रोज़ाना आलू, भिंडी या लौकी जैसी एक जैसी सब्जियां खाकर परिवार के लोग अक्सर बोर हो जाते हैं. ऐसे में बारिश के मौसम में बाजार में दिखने वाली कमल गट्टे की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है. यह सब्जी सिर्फ बारिश के सीजन में ही मंडियों और बाजारों में उपलब्ध होती है, और सबसे खास बात यह है कि यह आलू, भिंडी या लौकी के मुकाबले कहीं ज्यादा स्वादिष्ट और झटपट बनने वाली सब्जी है.
सिर्फ बारिश के मौसम में मिलने वाली खास सब्जी
भीलवाड़ा की तम्मना कंवर बताती हैं कि हर घर में यह देखा जाता है कि परिवार के सदस्य रोज़-रोज़ एक जैसी सामान्य सब्जियां खाकर ऊब जाते हैं. बारिश के सीजन में बाजार और मंडी में कमल गट्टे की आवक अच्छी खासी बढ़ जाती है. यह उन गिनी-चुनी सब्जियों में शामिल है जो साल में सिर्फ इसी मौसम में देखने को मिलती है, और यही वजह है कि इसका स्वाद भी लोगों को कुछ नया और अलग अनुभव देता है. हल्के मसालों में तैयार यह सब्जी रोटी, पराठे या चावल किसी के भी साथ आसानी से परोसी जा सकती है, और घर पर इसे बनाने में न तो ज्यादा समय लगता है और न ही ज्यादा मेहनत.
भीलवाड़ा की तम्मना कंवर की आसान रेसिपी
कमल गट्टे की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले कमल गट्टे को अच्छी तरह धोकर पतले गोल टुकड़ों में काट लिया जाता है. इसके बाद एक कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करके उसमें जीरा, हींग और बारीक कटी हरी मिर्च डालकर भूना जाता है. इसके बाद बारीक कटा प्याज डालकर उसे सुनहरा होने तक पकाया जाता है. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट मिलाकर कुछ देर भूनने के बाद कटे हुए टमाटर डाल दिए जाते हैं. जब टमाटर अच्छी तरह गल जाते हैं, तब हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और थोड़ा गरम मसाला डालकर मसालों को अच्छे से पकाया जाता है. इसके बाद कटे हुए कमल गट्टे इसमें डालकर मसालों के साथ अच्छी तरह मिलाया जाता है और जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दिया जाता है. आखिर में ऊपर से हरा धनिया डालकर इसे गर्मागर्म परोसा जाता है.
स्वाद बढ़ाने के दो तरीके
कमल गट्टे की सब्जी का स्वाद हल्का मसालेदार, थोड़ा कुरकुरा और बेहद अलग होता है. इसकी यही खास बनावट इसे दूसरी सामान्य सब्जियों से अलग पहचान देती है. अगर इसमें थोड़ा दही या ताजी मलाई मिलाकर ग्रेवी तैयार की जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. वहीं इसे सूखी सब्जी के रूप में भी बनाया जा सकता है, जो पराठे या पूड़ी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. घर में मेहमान आए हों या सप्ताहांत पर कुछ नया बनाने का मन हो, दोनों ही मौकों पर यह सब्जी सबको पसंद आ सकती है. इसका अनोखा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी को आकर्षित करता है.
स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना
स्वाद के अलावा कमल गट्टा सेहत के लिए भी काफी लाभदायक माना जाता है. इसमें फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. इसके अलावा इसमें विटामिन-सी, विटामिन-बी, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कई जरूरी खनिज मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में सहायक साबित होते हैं. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. यही वजह है कि यह सब्जी सिर्फ जायके के लिए नहीं, बल्कि सेहत के नजरिए से भी बारिश के मौसम में खाने की थाली में शामिल करने लायक मानी जाती है.











