत करने वाले प्रतिभाशाली निर्देशक और अभिनेता शंकर नाग का जीवन बहुत कम उम्र में ही समाप्त हो गया था। महज पैंतीस वर्ष की आयु में एक भीषण कार दुर्घटना में उनका आकस्मिक निधन हो गया था। तीस सितंबर 1990 को उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था, जिससे कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी।

सवाल-जवाब

मालगुडी डेज धारावाहिक किस वर्ष आया था?
मालगुडी डेज शो पहली बार साल 1986 में प्रसारित किया गया था।
मालगुडी डेज शो किसकी कहानियों पर आधारित था?
यह धारावाहिक आर.के. नारायण की साल 1943 की लघु कथाओं के संग्रह पर आधारित था।
मालगुडी डेज का निर्देशन किसने किया था?
इस प्रसिद्ध शो का निर्देशन कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग ने किया था।
किस रेलवे स्टेशन का नाम मालगुडी रखा गया है?
कर्नाटक के शिवमोग्गा जिले के अरासालु रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मालगुडी रेलवे स्टेशन रखा गया है।
निर्देशक शंकर नाग का निधन कब हुआ था?
शंकर नाग का निधन तीस सितंबर 1990 को एक कार दुर्घटना में हुआ था।
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