मीठा खाने का मन कभी भी बना सकता है, इसके लिए कोई तय समय नहीं होता। कभी शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने की इच्छा होती है तो कभी खाना खाने के बाद हल्की मिठास पूरे मूड को अच्छा कर देती है। ऐसे मौकों पर ज्यादातर लोग बाजार से मिठाई खरीद लाते हैं, लेकिन मिलावट और चीनी की ज्यादा मात्रा को लेकर मन में हमेशा शंका बनी रहती है। अगर घर पर ही झटपट और सेहतमंद मिठाई बनाने का विकल्प चाहिए, तो सूजी, दूध और रसोई में मौजूद कुछ आम सामग्री से तैयार होने वाली यह रेसिपी बेहद कारगर साबित हो सकती है। इसमें न मावा चाहिए, न चाशनी बनानी पड़ती है और न ही ओवन की जरूरत होती है। ऊपर से खस्ता और अंदर से नरम बनने वाली यह मिठाई लंबे समय तक स्टोर भी की जा सकती है और चाय-कॉफी के साथ इसका स्वाद और निखर जाता है।
घर पर झटपट तैयार होने वाली मिठाई
जब अचानक घर में मेहमान आ जाएं या बच्चे मीठा खाने की जिद करने लगें, तब कोई आसान रेसिपी सबसे ज्यादा काम आती है। सूजी और दूध से बनने वाली यह मिठाई बहुत कम सामग्री में तैयार हो जाती है और इसका स्वाद किसी महंगी बेकरी के बिस्किट या नारियल कुकी से कम नहीं लगता। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसमें न मावा चाहिए, न चाशनी और न ओवन। यही वजह है कि कम समय और कम खर्च में भी एक शानदार मिठाई तैयार हो जाती है।
क्या-क्या सामग्री चाहिए
इस मिठाई को बनाने के लिए सूजी, इलायची, घी या तेल, नारियल का बुरादा, नमक, खाने वाला सोडा, ठंडा दूध और मैदा या गेहूं का आटा इस्तेमाल किया जाता है। चीनी की मात्रा करीब 1 कप से थोड़ी कम रखनी होती है, जिसे स्वादानुसार घटाया-बढ़ाया जा सकता है। तलने के लिए तेल अलग से चाहिए होता है। इन सभी चीजों का सही अनुपात में मिलना ही इस मिठाई को खास टेक्सचर और स्वाद देता है।
पहला स्टेप, सूजी में इलायची का फ्लेवर घोलना
सबसे पहले मिक्सर जार में सूजी, चीनी और इलायची डालकर इसे अच्छी तरह बारीक पीस लिया जाता है। इस दौरान इलायची का फ्लेवर पूरे मिश्रण में घुल जाता है, जिससे तैयार मिठाई की खुशबू कई गुना बढ़ जाती है।
दूसरा स्टेप, मोयन देना क्यों जरूरी है
पिसे हुए मिश्रण को एक बड़े बर्तन में निकाल लिया जाता है। इसमें घी या तेल, नारियल का बुरादा, नमक और खाने वाला सोडा मिलाया जाता है। इसके बाद हाथों से करीब 4 से 5 मिनट तक इसे अच्छी तरह मसला जाता है। यही मोयन देने की प्रक्रिया है, जो बाद में मिठाई को खस्ता बनाने में मदद करती है।
तीसरा स्टेप, दूध और आटे से डो तैयार करना
अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके ठंडा दूध मिलाया जाता है। शुरुआत में मिश्रण हल्का गीला महसूस होता है, लेकिन सूजी धीरे-धीरे दूध सोख लेती है। इसके बाद मैदा या गेहूं का आटा मिलाकर मुलायम डो तैयार किया जाता है। इस डो को ढककर करीब 30 मिनट के लिए अलग रख दिया जाता है, ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए।
धीमी आंच पर तलने से आता है असली स्वाद
30 मिनट आराम करने के बाद डो को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर मनचाहा आकार दिया जाता है। इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है। तेल गर्म होते ही आंच बिल्कुल धीमी कर दी जाती है और तैयार बॉल्स या बिस्किट को धीरे-धीरे तला जाता है। इन्हें बार-बार पलटने के बजाय धीरे-धीरे सुनहरा होने दिया जाता है। जब ऊपर की सतह पर हल्के क्रैक दिखने लगें और रंग गोल्डन ब्राउन हो जाए, तभी इन्हें बाहर निकाला जाता है। ठंडा होने पर ये बाहर से एकदम कुरकुरे और अंदर से नरम बनते हैं।
ज्यादा मात्रा में बनाकर लंबे समय तक करें स्टोर
अगर एक बार में ज्यादा मात्रा में यह मिठाई बनानी हो, तो यह रेसिपी उसके लिए भी उतनी ही कारगर है। पूरी तरह ठंडा होने के बाद इन्हें एयरटाइट कंटेनर में रख दिया जाता है। सही तरीके से स्टोर करने पर यह कई दिनों तक ताजा बनी रहती है। यही कारण है कि कई लोग इसे बच्चों के टिफिन में, शाम की चाय के साथ या सफर के दौरान स्नैक के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं।
स्वाद बढ़ाने के लिए ये टिप्स आजमाएं
- इलायची को हमेशा सूजी के साथ ही पीसें, इससे खुशबू ज्यादा अच्छी आती है।
- दूध को एक साथ न डालकर धीरे-धीरे मिलाएं।
- डो को कम से कम 30 मिनट जरूर आराम दें।
- तलते समय तेज आंच का इस्तेमाल न करें।
- चाहें तो इसमें कटे हुए बादाम, पिस्ता या किशमिश भी मिलाए जा सकते हैं।











