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राजस्थान में थमेगा बादलों का दौर, 23 अक्टूबर से सक्रिय हो सकता है नया पश्चिमी विक्षोभराजस्थान
19 अक्तू॰ 2026, 6:48 am (12 मिनट पहले)· 0

राजस्थान में थमेगा बादलों का दौर, 23 अक्टूबर से सक्रिय हो सकता है नया पश्चिमी विक्षोभ

राजस्थान में बारिश की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है और अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि बाड़मेर में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजस्थान के विभिन्न अंचलों में सक्रिय मौसमी हलचल के बाद अब वातावरण में स्थिरता के संकेत मिलने लगे हैं। पिछले चौबीस घंटों के दौरान राज्य के पूर्वी इलाकों में बादलों की गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर मौसम सुहावना हो गया। इसके उलट पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में वातावरण पूरी तरह शुष्क बना रहा। वायुमंडलीय परिस्थितियों में आ रहे बदलाव के कारण 19 अक्टूबर से समूचे प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में खासी कमी आने की संभावना बन रही है, जिसके चलते आगामी दिनों में अधिकांश जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ और सूखा रहेगा।

पूर्वी राजस्थान में बारिश और तापमान की वर्तमान स्थिति

बीते चौबीस घंटों के दौरान पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के बीच बारिश दर्ज की गई। इस दौरान टोंक जिले के नगरफोर्ट क्षेत्र में सर्वाधिक 23 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जहां तेज गर्जना के साथ पानी बरसा। इसके अतिरिक्त 18 अक्टूबर को भी जयपुर, कोटा, अजमेर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की फुहारें और छिटपुट बारिश देखी गई। इस वर्षा से पूर्वी इलाकों के तापमान में हल्की गिरावट आई और स्थानीय नागरिकों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

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दूसरी ओर, मरुस्थलीय पश्चिमी राजस्थान में बादलों का प्रभाव नगण्य रहा और चटख धूप के कारण पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य भर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश शहरों में दिन के वक्त तेज धूप खिलने से अभी भी गर्मी का अहसास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वातावरण में व्यापक स्तर पर शुष्कता बढ़ने से आने वाले दिनों में दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जबकि रात के तापमान में धीरे-धीरे हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

सक्रिय मौसमी प्रणालियों का विश्लेषण और वायुमंडलीय प्रभाव

वर्तमान में भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका मिला-जुला प्रभाव राजस्थान के मौसम पर देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के वायुमंडल के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक मौसमी ट्रफ या द्रोणिका भी अवस्थित है, जो पर्वतीय और मैदानी इलाकों में नमी का संचार कर रही थी।

इसके समानांतर, दक्षिण राजस्थान और उसके आस-पास के भूभाग पर धरातल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण विद्यमान है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक विस्तृत ट्रफ रेखा फैली हुई है। इन संयुक्त प्रणालियों के चलते ही पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर और भरतपुर संभागों में नमी आकर्षित हुई और वर्षा की स्थिति बनी। हालांकि, अब ये प्रणालियां धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही हैं अथवा आगे की ओर खिसक रही हैं, जिसके कारण 19 अक्टूबर से राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसमी गतिविधियां शांत हो जाएंगी।

19 अक्टूबर से शुष्क मौसम और संभागवार स्थिति

19 अक्टूबर की स्थिति को देखें तो पूरे प्रदेश में भारी बारिश को लेकर कोई चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है। जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ सीमित इलाकों में स्थानीय संवहन और बची हुई नमी के कारण बादलों की गरज के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की वर्षा की मामूली संभावना बनी रह सकती है। इसके विपरीत, राज्य के शेष अधिकांश भूभागों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और खिली हुई धूप निकलेगी।

पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में अगले 4 से 5 दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। यहां वर्षा की किसी भी प्रकार की संभावना नहीं है। धूप के तेज प्रभाव के कारण जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और जालोर जैसे सीमावर्ती इलाकों में दोपहर के समय तपिश महसूस होगी। प्रदेश के किसी भी जिले में व्यापक स्तर पर आंधी या मूसलाधार बारिश का कोई अंदेशा नहीं है, जिससे आम जनजीवन सामान्य गति से चलता रहेगा।

23 और 24 अक्टूबर को नए पश्चिमी विक्षोभ की आहट

शुष्क मौसम के इस दौर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक और मौसमी बदलाव की तैयारी हो रही है। अनुमान के मुताबिक 23 और 24 अक्टूबर को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ दस्तक दे सकता है। इस नए विक्षोभ के सक्रिय होने से सीमावर्ती क्षेत्रों और उत्तरी जिलों में बादलों का जमावड़ा फिर से शुरू हो सकता है।

हालांकि, आगामी विक्षोभ की तीव्रता कितनी होगी और यह किन-किन जिलों को मुख्य रूप से प्रभावित करेगा, इसकी सटीक जानकारी आगामी दिनों के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। यदि यह विक्षोभ पर्याप्त नमी खींचने में सफल रहा, तो उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के क्षेत्रों में एक बार फिर गर्जना के साथ हल्की वर्षा या तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। फिलहाल 22 अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश भागों में शुष्क और साफ मौसम की ही प्रबल संभावना है।

किसानों के लिए कृषि परामर्श और सुरक्षा के उपाय

मौसम में हाल ही में आए उतार-चढ़ाव और आगामी दिनों में शुष्क परिस्थितियों को देखते हुए किसानों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खरीफ फसलों की कटाई और गहाई का कार्य वर्तमान में कई क्षेत्रों में जोरों पर है। हालिया बारिश को ध्यान में रखते हुए किसानों को सलाह दी गई है कि खेतों में काटकर रखी गई फसलों और खलिहानों में मौजूद उपज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं या तिरपाल आदि से ढकने की पुख्ता व्यवस्था करें।

इसके साथ ही कृषि उपज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखे गए अनाज, तिलहन और अन्य कृषि जिंसों को भीगने से बचाने के लिए पुख्ता प्रबंध करने को कहा गया है। आने वाले 4 से 5 दिनों के दौरान पश्चिमी और अधिकांश पूर्वी राजस्थान में मौसम शुष्क रहने से किसानों को अपनी फसलों की कटाई, सुखाने और भंडारण के कार्यों को तेजी से निपटाने का एक बेहतरीन अवसर मिलेगा। किसान भाई इस अवधि का लाभ उठाकर रबी फसलों की बुवाई के लिए खेतों की जुताई और प्राथमिक तैयारियां भी निर्बाध रूप से पूरी कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

राजस्थान में 19 अक्टूबर से मौसम कैसा रहेगा?
19 अक्टूबर से राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ जाएंगी और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।
पिछले 24 घंटों में राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज की गई?
पूर्वी राजस्थान के टोंक जिले के नगरफोर्ट में सर्वाधिक 23 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
राज्य में सबसे अधिक तापमान किस जिले में दर्ज हुआ?
पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान में नया पश्चिमी विक्षोभ कब सक्रिय हो सकता है?
उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 23 और 24 अक्टूबर को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।
किसानों को मौसम के मद्देनजर क्या सलाह दी गई है?
किसानों को खेतों में काटकर रखी गई फसलों और मंडियों में खुले अनाज को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखने या ढकने की सलाह दी गई है।
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