सनातन परंपरा में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी के नाम से जाना जाता है, जिसका व्रत मंगलवार को रखा जाएगा। इस एकादशी का आध्यात्मिक महत्व इसलिए बहुत गहरा माना जाता है क्योंकि इसका संयोग पितृपक्ष यानी श्राद्ध पक्ष के दौरान बनता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि किसी जातक के पूर्वज अपने ज्ञात अथवा अज्ञात कर्मों के फलस्वरूप यमराज के लोक में दंड भुगत रहे हों, तो इस पावन तिथि पर पूर्ण विधि-विधान से व्रत रखकर उस पुण्यफल को उनके निमित्त समर्पित करने से उन्हें कष्टों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, इस शुभ दिन पर भगवान श्री हरि विष्णु की श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना और विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाने से व्यक्ति के जीवन में आ रहे तमाम संकट, आर्थिक तंगी, करियर की अड़चनें और पारिवारिक तनाव समाप्त हो जाते हैं।
दांपत्य सुख और वैवाहिक बाधाएं दूर करने की सरल विधियां
यदि वैवाहिक जीवन में बार-बार तनाव पैदा हो रहा हो या पति-पत्नी के आपसी संबंध सामान्य न रह पा रहे हों, तो इंदिरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त होना चाहिए। इसके उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर पवित्र तुलसी के पौधे के समक्ष नतमस्तक होकर प्रणाम करें और अपने दांपत्य जीवन में सुख, शांति तथा मधुरता बनाए रखने के लिए सच्चे मन से प्रार्थना करें। तुलसी जी में सकारात्मक ऊर्जा का वास माना जाता है, जिससे गृहस्थ जीवन के क्लेश दूर होते हैं।
यदि जीवनसाथी का व्यवहार आपके प्रति लगातार रुखा रहता हो और आपसी तालमेल बिठाने में दिक्कतें आ रही हों, तो एकादशी तिथि पर किसी भी विष्णु मंदिर में जाएं। वहां भगवान के श्रीचरणों में शहद की एक पूरी शीशी दान स्वरूप अर्पित करें। इसके बाद श्री हरि के समक्ष शुद्ध गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करें और वहीं बैठकर 'ऊँ नमो भगवते नारायणाय' मंत्र का 11 बार स्पष्ट उच्चारण के साथ जप करें। यह उपाय वैवाहिक जीवन की खटास को मिठास में बदलने में सहायक माना जाता है।
इसके अलावा, यदि युवक या युवती को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त करने में लंबे समय से तरह-तरह की रुकावटों का सामना करना पड़ रहा हो, तो इंदिरा एकादशी के दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु को श्रद्धापूर्वक नमन करें। एक स्वच्छ आसन बिछाकर बैठें और 'ऊँ नमो भगवते नारायणाय' मंत्र का पूरे एकाग्र मन से 11 बार जप करें। मंत्र जप संपन्न होने के तुरंत बाद भगवान विष्णु को ताजे सफेद पुष्प अर्पित करें। इससे विवाह मार्ग में आ रही बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
व्यापार में मुनाफा और आर्थिक समृद्धि बढ़ाने के नियम
अथक परिश्रम और तमाम रणनीतियों के बावजूद यदि आपका व्यापार अथवा कंपनी अपेक्षित लाभ अर्जित नहीं कर पा रही है, तो इंदिरा एकादशी का दिन इसके लिए अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाएं और उन्हें शुद्ध बेसन के लड्डुओं का नैवेद्य अर्पित करें। भोग लगाने के उपरांत थोड़ी देर बाद उन लड्डुओं को प्रसाद के तौर पर परिवार के सभी सदस्यों व अन्य लोगों में बांट दें, तथा स्वयं भी प्रसाद का एक अंश श्रद्धापूर्वक ग्रहण करें।
अपनी आर्थिक स्थिति को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए इस दिन विशेष रूप से पीले रंग के वस्त्र पहनने का विधान है। यदि किसी कारणवश आपके पास नए या स्वच्छ पीले वस्त्र उपलब्ध न हों, तो आप किसी भी अन्य रंग के साफ वस्त्र पहन सकते हैं, परंतु अपनी जेब में अथवा अपने पास एक पीले रंग का रुमाल या छोटा सा पीले रंग का सूती कपड़ा अवश्य रखें। पीला रंग भगवान नारायण को अत्यंत प्रिय है, जो समृद्धि और सकारात्मक वित्तीय बदलाव का प्रतीक है।
मनोकामना पूर्ति और सरकारी नौकरी के अवसर
यदि आपकी कोई विशेष मनोकामना लंबे समय से अधूरी पड़ी है और उसके पूरा न होने से आपके महत्वपूर्ण कार्यों में लगातार व्यवधान आ रहा है, तो इंदिरा एकादशी की पूजा के समय एक दक्षिणावर्ती शंख में पवित्र गंगाजल भरकर भगवान विष्णु के समीप रख दें। संपूर्ण पूजा विधि समाप्त हो जाने के बाद भगवान के चरणों का आशीर्वाद लें और फिर शंख में रखे उस अभिमंत्रित गंगाजल को प्रसाद के रूप में स्वयं आचमन कर लें। यह उपाय लंबित कार्यों को गति प्रदान करने वाला माना जाता है।
यदि आप प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं और लगातार असफलता हाथ लग रही है, तो एकादशी के दिन भगवान श्री विष्णु को एक जटा वाला पानी से भरा साबुत नारियल अर्पित करें। पूजा स्थल पर उस नारियल को लगभग 20 मिनट तक रखा रहने दें। 20 मिनट की अवधि पूरी होने पर नारियल को वहां से उठाएं, उसे फोड़ें और उसकी गिरी निकालकर परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद के रूप में बांट दें तथा स्वयं भी उसका सेवन करें। साथ ही नारियल के भीतर से निकले हुए जल को भी अमृत समान समझकर प्रसाद रूप में ग्रहण कर लें।
कार्यस्थल पर तरक्की और करियर में सफलता
जो जातक पहले से किसी सरकारी सेवा में कार्यरत हैं और लंबे समय से उनकी पदोन्नति या वेतन वृद्धि अटकी हुई है, उन्हें इंदिरा एकादशी पर अपने पूजा घर में पीले रंग का एक साफ कपड़ा बिछाना चाहिए। उस कपड़े पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें। इसके पश्चात भगवान के सामने एक दुर्लभ एकाक्षी नारियल रखें और पूरी श्रद्धा से नियमित आराधना करते हुए अपनी पदोन्नति के लिए प्रार्थना करें। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद लक्ष्मी-नारायण की तस्वीर को मंदिर में ही स्थापित रहने दें, जबकि उस एकाक्षी नारियल को उठाकर अपनी धन की तिजोरी अथवा हमेशा अपने पास सुरक्षित रख लें।
करियर को एक नई दिशा देने और अपने कार्यक्षेत्र में शीर्ष मुकाम हासिल करने के लिए इंदिरा एकादशी के दिन श्री हरि को माखन और मिश्री का प्रिय भोग लगाना चाहिए। भोग अर्पण के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा के सम्मुख शांत चित्त से बैठकर तुलसी या चंदन की माला से 'ऊँ नमो भगवते नारायणाय' महामंत्र का 108 बार यानी पूरी एक माला जप करें।
संतान की शिक्षा, स्वास्थ्य और घर की सुख-शांति
यदि आपके बच्चे का मन पढ़ाई-लिखाई में पूरी तरह केंद्रित नहीं हो पा रहा है और इस वजह से वह परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने में असमर्थ रह रहा है, तो इस पावन दिन पर सुबह स्नानोपरांत भगवान विष्णु की धूप, दीप और गंध आदि से विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा के दौरान बच्चे की बौद्धिक उन्नति और एकाग्रता के लिए नारायण से हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और उनका पावन आशीष प्राप्त करें।
यदि आपका बच्चा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहा है और मौसमी या शारीरिक परेशानियों से जूझ रहा है, तो इंदिरा एकादशी पर श्री हरि का स्मरण करते हुए एक साबुत हल्दी की गांठ लें। थोड़े से शुद्ध जल की सहायता से उस हल्दी की गांठ को पत्थर पर घिसकर पेस्ट बना लें। तत्पश्चात तैयार पिसी हुई हल्दी का एक पवित्र टीका बच्चे के माथे और गर्दन के ठीक बीच वाले हिस्से पर श्रद्धापूर्वक लगा दें।
समग्र परिवार में आपसी प्रेम, तालमेल और शांति का वातावरण बनाए रखने के लिए इस दिन पीले ताजे फूलों की सुंदर माला गूंथकर भगवान विष्णु के किसी पावन मंदिर में जाकर उन्हें समर्पित करें। इसके साथ ही भगवान के मस्तक पर सुगंधित चंदन का तिलक लगाएं और परिवार के सभी सदस्यों के सुखी जीवन की कामना करें।



















