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बहराइच में तमिलनाडु के मसालों से महक रहा राजा अन्ना का डोसा, 32 किस्मों के स्वाद का ऐसा क्रेजखानपान
12 अक्तू॰ 2026, 2:39 pm (17 दिन पहले)· 1

बहराइच में तमिलनाडु के मसालों से महक रहा राजा अन्ना का डोसा, 32 किस्मों के स्वाद का ऐसा क्रेज

बहराइच में मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित राजा अन्ना मद्रास डोसा पर पिछले 15 सालों से लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहाँ तमिलनाडु से मंगाए गए प्रामाणिक मसालों से 32 से अधिक तरह के डोसे परोसे जाते हैं।

उत्तर प्रदेश के बहराइच शहर में दक्षिण भारतीय खानपान के शौकीनों के लिए एक खास ठिकाना पिछले डेढ़ दशक से पहली पसंद बना हुआ है। मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के ठीक सामने संचालित होने वाली राजा अन्ना मद्रास डोसा की दुकान पर हर रोज प्रामाणिक डोसे और सांभर का स्वाद लेने वालों का जमावड़ा लगता है। पिछले 15 वर्षों से लगातार स्थानीय निवासियों को पारंपरिक स्वाद परोस रहे इस प्रतिष्ठान की लोकप्रियता समय के साथ और भी मजबूत होती गई है।

मेनू में 32 से अधिक किस्में और वाजिब दाम

इस लोकप्रिय प्रतिष्ठान का संचालन दुर्गा देवी संभालती हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की अलग-अलग पसंद को ध्यान में रखते हुए यहां 32 से भी अधिक प्रकार के डोसे बनाए जाते हैं। मेनू में पारंपरिक मसाला डोसा 80 रुपये में उपलब्ध है, जबकि पनीर डोसा 120 रुपये, चीज डोसा 140 रुपये और चीज पनीर डोसा 150 रुपये में परोसा जाता है। इसके साथ ही मैसूर डोसा और बटर पनीर डोसा की भी भारी मांग रहती है। दक्षिण भारतीय डोसे के अलावा यहां आने वाले लोग इडली, सांभर वड़ा, पावभाजी और वड़ा पाव जैसे अन्य लोकप्रिय व्यंजनों का भी लुत्फ उठाते हैं।

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मद्रास और तमिलनाडु से मंगाई जाती है सामग्री

व्यंजनों के प्रामाणिक और पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। संचालक दुर्गा देवी के मुताबिक, डोसा और सांभर तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले सभी प्रमुख मसाले, खास चावल, खाद्य तेल और अन्य जरूरी सामग्री सीधे मद्रास और तमिलनाडु से मंगाई जाती है। बहराइच के स्थानीय बाजार से केवल ताजी सब्जियां और पानी ही लिया जाता है। इसके अलावा, रसोई की कमान संभालने वाले मुख्य रसोइये और कारीगर भी मद्रास से ही ताल्लुक रखते हैं, जिससे हर व्यंजन में दक्षिण भारत का असली जायका बना रहता है।

15 वर्षों का भरोसा और अन्य शहरों तक विस्तार

दुर्गा देवी और उनके पति अय्यर अन्ना मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै जिले के रहने वाले हैं। वर्षों पहले बहराइच आने के बाद उन्हें स्थानीय लोगों से भरपूर स्नेह और समर्थन मिला। अय्यर अन्ना बताते हैं कि 15 साल पहले जो शुरुआती ग्राहक उनके पास आए थे, वे आज भी नियमित रूप से परिवार सहित यहां स्वाद चखने पहुंचते हैं। इस जुड़ाव के चलते बहराइच अब उनके लिए एक बड़े परिवार जैसा बन चुका है। स्वाद की यह परंपरा केवल बहराइच तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्य गोंडा, कानपुर और दिल्ली जैसे शहरों में भी इसी प्रामाणिक स्वाद को लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

सवाल-जवाब

बहराइच में राजा अन्ना मद्रास डोसा की दुकान कहां स्थित है?
यह दुकान बहराइच शहर में मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के ठीक सामने स्थित है।
दुकान पर डोसे की कितनी किस्में मिलती हैं?
दुकान संचालक दुर्गा देवी के अनुसार, यहां ग्राहकों के लिए 32 से अधिक किस्मों के डोसे तैयार किए जाते हैं।
यहां डोसे की कीमतें क्या हैं?
मसाला डोसा 80 रुपये, पनीर डोसा 120 रुपये, चीज डोसा 140 रुपये और चीज पनीर डोसा 150 रुपये में मिलता है।
डोसे के अलावा यहां कौन से अन्य व्यंजन परोसे जाते हैं?
यहां इडली, सांभर वड़ा, पावभाजी और वड़ा पाव जैसे व्यंजन भी परोसे जाते हैं।
स्वाद को प्रामाणिक बनाए रखने के लिए सामग्री कहां से आती है?
डोसे और सांभर के मुख्य मसाले, चावल और तेल सीधे मद्रास और तमिलनाडु से मंगाए जाते हैं, जबकि केवल सब्जियां और पानी स्थानीय बाजार से लिए जाते हैं।
दुकान के संचालक मूल रूप से कहां के रहने वाले हैं?
दुकान की संचालक दुर्गा देवी और उनके पति अय्यर अन्ना मूल रूप से तमिलनाडु के मदुरै जिले के रहने वाले हैं।
यह दुकान बहराइच में कितने समय से चल रही है?
यह दुकान पिछले 15 सालों से बहराइच के लोगों को दक्षिण भारतीय व्यंजन परोस रही है।
क्या इस परिवार की दुकानें अन्य शहरों में भी हैं?
हां, उनके परिवार के सदस्य गोंडा, कानपुर और दिल्ली में भी इसी स्वाद के प्रतिष्ठान चला रहे हैं।
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