आयरलैंड की सरकार अपने नए वार्षिक वित्तीय बजट में आम परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत देने की दिशा में कदम उठाने जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा संकट से जुड़े बिजली और ईंधन के बिलों के साथ-साथ बच्चों की देखभाल यानी चाइल्डकेयर पर होने वाले भारी खर्च के बोझ को कम करना है। इसके साथ ही मध्यम वर्ग और कामगारों को सीधी राहत पहुंचाने के लिए उस आय सीमा को भी बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है, जहां से लोगों पर उच्च दर का आयकर लागू होता है। वर्तमान में यह सीमा €44,000 (£37,000) पर तय है, जिसे आगे बढ़ाने की प्रबल संभावना है।
घरेलू बजट और परिवारों पर दबाव घटाने की रणनीति
आयरिश प्रधानमंत्री (तीशख) मीहोल मार्टिन ने बजट की प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए स्पष्ट किया है कि पूरे वित्तीय दस्तावेज का केंद्रीय बिंदु परिवारों और आम घरों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने का प्रयास होना चाहिए। सरकार का मानना है कि रोजमर्रा की जिंदगी में बढ़ती महंगाई ने साधारण परिवारों के घरेलू बजट को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। इस कारण से सरकार का पूरा ध्यान ऐसे क्षेत्रों पर केंद्रित किया जा रहा है जहां से लोगों की जेब पर तुरंत और प्रत्यक्ष असर पड़ता है। देश के प्रमुख सत्ताधारी दलों के शीर्ष नेता, जिनमें प्रधानमंत्री भी शामिल हैं, इस बजट के अंतिम मसौदे पर औपचारिक मुहर लगाने वाले हैं।
इस पूरे वित्तीय आवंटन का एक बड़ा हिस्सा स्टैंडस्टिल फंडिंग यानी मौजूदा जनसुविधाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए खर्च किया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि वर्तमान में जनता को मिलने वाली सार्वजनिक सेवाओं की बढ़ती हुई लागत को पूरा करने के लिए अतिरिक्त सरकारी खजाना खोला जाएगा, ताकि सेवाओं के स्तर में कोई गिरावट न आए। स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं के संचालन पर आ रहा अतिरिक्त खर्च इस बजट के बड़े हिस्से की मांग कर रहा है।
कॉरपोरेट टैक्स से मजबूत खजाना और सरप्लस का गणित
यूरोप के कई अन्य देशों की तुलना में आयरलैंड की राजकोषीय स्थिति काफी अधिक मजबूत नजर आ रही है। इसका सबसे बड़ा कारण देश को मिलने वाला कॉरपोरेट टैक्स का अप्रत्याशित भारी संग्रह है। आयरलैंड में बहुराष्ट्रीय कंपनियों से मिलने वाले टैक्स की बदौलत सरकारी खजाने में सार्वजनिक सेवाओं पर होने वाले कुल खर्च से कहीं अधिक राजस्व जमा हो रहा है। हाल ही में जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल देश का बजटीय सरप्लस €6.9bn (£5.84bn) रहने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि, यह आंकड़ा अप्रैल के महीने में लगाए गए €9.2bn (£7.79bn) के पूर्व अनुमान से कुछ कम है।
सरप्लस के इस अनुमान में आई कमी की मुख्य वजह यह है कि सरकार को ईंधन सब्सिडी और विशेष सहायता योजनाएं शुरू करनी पड़ी हैं। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बजट में हुए अतिरिक्त खर्चों, विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में तय सीमा से अधिक खर्च की भरपाई के लिए अतिरिक्त धन जारी करना पड़ा है। सरकार इस पूरे अतिरिक्त राजस्व को केवल मौजूदा खर्चों में ही नहीं उड़ा रही, बल्कि सरप्लस के एक हिस्से को भविष्य की वित्तीय जिम्मेदारियों और खर्चों को सुरक्षित करने के लिए राष्ट्रीय संपदा कोष (नेशनल वेल्थ फंड्स) में निवेश कर रही है।
बचत योजनाओं और वित्तीय सलाहकारों की आपत्तियां
सरकार की इन खर्च नीतियों के बावजूद राजकोषीय निगरानी संस्था आयरिश फिस्कल एडवाइजरी काउंसिल ने असंतोष जताया है। इस स्वतंत्र वित्तीय निगरानी संस्था ने सरकारी कदमों की आलोचना करते हुए तर्क दिया है कि अप्रत्याशित टैक्स संग्रह के इस दौर में सरकार को भविष्य की सुरक्षा के लिए और अधिक बचत करनी चाहिए थी। संस्था का मानना है कि अस्थिर कॉरपोरेट करों पर अत्यधिक निर्भरता आने वाले समय में जोखिम भरी साबित हो सकती है, इसलिए खजाने का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित रखा जाना चाहिए था।
बजट में घोषित किए जाने वाले अन्य बड़े कदमों में एक नई कर-मुक्त बचत योजना भी शामिल है, जिसे ब्रिटेन की प्रसिद्ध आईएसए योजना की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए नागरिकों को अपनी व्यक्तिगत बचत पर टैक्स छूट का फायदा मिलेगा और घरेलू निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त किशोरों के लिए एक कल्चर कार्ड शुरू करने का प्रस्ताव भी पेश किया जाने वाला है। इस कार्ड का इस्तेमाल युवा कॉन्सर्ट और सांस्कृतिक आयोजनों के टिकटों पर कर सकेंगे, हालांकि इस कार्ड की कुल मौद्रिक राशि और पात्रता से जुड़ी विस्तृत शर्तें अभी स्पष्ट नहीं की गई हैं।



















