काला सागर के जलक्षेत्र में मालवाहक जहाजों पर हुए हालिया ड्रोन हमलों ने समुद्री व्यापार गलियारे में गंभीर सुरक्षा संकट खड़ा कर दिया है। पूर्वी बुल्गारिया के तटीय शहर ब्याला से लगभग 70 मील (112 किमी) दूर अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में तड़के हुए इस दोहरे हमले में एक व्यापारिक पोत डूब गया, जिसके चालक दल के सदस्यों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसी समय हुए एक अन्य हमले में अनाज ले जा रहे दूसरे व्यापारिक जहाज को भी निशाना बनाया गया, जहां से अठारह नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में वाणिज्यिक नौवहन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
तड़के हवाई और समुद्री ड्रोनों से बोला गया धावा
यह हमला देर रात लगभग 03:00 बजे (23:00 GMT) अंजाम दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, हमलों में हवाई और समुद्री ड्रोनों दोनों का इस्तेमाल किया गया था। निशाना बने जहाजों में से एक पश्चिमी अफ्रीकी देश टोगो के ध्वज तले संचालित हो रहा था। ड्रोन की चपेट में आने के बाद यह जहाज तेजी से जलमग्न हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पास मौजूद एक बुल्गारियाई पोत तुरंत सहायता के लिए उस स्थान की ओर रवाना हुआ।
बचाव दल जब घटनास्थल पर पहुंचा, तो जहाज पूरी तरह समुद्र में समा चुका था। पानी की सतह पर केवल एक उलटी हुई नाव, कुछ खाली लाइफ राफ्ट और तैरते हुए लाइफ जैकेट ही नजर आ रहे थे। दुर्घटनाग्रस्त पोत पर कितने नाविक सवार थे और उस पर किस तरह का माल लदा हुआ था, इसकी सटीक जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी है। लापता नाविकों की तलाश के लिए विस्तृत खोज अभियान शुरू कर दिया गया है।
अनाज वाहक पोत पर लगी आग, भारतीय और तुर्की नाविक बचाए गए
उसी घटनाक्रम के दौरान अनाज लेकर जा रहा एक दूसरा व्यापारिक पोत भी ड्रोन हमले की जद में आ गया। ड्रोन टकराने के बाद पोत पर भीषण आग भड़क उठी, जिससे उस पर तैनात दो नाविक झुलस गए। बुल्गारियाई नाविकों ने त्वरित राहत अभियान चलाते हुए इस पोत पर मौजूद सभी 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया और घायलों को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
सुरक्षित बचाए गए दल में ग्यारह तुर्की नागरिक और सात भारतीय नागरिक शामिल हैं। यह हमला बुल्गारिया के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सीमाओं के भीतर हुआ। बुल्गारिया का विशेष आर्थिक क्षेत्र काला सागर में 29,000 वर्ग किलोमीटर (11,197 वर्ग मील) से कुछ अधिक विस्तार में फैला हुआ है, जो पूरे काला सागर के कुल क्षेत्रफल का लगभग 6 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
समुद्री कानूनों के घोर उल्लंघन पर कड़ी प्रतिक्रिया
बुल्गारिया के प्रधानमंत्री रूमेन राडेव ने अपने देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र में हुए इन हमलों पर तीखा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसे समुद्री कानूनों का खुला और गंभीर उल्लंघन करार दिया। रूमेन राडेव ने दो टूक शब्दों में कहा कि बुल्गारियाई विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर इस तरह का घातक हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है।
रूमेन राडेव ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन हमलों के पीछे किस शक्ति का हाथ था। हालांकि, यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध के तहत रूस ने काला सागर के गलियारे में लगातार सैन्य हमले तेज कर दिए हैं। वाणिज्यिक जलमार्गों के पास इस तरह के हमलों ने क्षेत्रीय तनाव को और भड़का दिया है।
ओडेसा के पास भी हुआ था हमला, तनाव में लगातार बढ़ोतरी
काला सागर में असैन्य पोतों पर मंडराता खतरा केवल इसी घटना तक सीमित नहीं है। इससे पहले मंगलवार को ओडेसा के पास हुए एक अन्य हमले में एक नाविक की जान चली गई थी और सात अन्य घायल हो गए थे। यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, उस घटना का शिकार बना जहाज मार्शल आइलैंड्स का झंडा लेकर चल रहा था।
हालिया हमलों की इस कड़ी की पृष्ठभूमि में सैन्य बयानबाजी भी शामिल है। रविवार को रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन भर में अपने हमलों को तेज करने की चेतावनी दी थी। रूसी रक्षा मंत्रालय का यह बयान ज़ेलेंस्की की उस टिप्पणी के जवाब में आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कीव रूसी तेल रिफाइनरियों पर अपने हमलों में वृद्धि करेगा। गौरतलब है कि रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य आक्रमण शुरू किया था, जिसके बाद से काला सागर दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक टकराव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।



















