यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी शहर ज़ापोरिज्जिया में शनिवार सुबह भीषण हवाई हमला हुआ, जब पांच रूसी ग्लाइड बम सीधे रिहायशी इमारतों पर आ गिरे। इस जोरदार हमले में तीन मासूम बच्चों सहित कम से कम 15 लोगों की जान चली गई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार 16 अन्य नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।
मलबे में तब्दील हुई बहुमंजिला इमारत, 80 से अधिक बचावकर्मी तैनात
हमले की जगह से सामने आए दृश्य भारी तबाही की गवाही दे रहे हैं, जहां एक अपार्टमेंट ब्लॉक पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। कार्यवाहक मेयर रेजिना खारचेंको ने घटनास्थल पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि बम इमारत के निचले हिस्से यानी ग्राउंड फ्लोर पर लगा था। इसके कारण ऊपर की कई मंजिलें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
आपदा स्थल पर 80 से ज्यादा बचावकर्मी लगातार राहत और तलाशी अभियान चला रहे हैं, जो पूरे दिन जारी रहने की उम्मीद है। मलबे के नीचे दबे जीवित लोगों की सांसों की आहट या आवाज सुनने के लिए बचाव दल नियमित अंतराल पर कुछ पलों के लिए पूरी तरह शांत हो जाते हैं ताकि किसी भी आवाज को फौरन पहचाना जा सके। खारचेंको ने भावुक होते हुए कहा कि यह हमला शहर के दिल पर हुआ है और मारे गए लोगों में सबसे छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो उनके परिवारों और पूरे शहर के लिए असहनीय दुख है।
प्रतिबंधों में ढील और कूटनीतिक फैसलों पर जेलेंस्की का कड़ा रुख
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ज़ापोरिज्जिया पर हमला असल में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी डीजल आयात करने के लिए मास्को पर प्रतिबंधों में दी गई ढील के प्रति रूस का आभार जताने का तरीका है। जेलेंस्की के मुताबिक, बीती रात ज़ापोरिज्जिया के अलावा 13 अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया, जिससे यह साफ होता है कि रूस किसी भी तरह के दबाव में कमी को लगातार लड़ते रहने की खुली छूट मान लेता है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर यह भी रेखांकित किया कि राजधानी कीव में ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों ने रूस के असली इरादे उजागर कर दिए हैं। उनका कहना था कि रूस का स्पष्ट चुनाव युद्ध है और वह इसे खत्म करने के लिए तभी तैयार होगा जब उसे लगेगा कि जंग को लंबा खींचने की उसकी क्षमता पूरी तरह खत्म हो रही है। उन्होंने चिंता जताई कि मास्को को मिले संकेत यह दर्शाते हैं कि वह अपनी आक्रामक कार्रवाई जारी रख सकता है, जिसे सुधारा जाना बेहद जरूरी है।
बुनियादी ढांचे पर हमलों में आई भारी तेजी
मास्को के पूर्ण पैमाने पर किए गए आक्रमण के लंबे खिंचने के साथ ही दोनों पक्षों की तरफ से बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। हाल के दिनों में आम नागरिकों पर हमलों की विभीषिका बढ़ी है। गुरुवार को ही पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र के क्रामाटोर्स्क में दो नागरिक बसों पर हुए ग्लाइड बम हमले में कम से कम 33 लोगों की जान चली गई थी।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए रूस के भीतर गहराई में स्थित उन आर्थिक और रणनीतिक ठिकानों पर हमले बढ़ा दिए हैं जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए अहम हैं। कीव ने कई तेल रिफाइनरियों और टर्मिनलों को निशाना बनाया है। यूक्रेनी पक्ष का कहना है कि इन लक्षित हमलों का मकसद रूस की युद्ध मशीनरी को मिलने वाले राजस्व और आर्थिक संसाधनों के प्रवाह को रोकना है।



















