बेल्जियम के सबसे बड़े प्रकृति रिजर्व में भयंकर जंगल की आग लगने से व्यापक तबाही हुई है, जिससे आसपास की बस्तियों पर खतरा मंडराने लगा है। शनिवार को भड़की इस आग ने हाय फेंस संरक्षण क्षेत्र के लगभग एक तिहाई भूभाग को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटें लगातार रिहाइशी मकानों की तरफ बढ़ रही हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए पास स्थित दो गांवों के निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने का आदेश जारी किया है। बेल्जियम के पूर्वी हिस्से में जर्मनी की सीमा के पास स्थित इस राष्ट्रीय पार्क में राहत एवं बचाव कार्य व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई यूरोपीय देशों ने हवाई जल-बमवर्षक विमान और विशेष हेलिकॉप्टर सहायता के लिए भेजे हैं।
हाय फेंस रिजर्व में तेजी से फैलता संकट
वालोनिया क्षेत्र के स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा करते हुए पुष्टि की है कि शनिवार दोपहर तक आग पूरी तरह से अनियंत्रित बनी हुई थी। क्षेत्रीय प्रशासनिक निकाय के प्रवक्ता निकोलस यरनॉक्स के अनुसार, यह हाल के इतिहास में बेल्जियम की सबसे भयंकर दावानल दुर्घटना है। अधिकारियों का कहना है कि "आग के घरों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है, लेकिन हम सुरक्षा के लिए सभी उपलब्ध संसाधन लगा रहे हैं।" विस्थापित हुए लोगों को आश्रय प्रदान करने के लिए नजदीकी खेल परिसर के दरवाजों को खोल दिया गया है, जहां लोगों के रहने और भोजन की आपातकालीन व्यवस्था की गई है।
बचाव दल और फायरफाइटर्स को इलाके की कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हाय फेंस रिजर्व का विस्तृत क्षेत्र दलदली भूमि, दलदली मैदानों और सघन वनों से घिरा हुआ है, जहां भारी वाहनों और अग्निशमन उपकरणों का पहुंचना बेहद जटिल साबित हो रहा है। प्रवक्ता निकोलस यरनॉक्स ने स्पष्ट किया कि अत्यधिक दुर्गम इलाके होने के कारण दमकलकर्मियों को विवश होकर मैदान के कुछ हिस्सों को खुद जलने देना पड़ा ताकि मुख्य वन क्षेत्रों की ओर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
मोर्चे पर दमकलकर्मियों की दुर्गम चुनौती
जंगल की आग पर काबू पाने के लिए जमीनी स्तर पर सैकड़ों कर्मी लगातार मुस्तैद हैं। आग बुझाने के अभियान में सक्रिय रूप से जुटे दमकलकर्मी ग्रेगरी मेलोट ने बताया कि मैदानी इलाकों से उठती लपटों को चीड़ के जंगलों तक फैलने से रोकने में शुरुआती सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि "हम अपने मिशन में सफल रहे हैं, लेकिन काम अभी खत्म नहीं हुआ है।" हवा के बदलते रुख ने राहत कार्यों को और अधिक जटिल बना दिया है। अभियान के दौरान तेज हवाओं की दिशा दो बार बदली, जिससे एक बार स्थिति बचाव दल के अनुकूल हुई तो दूसरी बार अचानक आग का रुख उनकी तरफ हो गया।
यूरोपीय संघ का अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन अभियान
आग के अनियंत्रित रूप को देखते हुए बेल्जियम सरकार ने यूरोपीय संघ के नागरिक सुरक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया। इसके तहत यूरोपीय पड़ोसी देशों से त्वरित हवाई सहायता और अतिरिक्त सुरक्षा बल रवाना किए गए। यूरोपीय आयुक्त हादजा लहबीब ने बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया के तहत स्वीडन से दो विशेष वाटर-बॉम्बिंग हवाई जहाज तथा चेक गणराज्य एवं नीदरलैंड्स से एक-एक उन्नत हेलिकॉप्टर बेल्जियम के प्रभावित इलाकों के लिए रवाना किए गए हैं। ये हवाई संसाधन दूरदराज के दुर्गम क्षेत्रों में पानी की बौछार कर आग को दबाने का काम कर रहे हैं।
दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में भी भड़की दावानल
बेल्जियम की इस भीषण त्रासदी के साथ-साथ शनिवार को यूरोप के अन्य देशों में भी जंगल की आग का प्रकोप देखने को मिला। फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र लांदेस के जंगलों में गुरुवार को शुरू हुई आग शनिवार को दोबारा भड़क उठी। फ्रांसीसी अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 650 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। लांदेस के जंगलों में आग की लपटों को नियंत्रित करने के लिए 500 से अधिक फायरफाइटर्स की तैनाती की गई है।
अभूतपूर्व गर्मी और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
यूरोप के विभिन्न भागों में लगातार फैल रही दावानल की घटनाओं के पीछे अत्यधिक सूखा और भीषण तापमान मुख्य वजह माना जा रहा है। यूरोपीय संघ की आधिकारिक जलवायु वेधशाला कोपरनिकस ने पुष्टि की है कि पश्चिमी यूरोप ने रिकॉर्ड इतिहास में अपनी सबसे गर्म जून-जुलाई अवधि का सामना किया है। सूखे और लगातार बढ़ते तापमान ने वनों और प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्रों को बेहद संवेदनशील बना दिया है, जिससे मामूली चिंगारी भी देखते ही देखते विकराल दावानल का रूप ले रही है।



















