दिल्ली में चलो दिल्ली रामलीला मार्च की गूंज, संविधान और लोकतंत्र बचाने का आह्वानविधान परिषद चुनावों में कांग्रेस को क्यों मिली निराशा, समझें हार के पांच प्रमुख कारणवेनेजुएला की राजनीति में बड़ा बदलाव, मारिया कोरिना मचाडो की स्वदेश वापसीडोनाल्ड ट्रंप ने ईस्ट पोटोमैक गोल्फ कोर्स को बताया खतरनाक, 15 नवंबर को बंद करने की योजनामूलांक 8 राशिफल 29 अक्टूबर: शनि की चेतावनी, सुबह का रूटीन बिगड़ा तो होगा नुकसानकिराए के मकान की नकारात्मकता से पाएं मुक्ति, अपनाएं ये चार आसान वास्तु नियमदशकों पुरानी कमियों को सक्रिय साइबर खतरों में कैसे बदल रही है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसगुरुग्राम में ब्लैकआउट जैसे हालात, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से चरमराई व्यवस्थामूलांक 6 राशिफल 29 अक्टूबर: रिश्तों और कामकाज में शुक्र का विशेष प्रभाव, इन बातों का रखें ध्यानटेनिस जगत के दिग्गज स्टैन वावरिंका ने 23 साल के सुनहरे करियर को कहा अलविदा, बेसल में हुआ भावुक समापन
इटली और फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, हिंसक झड़पों के बीच सैकड़ों गिरफ्तारयूरोप
18 अक्तू॰ 2026, 1:39 pm (11 दिन पहले)· 4

इटली और फ्रांस में महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, हिंसक झड़पों के बीच सैकड़ों गिरफ्तार

यूरोप में महंगाई और युद्ध के खिलाफ इटली और फ्रांस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, जो हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकानों में लूटपाट और आगजनी किए जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फ्रांस में 272 और इटली में करीब 50 लोगों को हिरासत में लिया।

यूरोप में लगातार बढ़ती महंगाई के खिलाफ जनआक्रोश अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। विशेष रूप से इटली और फ्रांस में आम जनता बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आई है। इस दौरान कई जगहों पर स्थिति हिंसक हो गई और प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकानों में जमकर लूटपाट की गई। इसके अलावा वाहनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को भी आग के हवाले कर दिया गया। हालात को किसी तरह काबू में करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी और आंसू गैस के गोलों के साथ-साथ वाटर कैनन का भी इस्तेमाल करना पड़ा। इस भारी हंगामे और हिंसा के बीच फ्रांस में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कम से कम 272 लोगों को गिरफ्तार किया, जबकि इटली के मिलान शहर में करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

मिलान में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

इटली के मिलान शहर के मध्य हिस्से में शनिवार को उस समय तनावपूर्ण हालात पैदा हो गए जब दंगाइयों की पुलिस के साथ सीधी झड़प हो गई। इस हिंसक टकराव के दौरान दुकानों को लूटा गया और संपत्तियों में आग लगा दी गई। इस अप्रत्याशित हिंसा के कारण पियाजा डेल डुओमो चौक और लग्जरी सामानों की बिक्री करने वाले बाजारों को तुरंत खाली कराना पड़ा। यह इलाका आम तौर पर खरीदारों से गुलजार रहता है, लेकिन सुरक्षा कारणों से सब कुछ ठप पड़ गया। युद्ध और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ निकाला गया यह विरोध मार्च शुरुआत में पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रहा था, लेकिन कुछ ही देर में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और दंगा नियंत्रण पुलिस पर पत्थर तथा अन्य वस्तुएं फेंकनी शुरू कर दीं। घटना के बाद सामने आईं तस्वीरों में काराबिनिएरी पुलिस की एक गाड़ी को बेहद बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में देखा जा सकता है। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने पानी की बौछार करने वाले वाहनों और भारी मात्रा में आंसू गैस का प्रयोग किया।

ये भी पढ़ें

अधिकारियों के घायल होने पर प्रधानमंत्री की तीखी प्रतिक्रिया

सामने आई खबरों के अनुसार, इस झड़प में कम से कम दो पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए और कई नाबालिगों समेत लगभग 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस पूरी हिंसा की कड़ी शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर पूरे शहरों को आग के हवाले कर देना कतई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने उन उपद्रवियों पर निशाना साधा जो ऐसे आयोजनों का अनुचित फायदा उठाकर अराजकता फैलाते हैं, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कर्मियों पर घातक हमले करते हैं और पूरे शहर को बंधक बनाकर रख देते हैं। मिलान के मेयर ग्यूसेप्पे सेला ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि कानून लागू करने वाले सुरक्षाकर्मियों पर हिंसा करना और शहर को भारी नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

फ्रांस के कई प्रमुख शहरों में फैली हिंसा

दूसरी तरफ फ्रांस में भी जीवनयापन के बढ़ते खर्च और महंगाई को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन दर्ज किए गए। फ्रांस के विभिन्न हिस्सों में इस दौरान व्यापक स्तर पर हिंसा की घटनाएं सामने आईं। देश की राजधानी पेरिस में अराजक तत्वों द्वारा कई कारों में आग लगा दी गई और दुकानों को निशाना बनाकर लूटपाट की गई। पुलिस ने नकाबपोश प्रदर्शनकारियों की भीड़ को नियंत्रित करने और उन्हें खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का उपयोग किया। देश भर में हुई इस कार्रवाई के दौरान कम से कम 272 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और सरकारी कार्यालयों पर हमले

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरां नुनेज के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, देश के अलग-अलग हिस्सों से पुलिसकर्मियों पर सुनियोजित हमले, दुकानों में लूटपाट और महत्वपूर्ण सार्वजनिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचाने की कई घटनाएं प्रकाश में आईं। ल्योन शहर में एक टूरिज्म दफ्तर के अंदर आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, जबकि मार्सिले में कई व्यावसायिक दुकानों और एक नगरपालिका पुलिस स्टेशन को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों ने तो शहर के मुख्य सिटी हॉल की लॉबी में भी जबरन घुसपैठ कर ली, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

पुराने येलो वेस्ट आंदोलन की वापसी के संकेत

फ्रांस में इन प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से जनता से अपील की कि वे साल 2018 के चर्चित 'येलो वेस्ट' आंदोलन को एक बार फिर से पुनर्जीवित करें। उस ऐतिहासिक आंदोलन की मुख्य शुरुआत सामाजिक असमानता और बढ़ती महंगाई के विरोध में हुई थी। इस बार भी पेट्रोल, ऊर्जा और बुनियादी खाद्य पदार्थों के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण आम नागरिकों में गहरी नाराजगी और गुस्सा देखा जा रहा है, जो सड़कों पर फूट पड़ा है।

सवाल-जवाब

इटली और फ्रांस में यह प्रदर्शन किस वजह से हो रहे हैं?
यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बढ़ती महंगाई, युद्ध, और पेट्रोल, ऊर्जा तथा खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के खिलाफ हो रहे हैं।
फ्रांस में पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
फ्रांसभर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कम से कम 272 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इटली के मिलान में कितने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया?
इटली के मिलान शहर में पुलिस ने करीब 50 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस हिंसा पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन शहरों को आग के हवाले करना नहीं।
फ्रांस में किस पुराने आंदोलन को फिर से शुरू करने की अपील की गई?
फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने 2018 के येलो वेस्ट आंदोलन को सोशल मीडिया के जरिए फिर से सक्रिय करने की अपील की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp