तीन केंद्रों पर लोहे जैसी सुरक्षा व्यवस्था
नीट पेपर लीक विवाद की छाया में देश भर में आयोजित री-नीट परीक्षा गाजीपुर जिले के आदर्श स्कूल, महिला डिग्री कॉलेज और लूर्डेस कॉन्वेंट स्कूल में सफलतापूर्वक पूरी हुई। प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के मामले में कोई कोताही नहीं बरती। जो अभ्यर्थी पिछले विवादों की वजह से मानसिक दबाव झेल रहे थे, उनके लिए यह परीक्षा सिर्फ एक अकादमिक चुनौती नहीं थी, बल्कि यह अपनी लगन और परिश्रम की सच्चाई साबित करने का अवसर भी था।
सोशल मीडिया की अफवाहों ने डराया, केंद्रों पर मिली राहत
परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर तेजी से यह अफवाह फैली कि पेपर मात्र 1000 रुपये में मिल रहा है। पुराने पेपर लीक की यादों के साथ इन अफवाहों ने अभ्यर्थियों के मन में गहरी बेचैनी भर दी। लेकिन जब वे परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तो माहौल बिल्कुल अलग था। छात्रा सिमरन ने बताया कि इस बार सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि पेपर लीक की कोई भी संभावना पूरी तरह खत्म हो गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि सिलेबस से बाहर का एक भी सवाल नहीं था, जिससे बड़ी राहत मिली।
बायोलॉजी ने दिया आत्मविश्वास, फिजिक्स ने किया परेशान
परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों ने तीनों विषयों के बारे में खुलकर अपने अनुभव साझा किए। बायोलॉजी के बारे में सभी की राय एक जैसी रही कि यह खंड सरल और सीधा था। केमिस्ट्री का स्तर औसत दर्जे का रहा, यानी न बहुत आसान और न बहुत कठिन। लेकिन फिजिक्स ने सबसे ज्यादा उलझाया। छात्रों का कहना है कि इस बार फिजिक्स का पेपर पिछली बार की तुलना में भी ज्यादा कठिन था।
कोटा में तीन साल की साधना, अब इंतजार है नतीजे का
कोटा में पिछले तीन साल से पढ़ाई कर रहे नीतीश कुशवाहा ने बताया कि बार-बार के विवादों और अनिश्चितता की वजह से उनका मानसिक तनाव बेहद बढ़ गया था। उनके जैसे युवाओं के लिए यह परीक्षा केवल मेडिकल कॉलेज में दाखिले की राह नहीं थी, बल्कि इस पूरे विवाद के बीच अपनी प्रतिभा और मेहनत को सही साबित करने का कठिन मौका भी था।
600 से 620 के बीच रह सकता है कट-ऑफ
पेपर के स्तर के आधार पर रजा हुसैन समेत कई छात्रों का अनुमान है कि इस बार का कट-ऑफ 600 से 620 अंकों के बीच रह सकता है। गाजीपुर में री-नीट परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने के बाद अब तमाम अभ्यर्थियों की नजरें परिणाम पर टिकी हैं।













