साउथ इंडियन पकवानों में इडली और डोसा सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं। इनका हल्का स्वाद, नरम बनावट और आसानी से पचने वाला गुण हर उम्र के लोगों को बेहद पसंद आता है। इन दोनों ही पकवानों का असली स्वाद और सही टेक्सचर उनके खमीर उठे यानी फर्मेंटेड बैटर पर निर्भर करता है। जब बैटर सही तरीके से खमीर उठता है, तो इडली बेहद स्पंजी बनती है और डोसा एकदम कुरकुरा तैयार होता है। सामान्य तौर पर दाल और चावल के इस घोल को प्राकृतिक रूप से फर्मेंट होने में 6 से 7 घंटे का लंबा समय लगता है। हालांकि, कई बार अचानक नाश्ते या भोजन में डोसा-इडली बनाने की योजना बन जाती है, लेकिन लंबे इंतजार के कारण परेशानी होने लगती है। ऐसी स्थिति में बिना किसी केमिकल, बेकिंग सोडा या ईनो का इस्तेमाल किए बिना भी बैटर को जल्दी फर्मेंट किया जा सकता है।
बैटर के लिए सही तापमान और गर्म स्थान का चयन
फर्मेंटेशन की जैविक प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए हल्के गर्म तापमान की आवश्यकता होती है। जब मौसम ठंडा होता है या आसपास का तापमान गिर जाता है, तो बैटर में खमीर उठने की गति काफी धीमी हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में बैटर से भरे बर्तन को रसोई के किसी ऐसे कोने में रखें जहां हल्की गर्माहट बनी रहती हो। आप इस बर्तन को चालू गैस स्टोव के पास रख सकते हैं या फिर एक बंद माइक्रोवेव के भीतर रख सकते हैं। माइक्रोवेव के बंद माहौल में बाहर की ठंडी हवा प्रवेश नहीं कर पाती, जिससे बैटर को फर्मेंट होने के लिए अनुकूल और स्थिर वातावरण मिल जाता है।
प्रेशर कुकर का कुदरती इनक्यूबेटर के रूप में प्रयोग
कम समय में बैटर को तैयार करने के लिए प्रेशर कुकर का तरीका बेहद कारगर साबित होता है। इसके लिए सबसे पहले बैटर को स्टेनलेस स्टील के किसी बर्तन में निकालें और उसमें थोड़ा सा नमक अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद एक प्रेशर कुकर को गैस पर रखकर हल्का गर्म कर लें। जब कुकर के अंदर हल्की गर्माहट पैदा हो जाए, तो गैस को तुरंत बंद कर दें। अब बैटर वाले स्टील के बर्तन को कुकर के अंदर संभालकर रख दें और कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद कर दें। कुकर के भीतर बंद पड़ी यह कुदरती गर्माहट बैटर में फर्मेंटेशन की गति को काफी तेज कर देती है।
सही बर्तन और घरेलू सामग्रियों का इस्तेमाल
बैटर को रखने के लिए सही बर्तन का चुनाव करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। स्टेनलेस स्टील या मिट्टी के बर्तन बैटर को फर्मेंट करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प होते हैं, क्योंकि ये बर्तन अंदर के तापमान को लंबे समय तक स्थिर बनाए रखते हैं। यदि आपको बैटर बहुत जल्दी तैयार करना है, तो इसमें थोड़ा सा दही और एक चुटकी चीनी मिला दें। दही में मौजूद लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया खमीर उठने की प्रक्रिया को बढ़ावा देते हैं। इसके अलावा कुछ लोग इसमें थोड़ा सा नींबू का रस और सेंधा नमक भी शामिल करते हैं। इन सामग्रियों को मिलाने के बाद बर्तन को ढककर किसी गर्म स्थान पर रखने से खमीर तेजी से उठता है।
प्राकृतिक फर्मेंटेशन का महत्व और सावधानियां
यद्यपि ये सभी तरीके समय की बचत करने में काफी उपयोगी साबित होते हैं, लेकिन स्वास्थ्य और स्वाद के लिहाज से प्राकृतिक प्रक्रिया ही सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। बैटर को प्राकृतिक रूप से 6 से 8 घंटे या आवश्यकतानुसार पर्याप्त समय देकर फर्मेंट होने देने से उसका स्वाद, बनावट और पाचक गुण सबसे बेहतर निकलकर आते हैं। इसलिए जब भी संभव हो, डोसा या इडली का घोल पहले से तैयार करके रखने की सलाह दी जाती है। इन आपातकालीन ट्रिक्स का उपयोग केवल तभी करना चाहिए जब आपके पास समय की अत्यंत कमी हो।



















