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यूरोपीय संघ में 15 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती की तैयारी, नए कानून का खाका पेशयूरोप
19 सित॰ 2026, 4:07 pm (40 दिन पहले)· 3

यूरोपीय संघ में 15 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती की तैयारी, नए कानून का खाका पेश

यूरोपीय संघ ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए 15 वर्ष से कम आयु के किशोरों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध और समय सीमा लागू करने की योजना तैयार की है।

बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और मानसिक सेहत को ध्यान में रखते हुए यूरोपीय संघ ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एक कड़े कानून का प्रस्ताव रखा है। इस नए विधायी ढांचे के लागू होने के बाद सदस्य देशों में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग बेहद सीमित हो जाएगा। यूरोपीय आयोग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य कम उम्र में बच्चों को इंटरनेट के संभावित खतरों और स्क्रीन की लत से बचाना है।

उम्र के आधार पर तय किए जाएंगे सोशल मीडिया के नियम

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को चरणबद्ध तरीके से नियंत्रित करने की रूपरेखा बनाई गई है। इस योजना के अनुसार 13 साल से कम उम्र के बच्चों के किसी भी सोशल मीडिया मंच पर खाता खोलने या उपयोग करने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। 13 वर्ष से कम आयु वर्ग के लिए यह पूर्ण प्रतिबंध सभी सदस्य देशों पर समान रूप से प्रभावी करने की बात कही गई है।

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वहीं 13 से 15 साल के किशोरों के लिए नियमों में थोड़ी ढील दी जाएगी, लेकिन उनकी गतिविधियों पर कड़ा पहरा रहेगा। इस आयु वर्ग के बच्चे स्वतंत्र रूप से व्यक्तिगत खाता नहीं चला सकेंगे। उन्हें केवल अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक के मुख्य खाते से जुड़े मिनी अकाउंट के जरिए ही मंच पर आने की अनुमति मिलेगी। इसके साथ ही उनके दैनिक उपयोग का समय भी प्रतिदिन अधिकतम एक घंटा निर्धारित किया जाएगा। जब कोई किशोर 15 वर्ष की आयु पूरी कर लेगा, तभी उसे अपना स्वतंत्र सोशल मीडिया खाता बनाने का अधिकार मिलेगा।

यूरोपीय आयोग का रुख और कंपनियों की जवाबदेही

यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय संसद को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उम्र की सीमा तय करने से तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। इस प्रस्तावित कानून को ईयू किड्स एक्ट का नाम दिया गया है, जिसका मकसद अभिभावकों को अपने बच्चों की सुरक्षा का वास्तविक नियंत्रण सौंपना है।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन के अनुसार बहुत से बच्चे बेहद कम उम्र में ऐसी ऑनलाइन दुनिया का सामना कर रहे हैं जिसके लिए वे मानसिक रूप से तैयार नहीं होते। इंटरनेट पर बुलिंग का दायरा घर तक पहुंच जाता है और वहां की गई गलतियां हमेशा के लिए डिजिटल रिकॉर्ड बन जाती हैं। उन्होंने कहा कि कानून पारित होने के बाद सभी सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विस्तृत योजनाएं अनिवार्य रूप से सौंपनी होंगी। 18 वर्ष से कम उम्र के प्रत्येक यूजर के लिए प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षा के आधार पर तैयार करने का सिद्धांत लागू करना होगा, जिसमें उपयोगकर्ताओं को फंसाने वाले भ्रामक फीचर या लत लगाने वाली व्यवस्थाओं पर रोक रहेगी।

पहचान का सत्यापन और अंतरराष्ट्रीय कदम

इस पूरी योजना को जमीन पर उतारने के लिए उम्र के पुख्ता सत्यापन की जरूरत होगी। प्रस्ताव के मुताबिक उम्र की पुष्टि के लिए यूरोपीय संघ के पहले से मौजूद एज वेरिफिकेशन ऐप की मदद ली जाएगी। हालांकि अभी यह पूरी तरह तय नहीं किया गया है कि नए नियम किन-किन विशेष प्लेटफॉर्म्स पर लागू होंगे, लेकिन नीति तैयार करते समय ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा नियमों का भी अध्ययन किया गया है।

यूरोपीय संघ के कई देशों ने पहले ही अपने स्तर पर बच्चों की सोशल मीडिया पहुंच को सीमित करने के कदम उठाए हैं, जिनमें फ्रांस और स्पेन शामिल हैं। अगर यह नया कानून यूरोपीय संघ के स्तर पर पारित हो जाता है, तो यह सदस्य देशों के व्यक्तिगत नियमों से ऊपर प्रभावी होगा। इसके बावजूद यदि कोई सदस्य देश इससे भी कड़े कदम उठाना चाहे, तो उसे ऐसा करने की पूरी छूट रहेगी। वैश्विक स्तर पर देखें तो ऑस्ट्रेलिया में पिछले साल दिसंबर में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और टिकटॉक जैसे मंचों पर पाबंदी लगाई जा चुकी है, जबकि ब्रिटेन में भी अगले साल वसंत तक 16 साल से कम आयु वालों के लिए इसी तरह का प्रतिबंध लागू होना तय है।

सवाल-जवाब

प्रस्तावित ईयू किड्स एक्ट के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या नियम है?
इस प्रस्ताव के अनुसार 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
13 से 15 साल के किशोर सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे कर सकेंगे?
वे केवल अपने अभिभावक के खाते से जुड़े मिनी अकाउंट के जरिए दिन में अधिकतम एक घंटे तक ही सोशल मीडिया इस्तेमाल कर पाएंगे।
बच्चे स्वतंत्र सोशल मीडिया अकाउंट किस उम्र में बना सकेंगे?
इस कानून के तहत 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र होने पर ही स्वतंत्र खाता बनाने की अनुमति मिलेगी।
उपयोगकर्ताओं की उम्र का सत्यापन किस तरह किया जाएगा?
उम्र की पुष्टि यूरोपीय संघ के पहले से मौजूद आधिकारिक एज वेरिफिकेशन ऐप के माध्यम से की जाएगी।
क्या सोशल मीडिया कंपनियों पर भी कोई शर्तें लागू होंगी?
कंपनियों को बाल सुरक्षा योजनाएं सौंपनी होंगी और 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए लत लगाने वाले फीचर्स हटाने होंगे।
किन अन्य देशों ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पहले से पाबंदी लगाई है?
ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल दिसंबर में 16 साल से कम उम्र वालों पर पाबंदी लगाई थी, जबकि ब्रिटेन में अगले साल वसंत से ऐसा नियम लागू होगा।
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