नागौर के ब्रह्मपुरी में 400 साल पुराना श्री महालक्ष्मी मंदिर, कमल पुष्प पर विराजी चार भुजाओं वाली माता देती हैं समृद्धि का आशीषकमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और पश्चिम एशिया संकट के बीच चांदी में उछाल, भाव 61 डॉलर के करीबआईआईटी रुड़की की रिपोर्ट में खुलासा, जेईई एडवांस्ड में फिजिक्स के एक सवाल ने छुड़ाए 71 फीसदी छात्रों के पसीनेअमेरिकी चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील के चुनावों में किया बड़ा भ्रमशांति नगर में मठ की भूमि पर निर्माण को लेकर भड़का आक्रोश, गांधी चौक पर संत और ग्रामीण धरने पर डटेसुल्तानपुर के ऐतिहासिक राहुल टॉकीज को दोबारा जिंदा करने की तैयारी, 2016 से बंद पड़े सिनेमा हॉल की बदलेगी सूरतबरमूडा से बोस्टन जा रहा एयर एम्बुलेंस जेट लापता, पायलट ने कहा 'कुछ दिखाई नहीं दे रहा'बचत और निवेश में तालमेल बनाकर सुरक्षित करें भविष्य, समझें अपनी पूंजी बढ़ाने के ठोस नियमहाथ ही नहीं टखने के ब्लड प्रेशर से भी हो सकती है ब्लॉकेज की पहचान, जानें घर पर जांच का पूरा गणितअमृत भारत योजना: राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन का 207 करोड़ रुपये से बदलेगा स्वरूप, मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
गाजीपुर में री-नीट परीक्षा सख्त पहरे में हुई पूरी, फिजिक्स ने सबको चौंकाया, कट-ऑफ 620 तक संभवपरीक्षा
21 जून 2026, 9:26 pm (106 दिन पहले)· 6

गाजीपुर में री-नीट परीक्षा सख्त पहरे में हुई पूरी, फिजिक्स ने सबको चौंकाया, कट-ऑफ 620 तक संभव

गाजीपुर के तीन परीक्षा केंद्रों पर री-नीट परीक्षा बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुई। छात्रों ने फिजिक्स को सबसे कठिन बताया, बायोलॉजी ने राहत दी और कट-ऑफ 600 से 620 के बीच रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

नीट पेपर लीक विवाद की छाया में देश भर में आयोजित री-नीट परीक्षा गाजीपुर जिले के आदर्श स्कूल, महिला डिग्री कॉलेज और लूर्डेस कॉन्वेंट स्कूल में सफलतापूर्वक पूरी हुई। प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के मामले में कोई कोताही नहीं बरती। जो अभ्यर्थी पिछले विवादों की वजह से मानसिक दबाव झेल रहे थे, उनके लिए यह परीक्षा सिर्फ एक अकादमिक चुनौती नहीं थी, बल्कि यह अपनी लगन और परिश्रम की सच्चाई साबित करने का अवसर भी था।

सोशल मीडिया की अफवाहों ने डराया, केंद्रों पर मिली राहत

परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर तेजी से यह अफवाह फैली कि पेपर मात्र 1000 रुपये में मिल रहा है। पुराने पेपर लीक की यादों के साथ इन अफवाहों ने अभ्यर्थियों के मन में गहरी बेचैनी भर दी। लेकिन जब वे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो माहौल बिल्कुल अलग था। छात्रा सिमरन ने बताया कि इस बार सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि पेपर लीक की कोई भी संभावना पूरी तरह खत्म हो गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि सिलेबस से बाहर का एक भी सवाल नहीं था, जिससे बड़ी राहत मिली।

ये भी पढ़ें

बायोलॉजी ने दिया आत्मविश्वास, फिजिक्स ने किया परेशान

परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों ने तीनों विषयों के बारे में खुलकर अपने अनुभव साझा किए। बायोलॉजी के बारे में सभी की राय एक जैसी रही कि यह खंड सरल और सीधा था। केमिस्ट्री का स्तर औसत दर्जे का रहा, यानी न बहुत आसान और न बहुत कठिन। लेकिन फिजिक्स ने सबसे ज्यादा उलझाया। छात्रों का कहना है कि इस बार फिजिक्स का पेपर पिछली बार की तुलना में भी ज्यादा कठिन था।

कोटा में तीन साल की साधना, अब इंतजार है नतीजे का

कोटा में पिछले तीन साल से पढ़ाई कर रहे नीतीश कुशवाहा ने बताया कि बार-बार के विवादों और अनिश्चितता की वजह से उनका मानसिक तनाव बेहद बढ़ गया था। उनके जैसे युवाओं के लिए यह परीक्षा केवल मेडिकल कॉलेज में दाखिले की राह नहीं थी, बल्कि इस पूरे विवाद के बीच अपनी प्रतिभा और मेहनत को सही साबित करने का कठिन मौका भी था।

600 से 620 के बीच रह सकता है कट-ऑफ

पेपर के स्तर के आधार पर रजा हुसैन समेत कई छात्रों का अनुमान है कि इस बार का कट-ऑफ 600 से 620 अंकों के बीच रह सकता है। गाजीपुर में री-नीट परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब तमाम अभ्यर्थियों की नजरें परिणाम पर टिकी हैं।

सवाल-जवाब

गाजीपुर में री-नीट परीक्षा किन केंद्रों पर आयोजित हुई?
परीक्षा आदर्श स्कूल, महिला डिग्री कॉलेज और लूर्डेस कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित की गई।
इस बार सुरक्षा व्यवस्था पिछली बार से कितनी अलग थी?
छात्रा सिमरन के अनुसार सुरक्षा बेहद कड़ी थी और पेपर लीक की कोई भी संभावना पूरी तरह खत्म हो गई थी, जो पिछली बार के मुकाबले काफी बेहतर था।
किस विषय का पेपर सबसे कठिन रहा?
फिजिक्स सबसे कठिन रहा और छात्रों ने बताया कि यह पिछली बार से भी ज्यादा मुश्किल था।
बायोलॉजी और केमिस्ट्री का स्तर कैसा रहा?
बायोलॉजी का खंड सरल और सीधा था जबकि केमिस्ट्री का स्तर औसत रहा।
कट-ऑफ कितनी रह सकती है?
छात्र रजा हुसैन सहित कई अभ्यर्थियों के अनुसार कट-ऑफ 600 से 620 अंकों के बीच रह सकती है।
नीतीश कुशवाहा कहां और कितने समय से तैयारी कर रहे थे?
नीतीश कुशवाहा पिछले तीन साल से कोटा में तैयारी कर रहे थे।
पेपर लीक की अफवाहें किस बारे में थीं?
सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली थी कि पेपर मात्र 1000 रुपये में उपलब्ध है।
क्या पेपर में सिलेबस से बाहर के सवाल थे?
नहीं, सिमरन ने बताया कि सभी सवाल निर्धारित सिलेबस के भीतर ही थे, जिससे छात्रों को राहत मिली।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp