उत्तराखंड में मौसम का यूटर्न, देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में बारिश और बर्फबारी का अलर्टगया में पिंडदान से पहले पुनपुन में क्यों जरूरी है तर्पण, जानें गोदावरी तालाब का महत्वफ्रांस के ओबाग्ने में स्कूल के अंदर चली गोली, 14 साल का छात्र गिरफ्तार और दो शिक्षक घायलमेटा के एआई एजेंट म्यूज पर एडल्ट चैट की खुली छूट, प्राइवेसी को लेकर एक्सपर्ट्स की चिंताअपना खुद का आशियाना तैयार करते वक्त रखें इन पांच बातों का ध्यान, जिंदगी भर नहीं होगी कोई परेशानीAI टूल्स से बना रहे हैं घूमने का प्लान? इन गलतियों से बचें वरना खराब हो सकता है सफरदक्षिण दिल्ली के सीआर पार्क में सजेगी 2026 की भव्य दुर्गा पूजा, वंदे मातरम से लेकर सहज पाठ तक दिखेंगी अनूठी थीमहंसल मेहता की नई सीरीज से छह साल बाद एक्टिंग में लौटेंगी बिपाशा बसु, सनी कौशल के साथ शुरू हुई शूटिंगपाकिस्तान में सुलग उठा खैबर पख्तूनख्वा, इमरान खान की रिहाई और राज्यपाल शासन को लेकर सड़कों पर संग्रामई-कॉमर्स कंपनियों की भारी छूट से संकट में पारंपरिक खुदरा विक्रेता, CWBTA और CAIT ने जताई गहरी चिंता
मॉस्को क्यों साध रहा है डोनाल्ड ट्रंप के एनर्जी सीजफायर पर चुप्पी?यूरोप
13 अक्तू॰ 2026, 3:43 am (1 घंटे पहले)· 0

मॉस्को क्यों साध रहा है डोनाल्ड ट्रंप के एनर्जी सीजफायर पर चुप्पी?

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीजफायर के ऐलान के बाद मॉस्को की चुप्पी और रूसी मीडिया के बयानों ने नई चर्चा छेड़ दी है।

यूक्रेन में रूसी हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर तत्काल प्रभाव से संघर्ष विराम की घोषणा के बाद से मॉस्को ने आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है। इस अप्रत्याशित ऐलान पर क्रेमलिन के रुख को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कयास लगाए जा रहे हैं, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे अपने लिए पूरी तरह से नई और हैरान करने वाली खबर करार दिया है।

क्रेमलिन की प्रतिक्रिया और रूसी मीडिया का नजरिया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पत्रकारों के साथ अपनी दैनिक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान इस कथित संघर्ष विराम समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। दिमित्री पेसकोव ने केवल इतना कहा कि दोनों पक्षों के बीच संपर्क लगातार बने हुए हैं और जैसे ही इस संबंध में साझा करने योग्य कोई ठोस जानकारी होगी, मीडिया को अवगत करा दिया जाएगा। हालांकि क्रेमलिन भले ही आधिकारिक तौर पर बचते नजर आ रहा हो, लेकिन रूसी सरकारी और समर्थक मीडिया ने डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान को मॉस्को के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखना शुरू कर दिया है।

ये भी पढ़ें

रूस के पक्ष में एकतरफा फायदा

प्रमुख रूसी समाचार आउटलेट मोस्कोव्स्की कोम्सोमोलेट्स ने अपने विश्लेषण में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि इस समझौते से रूस को स्पष्ट लाभ मिल रहा है। इस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस व्यवस्था का मतलब यह है कि रूस को केवल यूक्रेन की बची हुई आखिरी तेल रिफाइनरी को नष्ट करने से बचना होगा, हालांकि उस पर पहले ही कई बार हमले हो चुके हैं और वह बमुश्किल ही काम कर रही है। इसके विपरीत कीव को उन तमाम रूसी रिफाइनारियों को निशाना बनाने की अनुमति नहीं होगी जो देश भर में फैली हुई हैं, जिससे यह व्यवस्था एकतरफा रूप से मॉस्को के पक्ष में चली जाती है।

ड्रोन हमलों का बढ़ता दायरा और अमेरिकी राजनीति

हाल के महीनों में लंबी दूरी के यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने रूसी तेल प्रतिष्ठानों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है, जिसकी वजह से देश के भीतर ईंधन की भारी किल्लत जैसी समस्याएं पैदा हुई हैं। यदि इस प्रकार के हमले आगे भी जारी रहते हैं, तो रूस की ओर से यह दावा किया जाने की पूरी संभावना है कि कीव सीधे तौर पर अमेरिकी आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही यह भी तर्क दिया जा सकता है कि इससे नवंबर महीने में होने वाले मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की संभावनाओं को भी झटका लग सकता है।

व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया और राजनीतिक समीकरण

डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि इस समझौते से अमेरिकी उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचेगा, हालांकि इस बात को लेकर व्यापक संशय बना हुआ है कि इससे ईंधन की कीमतों में कोई खास कमी आ पाएगी या नहीं। इसके बावजूद क्रेमलिन इस बात से बेहद खुश नजर आ रहा है कि यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण वाइट हाउस में संभावित नाराजगी से कीव के लिए अमेरिकी समर्थन में कटौती हो सकती है। मॉस्को इस बात का भी स्वागत करेगा यदि वाशिंगटन की ओर से यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करना बंद कर दिया जाए और यूरोप के रास्ते कीव पहुंचने वाले हथियारों की बिक्री पर रोक लगा दी जाए।

राष्ट्रपति चुनाव और संघर्ष विराम की शर्तें

रूसी नेतृत्व इस बात से भी बेहद प्रसन्न है कि डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की है कि अब समय आ गया है कि यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति मिलना चाहिए। इसके जवाब में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए रूस से साठ दिन के संघर्ष विराम की मांग की है। हालांकि दिमित्री पेसकोव ने साफ कर दिया है कि क्रेमलिन और राष्ट्रपति का रुख पहले भी कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि वे किसी भी तरह के संघर्ष विराम के पक्ष में नहीं हैं बल्कि स्थायी शांति चाहते हैं।

रूस का सैन्य दबाव और कड़ा रुख

सोमवार को क्रेमलिन की तरफ से चुनाव कराने के लिए यूक्रेन को केवल एक दिन के संघर्ष विराम का प्रस्ताव दिया गया, जिसे कीव या पश्चिमी देशों द्वारा कभी भी एक गंभीर प्रस्ताव के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध को रोकने की इच्छा कभी नहीं दिखाई है और रूस के शीर्ष नेतृत्व के बयानों से यह साफ झलकता है कि सर्दियों के करीब आते ही मॉस्को लगातार हमलों के जरिए यूक्रेन पर दबाव बढ़ाना चाहता है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी सोमवार को यह बयान दिया कि यूक्रेन उस राहत का जरा भी हकदार नहीं है जो किसी संघर्ष विराम के बाद मिल सकती है।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने किस समझौते की घोषणा की है?
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर तत्काल प्रभाव से संघर्ष विराम की घोषणा की है।
वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की इस पर क्या प्रतिक्रिया थी?
यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यह उनके लिए पूरी तरह से एक नई और अप्रत्याशित खबर है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने क्या कहा?
दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संपर्क जारी हैं और ठोस जानकारी मिलने पर अवगत कराया जाएगा।
रूसी मीडिया इस समझौते को कैसे देख रहा है?
रूसी मीडिया इसे मॉस्को के लिए एकतरफा फायदे का सौदा और एक बड़ा तोहफा मान रहा है।
यूक्रेन ने संघर्ष विराम के बदले क्या मांग रखी है?
यूक्रेन ने देश में राष्ट्रपति चुनाव कराने के लिए रूस से 60 दिन के संघर्ष विराम की मांग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp