उपवास के दौरान अक्सर ऐसी रेसिपी की तलाश रहती है जो झटपट बन जाए और लंबे समय तक शरीर को ऊर्जावान बनाए रखे। व्रत के खानपान में साबूदाना खिचड़ी हमेशा से पहली पसंद रही है। लेकिन अगर आप वही पारंपरिक स्वाद खाकर ऊब चुके हैं, तो हरियाली साबूदाना खिचड़ी एक शानदार विकल्प है। ताजे हरे धनिये, पुदीने और भुनी मूंगफली के बेहतरीन तालमेल से तैयार यह खिचड़ी स्वाद में चटपटी होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर होती है। इसे बनाने की पूरी प्रक्रिया बेहद सरल है और कुछ ही मिनटों में एक बेहतरीन फलाहारी डिश तैयार हो जाती है।
सामग्री की तैयारी और साबूदाना भिगोने की सही विधि
हरियाली साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम साबूदाने को सही तरीके से तैयार करना है। साबूदाना को 2 से 3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उसे 4 से 5 घंटे या फिर रातभर के लिए पानी में भिगोकर छोड़ दें। भिगोते समय ध्यान रखें कि पानी का स्तर साबूदाने के ठीक बराबर होना चाहिए, ज्यादा पानी डालने से खिचड़ी चिपचिपी हो सकती है। जब साबूदाना अच्छी तरह फूल जाए, तो दाने को उंगलियों से दबाकर जांचें। यदि दाना आसानी से मैश हो रहा है, तो वह पकाने के लिए एकदम तैयार है।
इसके बाद खिचड़ी का मुख्य आधार यानी हरियाली पेस्ट तैयार करें। एक मिक्सर जार में ताजा हरा धनिया, पुदीना की पत्तियां और स्वादानुसार हरी मिर्च डालें। इसमें बहुत थोड़ा सा पानी मिलाकर एक गाढ़ा और चिकना पेस्ट पीस लें। यही पेस्ट खिचड़ी को मनभावन हरा रंग और पुदीने की ताजगी से भरा जायका प्रदान करता है।
तड़का लगाने और खिचड़ी पकाने की चरणबद्ध प्रक्रिया
खिचड़ी पकाने के लिए एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। घी गर्म होने पर उसमें जीरा डालें और उसे चटकने दें। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें ताजे करी पत्ते भी मिलाए जा सकते हैं। अब इसमें छोटे टुकड़ों में कटे हुए उबले आलू डालें और मध्यम आंच पर 2 से 3 मिनट तक तब तक भूनें जब तक कि आलू का रंग हल्का सुनहरा न हो जाए।
इसके बाद कड़ाही में पहले से तैयार किया गया हरियाली पेस्ट मिलाएं और 2 मिनट तक पकाएं ताकि धनिये और पुदीने का कच्चापन दूर हो जाए। अब इसमें भिगोया हुआ साबूदाना और दरदरी कुटी हुई भुनी मूंगफली डालें। सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद स्वादानुसार सेंधा नमक डालें और आंच को धीमा कर दें। खिचड़ी को धीमी आंच पर 4 से 5 मिनट तक पकने दें। पकाने के दौरान इसे बीच-बीच में चलाते रहना जरूरी है ताकि साबूदाना कड़ाही के तले में चिपके नहीं। जब साबूदाने के दाने पारदर्शी दिखाई देने लगें, तो समझें कि खिचड़ी बनकर तैयार है। अंत में गैस बंद करके नींबू का रस मिलाएं और कटे हुए हरे धनिये से सजाकर सर्व करें।
पोषण और सेहत के लिहाज से क्यों खास है यह डिश
हरियाली साबूदाना खिचड़ी स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखती है। साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत है, जो व्रत में शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है। मूंगफली मिलाने से डिश में प्रोटीन और हेल्दी फैट की अच्छी मात्रा शामिल हो जाती है। वहीं हरा धनिया और पुदीना न केवल स्वाद और ताजगी जोड़ते हैं, बल्कि पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। यह हल्की और सुपाच्य खिचड़ी लंबे समय तक पेट भरा रखती है, जिससे उपवास के दौरान कमजोरी महसूस नहीं होती। यही वजह है कि यह रेसिपी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बेहद पसंद आती है।



















